Latest Updates
-
Bhalchandra Sankashti Chaturthi 2026: 6 या 7 मार्च, कब है भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी? जानें शुभ मुहूर्त, महत्व औ -
वरमाला डालते ही अर्जुन ने सानिया चंडोक को लगाया गले, सचिन तेंदुलकर का ऐसा था रिएक्शन, वीडियो वायरल -
बिग बॉस 17 फेम यूट्यूबर अनुराग डोभाल ने की सुसाइड की कोशिश, इंटरकास्ट शादी को लेकर परिवार पर लगाए गंभीर आरोप -
प्रेग्नेंसी में कटहल खाना चाहिए या नहीं? डाइट में शामिल करने से पहले जान लें इसके फायदे-नुकसान -
होली पर पकवान खाकर पेट में जमा हो गई है गंदगी, तो बॉडी डिटॉक्स के लिए इन चीजों का करें सेवन -
Holi Bhai Dooj Katha: होली के बाद भाई दूज क्यों मनाते हैं? जानें भ्रातृ द्वितीया की पौराणिक कथा -
Holi Bhai Dooj 2026 Wishes: माथे की टीका...इन खूबसूरत संदेशों के जरिए अपनों को दें होली भाई दूज की शुभकामनाएं -
होली की रात शारीरिक संबंध बनाना शुभ है या अशुभ? जानें क्या कहते हैं शास्त्र और पौराणिक मान्यताएं -
Holi 2026: होली में ज्यादा पी ली है भांग, तो नशा उतारने के लिए आजमाएं ये घरेलू उपाय -
क्यों जलाई जाती है होलिका और क्यों खेलते हैं रंग? जानें होली से जुड़ी 5 अद्भुत और प्राचीन पौराणिक कहानियां
Devshayani Ekadashi 2024: जुलाई की इस तिथि को चिर निद्रा में चले जाएंगे श्रीहरि, रखा जाएगा देवशयनी एकादशी व्रत
Devshayani Ekadashi 2024 Kab Hai: इस वर्ष देवशयनी एकादशी के दिन चार शुभ योग बन रहे हैं। आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि भगवान जगत के पालनहार विष्णु नारायण चार माह तक निद्रा अवस्था में चले जाते हैं। इस दौरान सभी मांगलिक कार्य पूर्ण रूप से बंद कर दिए जाते हैं।
भगवान श्री हरि के चार माह तक शयन अवस्था में जाने के कारण इसे चातुर्मास के नाम से भी जाना जाता है। चातुर्मास में सभी देवी देवता निद्रा अवस्था में चले जाते हैं और सृष्टि का संचालन भगवान शिव के हाथों में समर्पित कर दिया जाता है।

देवशयनी एकादशी पर व्रत रखकर भगवान विष्णु नारायण की विधि विधान से पूजा अर्चना की जाती है। उनके आशीर्वाद से मोक्ष की प्राप्ति होती है और जाने अनजाने में किए गए पापों से मुक्ति मिलती है। आइए विस्तार पूर्वक जानते हैं देवशयनी एकादशी की तिथि, मुहूर्त, व्रत का पारण, समय और पूजा विधि:
कब है देवशयनी एकादशी 2024?
हिंदू पंचांग के मुताबिक आषाढ़ शुक्ल की एकादशी तिथि 16 जुलाई रात्रि 8:33 पर प्रारंभ होगी और 17 जुलाई रात्रि 9:02 पर समाप्ति होगी। उदया तिथि के मुताबिक देवशयनी एकादशी का व्रत 17 जुलाई दिन बुधवार को रखा जाएगा। इसके कारण चार माह तक कोई भी मांगलिक कार्य नहीं होंगे। इस दौरान शादी विवाह, मुंडन, नामकरण, गृह प्रवेश इत्यादि जैसे सभी शुभ कार्य पूर्ण रूप से बंद रहेंगे।
देवशयनी एकादशी 2024 व्रत पारण कब होगा?
व्रत का पारण 18 जुलाई दिन गुरुवार को किया जाएगा।
देवशयनी एकादशी 2024 पर शुभ संयोग
17 जुलाई को देवशयनी एकादशी की पूजा ब्रह्म मुहूर्त से प्रारंभ की जा सकती है। उस दिन प्रातः काल से ही सर्वार्थ सिद्धि योग बना है जिसमें किए गए संपूर्ण कार्य सफल और सिद्ध साबित होंगे। देवशयनी एकादशी की तिथि पर सर्वार्थ सिद्धि योग, अमृत सिद्धि योग, शुभ योग और शुक्ल योग निर्माण होगा। यह सभी पूजा पाठ और शुभ कार्यों के लिए बहुत ही अच्छा माना जाता है। व्रत के दिन अनुराधा नक्षत्र और पारण वाले दिन जेष्ठ नक्षत्र भी है।
देवशयनी एकादशी पूजा विधि
* सर्वप्रथम ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करके भगवान सूर्य को जल का अर्घ्य दें और स्वच्छ वस्त्र धारण करके मंदिर की साफ सफाई करें।
* इसके पश्चात गणेश जी को दंडवत प्रणाम करें।
* भगवान जगत के पालनहार विष्णु नारायण का पंचामृत सहित गंगाजल से अभिषेक करें।
* अब प्रभु को पीला चंदन और पीले पुष्प अर्पित करें।
* इसके पश्चात मंदिर में घी का दीपक प्रज्वलित करें और विष्णु चालीसा का सच्चे भाव से पाठ करें।
* कोमल मन और श्रद्धा पूर्वक भगवान विष्णु जी की विधिवत आरती करें।
* तुलसीदल सहित मिष्ठान या फल का भोग लगाएं।
* अंतिम में जाने अनजाने में हुई भूल चुक के लिए जगत के पालनहार विष्णु नारायण से क्षमा की प्रार्थना करें।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











