Latest Updates
-
Mother's Day Wishes for Dadi & Nani: मां की भी मां हैं वो; मदर्स डे पर दादी -नानी को भेजें ये अनमोल संदेश -
Himanta Biswa Sarma Net Worth: कितने पढ़े-लिखे हैं असम के CM हिमंता बिस्व सरमा? नेट वर्थ जानकर दंग रह जाएंगे आप -
Thalapathy Vijay Family Tree: क्या है थलापति विजय का असली नाम? जानें उनकी पत्नी, बच्चों और फैमिली के बारे में -
Birthday Wishes For Bhai: मेरी ताकत और बेस्ट फ्रेंड हो तुम, भाई के बर्थडे पर बहन की ओर से ये अनमोल संदेश -
Pulmonary Hypertension: क्या होता है पल्मोनरी हाइपरटेंशन? जानें इसके लक्षण, कारण और इलाज -
PM Modi के 'अंग, बंग और कलिंग' उद्घोष का क्या है अर्थ? जानें कर्ण की धरती से अशोक के शौर्य तक की पूरी कहानी -
आयुर्वेद के अनुसार गर्मियों में आम खाने के पहले जरूर करें ये काम, नहीं होगी शुगर-मोटापा और पिंपल्स की समस्या -
इन 5 लोगों को भूलकर भी नहीं खानी चाहिए लीची, वरना स्वाद सेहत पर पड़ जाएगा भारी -
बच्चों को ऑटिज्म का शिकार बना रही मोबाइल फोन की लत, AIIMS की रिसर्च में हुआ चौंकाने वाला खुलासा -
क्या Thalapathy Vijay दोहरा पाएंगे MGR व जयललिता का इतिहास? वो 4 सितारे जो बने तमिलनाडु के CM
Ganesh Chaturthi Rules: घर ला रहे हैं गणपति बप्पा तो ऐसी मूर्ति न चुनें, जान लें स्थापना से जुड़े बड़े नियम
Ganesh Chaturthi Ganesh Sthapana Rules: सबका पसंदीदा त्यौहार गणेश चतुर्थी अब बस कुछ ही दिन दूर है। गणेश चतुर्थी के दिन से ही 10 दिनों का गणेश उत्सव भी शुरू होता है। इस दिन भक्त गणपति बप्पा को पूरी श्रद्धा और उल्लास के साथ अपने घर लाते हैं और अगले कुछ दिनों तक उनकी सेवा करते हैं।
बड़े बूढ़े बच्चे सभी अपने घर में गणपति की उपस्थिति से भावनात्मक रूप से जुड़ जाते हैं। हालांकि गणपति की किस प्रकार की मूर्ति घर लाई जाए इसका ख़ास ध्यान रखना चाहिए। यदि आप भी इस बार गणपति को अपने घर ला रहे हैं तो उनकी मूर्ति और स्थापना संबंधित इन बातों का ख्याल रखें-

सूंड की दिशा का रखें ध्यान
धार्मिक पुराण के अनुसार भगवान शिव ने नन्हें गणेश के मानव सिर की जगह हाथी का सिर लगाया था तब उनकी सूंड दाहिनी दिशा में थी। सचेत होकर उन्होंने इसी मुद्रा में मां लक्ष्मी को प्रणाम किया था। इसलिए इस बार गणेश चतुर्थी के दिन गणपति की ऐसी मूर्ति ही लाएं जिसकी सूंड दाहिनी दिशा में हो। इससे घर में सुख-शांति का आगमन होगा।
ना लाएं इस प्रतिमा को
जिस गणेश मूर्ति में भगवान गणपति की सूंड बाईं दिशा में हो उसे गलती से भी घर ना लाएं। ऐसी मूरत की घर में स्थापना बुरे प्रभाव डाल सकती है। इसके साथ ही मूर्ति खरीदते वक्त अच्छे से देखें कि वह कहीं से भी टूटी या खंडित ना हो।
स्थापना की दिशा का रखें ध्यान
गणपति की मूर्ति को घर के ईशान कोण में स्थापित करना चाहिए। इसके साथ ही यह ध्यान रखना चाहिए कि उनकी मूर्ति का मुख दक्षिण दिशा में ना हो। गणपति बाप्पा की स्थापना के लिए उत्तर पूर्व दिशा उत्तम होगी।
ना बदले ये चीज़ें
गणेश चतुर्थी के दिन स्थापना के बाद इस बात का ख्याल रखें कि जब तक विसर्जन के लिए मूर्ति वहां से नहीं उठती तब तक एक बार भी सिंहासन ना बदला जाए। साथ ही दीपक जलाने का स्थान भी नहीं बदलना चाहिए। गणेश उत्सव के सभी दिन घर के उसी स्थान पर पूजन करना चाहिए।
बप्पा का रखें ख़ास ख्याल
घर लाए गणपति का बेहद ख़ास ख्याल रखना चाहिए। इस बात का ध्यान रखें कि बप्पा को कभी भी अकेला नहीं छोड़ना चाहिए। रात के समय भी कोई एक पूजा घर में सो सकता है। इसके साथ ही गणपति उत्सव के समय परिवार के सभी सदस्यों को विचार और व्यवहार से शुद्ध, शांत, विनम्र और नैतिक होना चाहिए। तामसिक भोजन और अनैतिक व्यवहार से बिलकुल दूर रहना चाहिए।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications