गंगा मैया की नित्य आरती करने वाले छात्र ने पास की नीट परीक्षा, जानें मां गंगा की उपासना से होने वाले लाभ

इस देश में नदियों को मां की तरह पूजा जाता है। जीवनदायिनी गंगा मैया हर जीव को अपनी संतान की तरह पालती है और उनकी देखभाल करती हैं। मां किसी को निराश नहीं होने देती हैं।

कड़ी मेहनत और माता गंगा के आशीर्वाद से उत्तर प्रदेश के बदायूं के रहने वाले विभू उपाध्याय ने नीट का इम्तिहान पास कर लिया है। उनकी इस सफलता ने सबका ध्यान इसलिए खींचा क्योंकि विभू लंबे समय से गंगा आरती करते आ रहे हैं।

Ganga Aarti Importance: UP Vibhu Upadhyay Regularly Performs Ganga Aarti to Clear NEET Exam

सोशल मीडिया पर मां गंगा के इस लाल की खूब प्रशंसा की जा रही है। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी विभू की इस सफलता से काफी खुश हैं। उन्होंने शुभकामनायें देते हुए विभू की कामयाबी को संस्कारित और अनुशासित बताया।

बचपन से है डॉक्टर बनने का सपना

व‍िभू बचपन से डॉक्‍टर बनने की इच्छा रखते हैं और इसलिए उन्‍होंने नौवीं कक्षा से ही इसकी तयारी शुरू कर दी थीं। विभू ने नीट में 720 में से 622 अंक प्राप्त किये। इस होनहार छात्र ने इस कामयाबी के लिए मां गंगा का धन्यवाद किया। उन्होंने 2019 से मां गंगा की आरती करना शुरू किया था और जब भी समय मिलता है वो इस पवित्र कार्य को करते हैं। उन्होंने आगे भी मां गंगा की आरती करने की इच्छा जाहिर की है।

मां गंगा की आरती से लाभ

माता गंगा शिवजी के मस्तक पर विराजमान हैं। माता गंगा इस धरती पर मनुष्य के कल्याण के लिए ही अवतरित हुई। यह अपने भक्तों पर किसी भी प्रकार की समस्या नहीं आने देती हैं। इनकी आरती से शुभ समाचार की प्राप्ति होती है साथ ही परिश्रम का उचित फल प्राप्त होता है। व्यापार से जुड़े जातकों को भी मां गंगा की आरती करने से लाभ की प्राप्ति होती है। गंगा देवी एक मां की तरह अपने भक्तों के मन की चिंताओं को हर लेती हैं। ऐसा माना जाता है कि सुबह सुबह गंगा मैया की आरती करने से पूरा दिन अच्छा गुजरता है।

Ganga Aarti Importance: UP Vibhu Upadhyay Regularly Performs Ganga Aarti to Clear NEET Exam

यहां पढ़ें मां गंगा की आरती

हर हर गंगे, जय माँ गंगे,
हर हर गंगे, जय माँ गंगे ॥

ॐ जय गंगे माता, मैया जय गंगे माता ।
जो नर तुमको ध्याता, मन वांशित फल पाता ॥
ॐ जय गंगे माता

चन्द्र सी ज्योत तुम्हारी, जल निर्मल आता ।
शरण पड़े जो तेरी, सो नर तर जाता ॥
ॐ जय गंगे माता

पुत्र सगर के तारे, सब जग को ज्ञाता ।
कृपा दृष्टि हो तुम्हारी, त्रिभुवन सुखदाता ॥
ॐ जय गंगे माता

एक बार ही जो तेरी, शरणागति आता ।
यम की त्रास मिटाकर, परम गति पाता ॥
ॐ जय गंगे माता

आरती मात तुम्हारी, जो जान नित्त जाता ।
दास वाही सहज में, मुक्ति को पाता ॥
ॐ जय गंगे माता

ॐ जय गंगे माता, श्री गंगे माता ।
जो नर तुमको ध्याता, मन वांशित फल पाता ॥
ॐ जय गंगे माता।

नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।

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