Latest Updates
-
International Yoga Day 2026: रोजाना योग करने से मिलेंगे ये 10 जबरदस्त फायदे, तन और मन रहेगा स्वस्थ -
Jamai Sasthi 2026: दामाद की लंबी उम्र के लिए रखा जाता है व्रत, जानें जमाई षष्ठी का महत्व और मनाने का तरीका -
5 Minute Protein Masala Omelette Recipe: झटपट बनाएं होटल जैसा टेस्टी और हेल्दी नाश्ता -
Aaj Ka Rashifal 20 June 2026: शनिवार को इन 5 राशियों पर बरसेगी शनिदेव की कृपा, धन लाभ के प्रबल योग -
Restaurant Style Egg Masala Gravy Recipe: घर पर बनाएं होटल जैसा चटपटा अंडा मसाला -
International Yoga Day 2026: नाभि खिसकने पर करें ये 4 योगासन, मिलेगा तुरंत आराम -
कब से शुरू हो रहे हैं श्राद्ध? जानें तिथि, धार्मिक महत्व और पितरों के तर्पण की सही विधि -
जुलाई 2026 में कितने दिन बंद रहेंगे बैंक? यहां देखें स्टेट वाइज छुट्टियों की लिस्ट -
Restaurant Secret Amritsari Kulcha Recipe: घर पर बनाएं बाजार जैसा कुरकुरा कुलचा -
Father's Day 2026: पापा को स्पेशल फील कराने के लिए बेस्ट हैं ये शॉर्ट स्पीच और कविताएं, जो छू लेंगी दिल
Gita Jayanti 2023: जब श्रीकृष्ण ने कुरुक्षेत्र में अर्जुन को दिया था गीता ज्ञान, समझाया था जीवन का सार
Gita Jayanti 2023 Kab Hai: गीता जयंती भगवद गीता के प्रति सम्मान अर्पित करने वाला महत्वपूर्ण त्योहार है। यह पर्व भागवत पुराण के महाभारत के श्रीकृष्ण और अर्जुन के बीच हुए धर्मयुद्ध के समय भगवद गीता का सार्थक पाठ के क्षण को याद करने के रूप में मनाया जाता है। गीता जयंती हर वर्ष मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मनाई जाती है। इस साल यह 22 दिसंबर 2023, शुक्रवार को मनाई जाएगी।
गीता जयंती के दिन लोग भगवद गीता के पाठ का आयोजन करते हैं। इस दिन धार्मिक कार्यक्रम, सत्संग, और ध्यान साधना की जाती है। मंदिरों में भगवद गीता के पाठ का आयोजन होता है और लोग भगवान के प्रति अपना आभार व्यक्त करते हैं।

भगवद गीता में श्रीकृष्ण ने अर्जुन को जीवन के विभिन्न पहलुओं पर विचार करने, कर्म करने, और आत्मा के विषय में उपदेश दिया। इसलिए गीता जयंती एक महत्वपूर्ण धार्मिक त्योहार है जो लोगों को जीवन में कर्म के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करता है। इस लेख के माध्यम से जानते हैं गीता जयंती के इतिहास, महत्व, और उत्सव के बारे में।
गीता जयंती 2023 कब है?
गीता जयन्ती शुक्रवार, दिसम्बर 22, 2023 को मनाई जाएगी।
एकादशी तिथि प्रारम्भ - दिसम्बर 22, 2023 को 08:16 ए एम बजे
एकादशी तिथि समाप्त - दिसम्बर 23, 2023 को 07:11 ए एम बजे
गीता जयंती का इतिहास:
गीता जयंती का संबंध महाभारत युद्ध के समय से है। जब भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को कुरुक्षेत्र के युद्धभूमि पर भगवद गीता का उपदेश दिया था। यह उपदेश सच्चे धर्म, कर्म, और आत्मा के महत्वपूर्ण सिद्धांतों पर आधारित था और अर्जुन को युद्ध में अपने कर्तव्य को समझाने के लिए कहा गया था। अर्जुन अपने ही परिवार के खिलाफ युद लड़ने के प्रति असमंजस की स्थिति में थे उनकी दुविधा को दूर करने के लिए भगवान श्री कृष्ण ने अद्भुत और बहुमूल्य गीता ज्ञान देकर उनका मार्गदर्शन किया। साथ ही उन्होंने सही मायनों में सारथी की भूमिका निभाई।

गीता जयंती का महत्व
गीता जयंती का महत्व विशेष रूप से भगवद गीता के उपदेशों की महत्वपूर्णता को समर्पित करता है। यह त्योहार हमें यह याद दिलाता है कि धर्म और आध्यात्मिकता के माध्यम से ही सच्चा आत्मज्ञान और शांति प्राप्त हो सकती है। गीता जयंती के दिन, लोग गीता के पाठ, स्वाध्याय (स्वयं अध्ययन करना), और उसके महत्वपूर्ण सिद्धांतों को समझने के लिए समर्पित होते हैं। इस दिन गीता का पाठ करके उसे जीवन में आत्मसात करने का प्रयास किया जाता है।
गीता जयंती का उत्सव
गीता जयंती के दिन, मंदिरों में विशेष पूजा आयोजित की जाती हैं जहां भक्तगण भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना करते हैं। भगवद गीता के पाठ का आयोजन, सत्संग, और अन्य धार्मिक उत्सव किये जाते हैं।
इसके अलावा, लोग गीता के शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लेते हैं और उनके मार्गदर्शन में चलते हैं। धार्मिक ग्रंथों के पाठ, सत्कर्म, और सत्संग के माध्यम से लोग गीता जयंती के दिन आत्मा के उद्दीपन का संकल्प लेते हैं। गीता जयंती का उत्सव हमें यह याद दिलाता है कि धर्म, श्रद्धा, और आत्मज्ञान से जुड़ा हुआ जीवन संतुलन और सुख का कारण बन सकता है।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications