Latest Updates
-
Sheetala Saptami 2026: कब है शीतला सप्तमी? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Sheetala Saptami 2026 Wishes: मां शीतला का आशीर्वाद...इन संदेशों के साथ अपनों को दें शीतला सप्तमी की शुभकामना -
मंगलवार को कर लें माचिस की तीली का ये गुप्त टोटका, बजरंगबली दूर करेंगे हर बाधा -
लंच में बनाएं उत्तर प्रदेश की चना दाल कढ़ी, उंगलिया चाटते रह जाएंगे घरवाले -
Gangaur Ke Geet: 'आ टीकी बहू गोराँ ने सोवै'...इन मधुर गीतों के बिना अधूरी है गौरा पूजा, यहां पढ़ें पूरे लिरिक्स -
प्रेगनेंसी के शुरुआती 3 महीनों में भूलकर भी न खाएं ये 5 चीजें, वरना बच्चे की सेहत पर पड़ेगा बुरा असर -
Viral Video: टीम इंडिया की T20 वर्ल्ड कप जीत पर पाकिस्तान में जश्न, काटा केक और गाया 'जन-गण-मन' -
कौन हैं Mahieka Sharma? जिसके प्यार में 'क्लीन बोल्ड' हुए Hardik Pandya, देखें वायरल वीडियो -
कौन हैं Aditi Hundia? T20 वर्ल्ड कप जीत के बाद Ishan Kishan के साथ डांस Video Viral -
काले और फटे होंठों से हैं परेशान? तो पिंक लिप्स पाने के लिए आजमाएं ये घरेलू नुस्खे
Govardhan Puja 2023 Kab Hai: दिवाली के अगले दिन नहीं होगी गोवर्धन पूजा, नोट करें शुभ मुहूर्त
Govardhan Puja 2023 Kab Hai: दीपावली महोत्सव के दौरान ही गोवर्धन पूजा भी मनाया जाता है। दिवाली के अगले दिन आने वाले इस पर्व की हिन्दू धर्म में बहुत महत्ता होती है। कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को गोवर्धन पूजा मनाई जाती है।
गोवर्धन पूजा के इस पर्व को अन्नकूट पूजा भी कहा जाता है। इस दिन गोवर्धन भगवान, श्री कृष्ण और गौ माता की पूजा की जाती है। इस दिन लोग अपने घर के आँगन में या घर के बाहर गाय के गोबर से गोवर्धन पर्वत और गिरधारी श्री कृष्ण की आकृति बनाते हैं और उनकी पूजा करते हैं।

इस दिन भगवान श्री कृष्ण को तरह तरह के व्यंजनों का भोग भी लगाया जाता है। इस वर्ष गोवर्धन पूजा 14 नवंबर को मनाया जाएगा। जानते हैं इस बार की गोवर्धन पूजा का शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि के बारे में विस्तार से -
गोवर्धन पूजा 2023 तिथि
सामान्यतः गोवर्धन पूजा दिवाली के अगले दिन ही मनाई जाती है। लेकिन इस बार सोमवती अमावस्या के कारण गोवर्धन पूजा दिवाली के एक दिन बाद मनाई जाएगी। हिन्दू पंचांग के अनुसार 14 नवंबर को गोवर्धन पूजा मनाई जायेगी।
कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि की शुरुआत 13 नवंबर को दोपहर 02:56 बजे होगी और तिथि का समापन 14 को 02:36 बजे होगा। उदया तिथि को मानते हुए 14 नवंबर को गोवर्धन पूजा मनाई जाएगी।

गोवर्धन पूजा का शुभ मुहूर्त
मंगलवार को गोवर्धन पूजा के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 06:43 बजे से लेकर सुबह 08:52 बजे तक है।
गोवर्धन पूजा विधि
गोवर्धन पूजा के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नानादि करें। इसके बाद शुभ मुहूर्त में गाय के गोबर से गिरिराज गोवर्धन पर्वत की आकृति और श्री कृष्ण की आकृति बनाएं और साथ ही पशुधन यानी गाय, बछड़े आदि की आकृति भी बनाएं। इसके बाद दीपक व धूप-दीप जलाकर इन आकृतियों की विधिवत पूजा करें। भगवान कृष्ण की मूर्ति या प्रतिमा को दूध से स्नान कराने के बाद उनका पूजन करें। इसके बाद उन्हें अन्नकूट और व्यंजनों का भोग लगाएं और परिवार में अन्न और धन की समृद्धि की कामना करें।
गोवर्धन पूजा का महत्व
गोवर्धन पूजा के दिन भगवान गोवर्धन और श्री कृष्ण की पूजा करने से जीवन में आने वाले कष्ट दूर हो जाते हैं। इंद्र के प्रकोप से बचाने के लिए श्री कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी उंगली पर उठाया था और गोकुल वासियों को शरण दी थी। तभी से गोवर्धन पूजा की शुरुआत हुई, यह पूजा प्रकृति के हमारे जीवन में महत्ता को दर्शाती है। इस दिन श्री कृष्ण और गोवर्धन पर्वत की पूजा करने से घर में अन्न की संपन्नता बनी रहती है।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











