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Barawafat 2025 Urdu Shayari : जश्ने आमदे रसूल के मौके पर भेजे ये खास मुबारकबाद, शेयर करें ये पैगाम
Barawafat 2025 Quotes and Shayari in Hindi and Urdu : बारावफात, जिसे 'ईद-ए-मीलाद' या 'मीलादुन्नबी' भी कहा जाता है, इस्लाम धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है। यह दिन पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के जन्म और उनके देहांत दोनों की याद में मनाया जाता है। माना जाता है कि मोहम्मद साहब ने मानवता को सत्य, शांति और इंसानियत का संदेश दिया। इसी कारण यह दिन विश्वभर के मुसलमान समुदायों द्वारा बड़े ही सम्मान और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है।
'बारावफात' नाम का अर्थ है - 'बारा' यानी बारह और 'वफात' यानी इंतकाल। कहा जाता है कि मोहम्मद साहब बारह दिनों तक बीमार रहे और इसी दिन उनका इंतकाल हुआ। इस कारण इस दिन को बारावफात के नाम से जाना जाने लगा।
इस मौके पर रातभर सभाएं होती हैं, जिनमें पैगंबर की शिक्षाओं और उनके जीवन से जुड़े संदेशों को पढ़ा और समझा जाता है। यह भी मान्यता है कि अगर इस दिन मोहम्मद साहब की शिक्षा को सुना और उस पर अमल किया जाए तो आखिरत में स्वर्ग की प्राप्ति होती है।
वर्ष 2025 में बारावफात का पर्व 5 सितंबर, शुक्रवार के दिन मनाया जाएगा। इस खास अवसर पर लोग अपनों के साथ दुआएं, संदेश और शायरियां शेयर करते हैं।

Barawafat or Milad-un-Nabi Shayari in Hindi and Urdu
1. मुबारक मौका अल्लाह ने अता फ़रमाया,
एक बार फिर बंदगी की राह पर चलाया;
अदा करना अपना फ़र्ज़ खुदा के लिए,
ख़ुशी से भरी हो मिलाद-उन-नबी आपके लिए..
बारावफात की मुबारकबाद
2. अल्लाह आपको ईद के
मुक्कदस मोके पर, तमाम
खुशियाँ अता फरमाएँ
और, आपकी इबादत कबूल करें..!!
ईद-ए-मिलाद-उन-नबी मुबारक हो
3. सोचा किसी अपने से बात करूँ,
अपने किसी ख़ास को याद करूँ,
किया जो फैसला ईद मुबारक कहने का,
दिल ने कहा क्यूँ न आपसे शुरुवात करूँ....
!! ईद-ए-मिलाद-उन-नबी मुबारक हो !!
4. आया है आज का दिन ये मुबारक सजी है
रौनकों की महफिल हर तरफ ईद है
उस खुदा का नायाब तोहफा आप सबको हमारी तरफ से..
!! ईद-ए-मिलाद-उन-नबी मुबारक हो !!
5. मदीने में ऐसी फ़िज़ा लग रही है,
की जन्नत की जैसी हवा लग रही है,
मदीने पहुँच कर जमीन को जो देखा,
यह जन्नत का जैसे पता लग रही है...
!! ईद-ए-मिलाद-उन-नबी मुबारक हो !

6. आज है जश्न-ए-मिलाद, दिलों में रौशनी भर दें,
हम सब मिलकर सल्लू अलानबी का जिक्र कर दें।
बारावफात की मुबारकबाद
7. नबी की रहमत का दिन है, सब पे बेशुमार,
आज के दिन फैला है चारों ओर उनका प्यार।
8. सारे आलम में अमन और प्यार का पैगाम फैलाओ,
ईद मिलाद-उन-नबी पर इस्लाम की शान बढ़ाओ।
9. रहमतों का समंदर है, मुहब्बत की रवानी है,आज की ये रात मुबारक,
क्योंकि आज ईद मिलाद-उन-नबी की निशानी है।
10. रहमतों का पैगाम लाए हैं नबी,
इंसानियत का असली अरमान लाए हैं नबी,
ईद-ए-मिलाद-उन-नबी की रौशनी में,
दुनिया में मोहब्बत का ईमान लाए हैं नबी।



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