Happy Ganesh Chaturthi 2025 Sanskrit Wishes : गणेशोत्सव पर अपनों को संस्कृत में भेजें बधाई संदेश और श्लोक

Happy Ganesh Chaturthi 2025 Wishes in Sanskrit : भगवान शिव और देवी पार्वती के पुत्र गणेश का जन्मोत्सव गणेश चतुर्थी पूरे भारत में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। हिंदू धर्म के प्रमुख उत्सवों में से एक यह त्यौहार भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को गणेश के जन्म का प्रतीक है। इस साल गणेश चतुर्थी का पर्व 27 अगस्‍त से शुरू होकर 6 सितंबर तक मनाया जाएगा।

इस त्यौहार को पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाता है, खास तौर पर महाराष्ट्र में। भक्तगण भगवान गणेश की पूजा करते हैं और उनकी पसंदीदा मिठाई मोदक का भोग लगाते हैं। लोग इस खास मौके पर अलग-अलग भाषाओं में शुभकामनाएं भी देते हैं। इस शुभ दिन पर, अपने प्रियजनों के साथ साझा करने के लिए यहां कुछ संस्कृत श्लोक और शुभकामनाएं दी गई हैं, ज‍िन्‍हें शेयर कर आप बप्‍पा का आर्शीवाद प्राप्‍त कर सकते हैं।

Happy Ganesh Chaturthi 2025 Wishes and Quotes in Sanskrit

Happy Ganesh Chaturthi 2025 Wishes in Sanskrit

1. पार्वतीनंदनं शंभोरानंदपरिवर्धनम्। भक्तानंदकारं नित्यं मयूरेशं नमाम्यहम् ॥

2. एकदंत महाकायं लंबोदरगजाननम्। विधनाकारं देवं हेरंबं प्रणमाम्यहम्॥

3. त्रिलोकेश गुणतीत गुणक्षोम नमो नमः। त्रैलोक्यपालं विभो विश्वव्यापिं नमो नमः॥

4. विघ्नेश्वराय वरदाय सुरप्रियाय लंबोदयाय सकलाय जगद्धितयाम। नागन्नाया श्रुतियज्ञविभूषिताय गौरीसुताय गणनाथ नमो नमस्ते॥

5. वक्र तुण्ड महाकाय, सूर्य कोटि समप्रभा। भगवान अविच्छिन्न कुरु में सदैव शुभ कार्य करते हैं।" ॥

6. ओम वक्रतुंड महाकाय सूर्य कोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव, सर्व कार्येषु सर्वदा।" गणेश चतुर्थी शुभेच्छाः!

7. गणेश चतुर्थी पंडगया: तव परिवारस्य सुखं, आनंदं च प्रदस्यति। शुभेच्छा!

8. श्री गणेश चतुर्थी की हार्दिक शुभकामनाएं!

9. गणपत्यः आशीर्वादः तव जीवनं स्वस्थ्यं, स्फूर्तिपूर्णं च करोतु।

10. तव जीवनस्य सर्वे कार्याणि सिद्धिं प्राप्नुयातम।

11. तव जीवनं सुखमयम्, समृद्धिमयम् च स्यात्। गणेश चतुर्थी शुभेच्छाः!

12. भगवान् गणेशः भवतः जीवनं हास्यक्षणैः, उन्मत्तसाहसिकैः, अनिवारणीयैः आनन्दैः च पूरयतु। अयं गणेशचतुर्थी, आवाम् मिलित्वा मैत्रीं, मज्जां, नवीनं आरम्भं च आचरामः

13. यथा वयं बप्पा इत्यस्य हृदयेषु स्वागतं कुर्मः तथा अहं प्रार्थयामि यत् भवतः जीवनस्य प्रत्येका चिन्ता तस्य दिव्यपादयोः अधः मर्दिता भवति तथा च भवन्तः अनन्तस्मितैः आश्चर्यैः च धन्याः भवन्ति

14. गणेशस्य प्रज्ञा भवतः निर्णयान् मार्गदर्शनं करोतु, तस्य बलं च जीवनं भवतः मार्गे यत् किमपि क्षिपति तत् सर्वं जितुम् साहाय्यं करोतु । नवीन आरम्भस्य उत्तमस्पन्दनस्य च जयजयकारः

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