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Muharram 2025, Shayari : इमाम हुसैन की याद में अपनों को भेजें ये खास मुहर्रम शायरी और कोट्स
Muharram Quotes & Wishes 2025 : इस्लामी कैलेंडर का पहला महीना 'मुहर्रम' सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक और रूहानी एहसास है, जो हर साल इंसाफ, ईमानदारी और बलिदान की याद दिलाता है। यह वह महीना है जब इंसानियत के लिए एक ऐसा युद्ध लड़ा गया, जो आज भी पूरी दुनिया को सच्चाई के रास्ते पर चलने की प्रेरणा देता है।
मुहर्रम खुशी का नहीं, ग़म और इबादत का महीना है। यह वह समय है जब पैगंबर मोहम्मद (स.अ.) के छोटे नवासे हजरत इमाम हुसैन (र.अ.) ने इस्लाम की रक्षा के लिए कर्बला के तपते मैदान में अपने पूरे परिवार के साथ शहादत दी। उन्होंने सत्ता, ज़ुल्म और अन्याय के आगे सिर नहीं झुकाया और अपनी कुर्बानी से यह साबित कर दिया कि सच्चाई की राह पर चलने के लिए जान भी देनी पड़े तो पीछे नहीं हटना चाहिए।
मुहर्रम इस्लामी नववर्ष की शुरुआत भी है। इस अवसर पर लोग अपने मुस्लिम भाइयों को दुआओं और शुभकामनाओं भेजकर शहीदों की कुर्बानी को याद करते हैं।

मुहर्रम शायरी 2025 (Muharram Shayari 2025)
1. या हुसैन! तेरी शहादत,है ईमान की शान।
तेरे जैसा बहादुर,दुनिया में कोई नहीं हुआ।
आज भी तेरे अकीदे पर,लाखों लोग चलते हैं।
Muharram Mubarak 2025
2. आज भी तेरे अकीदे पर, लाखों लोग चलते हैं।
या हुसैन! तेरी शहादत, है हमेशा के लिए अमर।
3. मुहर्रम हम सब मिलकर शहीदे कर्बला की याद में
नमाज, मातम और मजलिस में शामिल होते हैं।
या हुसैन! आपकी शहादत ने हमें सिखाया है
कि कैसे तकलीफ में आपने हमें बचाया है।
Youm-E-Ashura
4. कर्बला की रेत पर बिखरी जो हुसैन की लाश,
हर ज़र्रा कह रहा था, हुसैन हम शर्मिंदा हैं।
रूहें भी आज रोईं, हर शब गम में डूबी,
कर्बला की मिट्टी आज भी नम है हुसैन की कुर्बानी से।
Muharram Mubarak 2025
5. मुकद्दस मौके पर दुआ करें..
कि अल्लाह तआला हमारी गलतियों को...
माफ करे और हमें सच्चे मुसलमान बनाए...
सच्चाई की राह में शहीद होना ही सच्ची ज़िंदगी
मुर्रहम मुबारक
6. "या हुसैन! तेरी शहादत, है हमेशा के लिए अमर।
आज भी तेरे अकीदे पर, लाखों लोग चलते हैं।"
7. "लुटा के अपने घर-बार कर्बला में,
हुसैन ने जमाने को इंसानियत का सबक दिया।"
8. मुहर्रम के मौके पर याद करो वो कुर्बानी
जो सिखा गया सही मतलब इस्लाम की
जमाना हुसैन का सर दे के दो जहां की हुकूमत खरीद
ली महंगा पड़ा यजीद को सौदा हुसैन का।
9. जिसने हक के लिए सिर कटाया,
उस हुसैन को सलाम हमारा।
कर्बला की जमीं पे जो लहू बहा, हुसैन का,
उसकी हर बूंद ने, जमाने को रास्ता दिखाया।
Youm-E-Ashura 2025
10. कर्बला की धरती पर, हुसैन का लहू बहा,
सच्चाई की राह में, उन्होंने शहादत पाया।
या हुसैन! तेरी शहादत, हमेशा रहेगी याद,
तेरे ही नक्शे कदम पर, चलेंगे हम सदा।
Youm-E-Ashura 2025
11. हुसैन! आपकी क़ुरबानी की मिसाल नहीं कोई,
आपकी शहादत है, हर मुश्किल में ढाल हमारी।
कर्बला की वीरता, हुसैन ने दिखाई,
सच्चाई की राह में, कभी ना झुके सिर झुकाई।
Muharram Mubarak
12. मुहर्रम का यह पवित्र महीना
हमें कर्बला के शहीदों की याद दिलाता है।
अल्लाह हमें उनकी का पालन करने की तौफीक दे।
मुहर्रम मुबारक
13. इस मुकद्दस मौके पर दुआ करें
कि अल्लाह तआला हमारी गलतियों को
माफ करे और हमें सच्चे मुसलमान बनाए।
सच्चाई की राह में शहीद होना ही सच्ची ज़िंदगी है।
14. कर्बला के शहीदों की कुर्बानी हमें यह सिखाती है
कि सच्चाई की राह पर चलने के लिए हमें
किसी भी कुर्बानी से पीछे नहीं हटना चाहिए।
मुहर्रम मुबारक 2025
मुहर्रम स्टेटस इन हिंदी (Muharram Status in Hindi)
खुदा की मर्जी पर, किया हुसैन ने खुद को कुर्बान
कर्बला की धरती पर, उन्होंने लिख दिया अपना नाम।
या हुसैन! आपके नाम की हमेशा रहेगी धूम,
आपकी शहादत है, हर मुसलमान के लिए महकता फूल।
Youm-E-Ashura
कर्बला के मैदान में हुसैन ने दिया बलिदान,
सच्चाई और इंसाफ के लिए, उन्होंने दिया अपना नाम।
मुहर्रम का मतलब है सच्चाई और इंसानियत के लिए लड़ना।
कर्बला के शहीदों की कुर्बानी को सलाम।
Muharram Mubarak
कर्बला की घटना हमें यह सिखाती है
कि सच्चाई की राह पर चलने के लिए
हमें किसी भी कुर्बानी से पीछे नहीं हटना चाहिए।
मुहर्रम मुबारक
हुसैन की शहादत से जगमगा रही है ज़मीन,
आसमान भी रो पड़ा, उनके लहू के रंग से।
हुसैन के नाम से, है सजी ये दुनिया सारी,
कर्बला की कहानी से, चलती है ये दुनिया प्यारी।
Muharram Mubarak
अल्लाह की राह में, जो कुर्बान हुआ हुसैन,
उनकी शहादत है, हर मुसलमान के लिए नूर।
सच्चाई और इंसाफ के लिए, लड़ा हुसैन ने जंग,
कर्बला के मैदान में, उन्होंने लिख दी इतिहास की नई संग।
मुहर्रम मुबारक
मुहर्रम के इस मौके पर,
हम सब मिलकर कर्बला के शहीदों की याद में झुकते हैं
और उनकी कुर्बानी को याद करते हैं।
अल्लाह हमें उनके रास्ते पर चलने की तौफीक दे।
मुहर्रम मुबारक



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