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Hariyali Teej 2025: कब है हरियाली तीज? पहली बार रख रही हैं व्रत तो रखें इन बातों का ध्यान
Hariyali Teej 2025: हरियाली तीज का पर्व हर वर्ष श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। यह खासकर सुहागन महिलाओं द्वारा अपने पति की लंबी उम्र, सुख-शांति और वैवाहिक समृद्धि के लिए रखा जाने वाला व्रत है। सावन में आने वाले इस व्रत का विशेष महत्व होता है।
यह पर्व खासतौर पर उत्तर भारत में उत्साह, श्रृंगार और भक्ति के साथ मनाया जाता है, जिसमें झूला झूलना, लोक गीत गाना और मेहंदी लगाना भी शामिल होता है। आइए जानते हैं कि साल 2025 में हरियाली तीज कब है और जो महिलाएं पहली बार इस व्रत को रख रही हैं वो इन बातों का रखें ध्यान।
कब है हरियाली तीज?
हरियाली तीज की तारीख को लेकर असमंजस बना हुआ है। बता दें कि इस साल 30 जुलाई 2025 दिन बुधवार को हरियाली तीज मनाई जाएगी। यह पर्व श्रावण मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। यह व्रत खासकर सुहागन महिलाओं के लिए अत्यंत पावन पर्व माना जाता है। वो अपने पति की लंबी आयु के लिए व्रत रखती हैं और सजती-संवरती हैं।

क्या है हरियाली तीज का महत्व?
यह व्रत देवी पार्वती द्वारा भगवान शिव को प्राप्त करने की तपस्या की स्मृति में मनाया जाता है। मान्यता है कि मां पार्वती ने भोले बाबा को पति रूप में पाने के लिए तप किया था। ऐसे में ये व्रत महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखमय वैवाहिक जीवन की कामना के लिए करती हैं। यह सावन के हरे-भरे मौसम में खुशहाली और प्रेम का प्रतीक पर्व है।
हरियाली तीज व्रत और पूजा विधि
1. व्रत रखने वाली महिलाएं सुबह स्नान करके व्रत का संकल्प लें।
2. हरे वस्त्र पहनें, हरे चूड़ी, बिंदी और मेहंदी लगाएं क्योंकि यह हरियाली तीज की पहचान है।
3. सोलह श्रृंगार करें और पूजा की चौकी पर पीले कपड़े को बिछाकर भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमा स्थापना कर विधि-विधान से पूजा करें।
4. देवी को सिंदूर, श्रृंगार का सामान, मिठाइयां अर्पित करें।
5. शाम को कथा सुनें, हरियाली तीज व्रत कथा का पाठ आवश्यक होता है।
6. रात्रि को चंद्रमा देखने के बाद व्रत खोलें। बता दें कि कुछ जगह निर्जला व्रत भी रखा जाता है।

जो पहली बार व्रत रख रही हैं वो ये बातें जरूर जान लें
-. व्रत के एक दिन पहले हल्का भोजन करें।
-. निर्जला व्रत कठिन हो सकता है, डॉक्टर से सलाह लेकर ही रखें।
-. पूजा की थाली में सुहाग का सामान जरूर रखें।
-. हरे रंग के वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है।
-. व्रत के दौरान मन शांत और सकारात्मक रखें।



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