Latest Updates
-
शाम 7 बजे के बाद गलती से भी मत करना ये 5 काम, बढ़ता है हार्ट अटैक का रिस्क -
बिना मारे चूहों को घर से भगाने का देसी तरीका! आटे में मिलाकर रख दें ये एक चीज, फिर कभी नहीं आएंगे नजर -
Pahadi Crispy Snack Singal Recipe: घर पर बनाएं उत्तराखंड का पारंपरिक और कुरकुरा स्वाद -
कौन हैं पंकज त्रिपाठी के भाई बिजेंद्र नाथ तिवारी? आखिर क्यों हुआ जानलेवा हमला, गंभीर हालत में AIIMS में भर्ती -
Swapna Shastra: सपने में किन्नर को देखना होता है शुभ और अशुभ संकेत? जानिए इसका मतलब -
Cooling Summer Lunch Curd Rice Recipe: गर्मियों में पेट को ठंडक देने वाली सबसे आसान रेसिपी -
काले धब्बों वाले प्याज खाना चाहिए या नहीं? सेहत पर क्या होगा असर, यहां जानें इसका सही जवाब -
Ambubachi Mela 2026: कामाख्या मंदिर में शुरू हुआ अंबुबाची मेला, 3 दिनों तक बंद रहेंगे कपाट, जानें इसका महत्व -
Soft Dahi Paratha Recipe: घर पर बनाएं एकदम नरम और स्वादिष्ट दही का पराठा -
Aaj Ka Rashifal 22 June 2026: सोमवार को इन 5 राशियों पर बरसेगी महादेव की कृपा, धन लाभ के प्रबल योग
June Festival Calendar 2023: जून माह में होगी जगन्नाथ यात्रा, वहीं देवशयनी एकादशी के साथ विष्णु करेंगे विश्राम
हिन्दू पंचांग में हर माह धार्मिक रूप से ज़रूरी और ख़ास होता है। हर महीने में कुछ ख़ास त्यौहार और व्रत आते हैं जिनका पालन भक्तगण पूरे विधि विधान से करते हैं।
कुछ दिनों पहले से ही पूरे महीने में आने वाले व्रत त्यौहार की तिथियों के बारे में जान लेने से उनकी तैयारियां बेहतर ढंग से हो पाती है। जून का महीना शुरू होने को है। जानते हैं इस वर्ष 2023 के जून माह में आने वाले प्रमुख व्रत त्यौहार की तिथियों के बारे में -

1 जून 2023 - प्रदोष व्रत (शुक्ल), राम लक्ष्मण द्वादशी
हिंदू धर्म में द्वादशी का अपना विशेष महत्व है। द्वादशी के दिन ही एकादशी का व्रत समाप्त होता है। जून की पहली तारीख को हो भगवान शिव को समर्पित प्रदोष व्रत रखा जाएगा तो वहीं इस दिन राम लक्ष्मण द्वादशी भी मनाई जाएगी।
3 जून 2023 - वट पूर्णिमा व्रत
जून महीने में भी वट सावित्री व्रत रखा जाता है। यह ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा तिथि को पड़ती है। पंचांग के अनुसार जेठ महीने के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि 3 जून को सुबह 11 बजकर 16 मिनट से शुरू होगा और समापन 4 जून 2023 को सुबह 9 बजकर 11 मिनट पर होगा। इस बार वट सावित्री व्रत 2023 शनिवार, 3 जून को मनाया जाएगा।
4 जून 2023 - ज्येष्ठ पूर्णिमा व्रत
पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा 4 जून को होगी। हिंदू कैलेंडर के अनुसार, चैत्र और बैसाख के बाद तीसरा महीना ज्येष्ठ का होता है। इस दिन भगवान विष्णु और शिवजी की पूजा की जाती है।
4 जून 2023- संत कबीर जयंती
ऐसा माना जाता है कि ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा तिथि को ही कबीर दस जी का जन्म हुआ था। इस साल कबीर जयंती 4 जून को मनाई जाएगी।
7 जून 2023 - संकष्टी चतुर्थी
ज्येष्ठ महीने के बाद आषाढ़ का महीना शुरू हो जायेगा। आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखा जाता है। इस दिन गणपति भगवान की विशेष पूजा अर्चना की जाती है।
10 जून 2023 - कालाष्टमी
कालाष्टमी प्रत्येक माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को पड़ता है। यह तिथि काल भैरव को समर्पित मानी जाती है। इस दिन भगवान शिव के भैरव रूप की पूजा की जाती है।
14 जून 2023 - योगिनी एकादशी
आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को योगिनी एकादशी कहते हैं। साल 2023 में योगिनी एकादशी का व्रत 14 जून बुधवार को रखा जायेगा। माना जाता है कि इस व्रत को करने वाले जातकों को अपने किए पापों से मुक्ति मिल जाती है।
15 जून 2023 - प्रदोष व्रत (कृष्ण), मिथुन संक्रांति
15 जून को प्रदोष व्रत रखा जाएगा। साथ ही इस दिन सूर्य देव वृषभ राशि से निकलकर मिथुन राशि में प्रवेश कर जाएंगे। यही वजह है कि यह तिथि मिथुन संक्रांति कहलाती है। इस दिन सूर्य देव की उपासना करनी चाहिए।
16 जून 2023 - मासिक शिवरात्रि
हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि के दिन भगवान शिव को समर्पित शिवरात्रि व्रत रखा जाता है। आषाढ़ महीने की मासिक शिवरात्रि व्रत 16 जून 2023, शुक्रवार को रखा जाएगा।
20 जून 2023 - जगन्नाथ रथ यात्रा
साल 2023 में रथ यात्रा का उत्सव 20 जून, मंगलवार के दिन मनाया जायेगा। जगन्नाथ रथ यात्रा बहुत महत्वपूर्ण मानी जाती है। आस्था और चमत्कार से जुड़ा यह उत्सव ओडिशा में मनाया जाता है।
28-29 जून 2023 - ईद-अल-अज़हा
बकरीद को ईद उल-अधा या ईद-अल-अज़हा के नाम से भी जाना जाता है। भारत में ईद-अल-अज़हा 28-29 जून को मनाई जाएगी।
29 जून 2023 - देवशयनी एकादशी, गौरी व्रत
2023 में देवशयनी एकादशी मंगलवार, 29 जून 2023 को है। आषाढ़ पूर्णिमा की ग्यारहवीं तिथि को देवशयनी एकादशी मनाई जाती है। पौराणिक मान्यता के अनुसार इस एकादशी पर भगवान विष्णु अगले चार महीनों के लिए शयनावस्था में चले जाते और क्षीर सागर में विश्राम करते हैं। इस साल 29 जून से ही गौरी व्रत रखा जाएगा।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications