Latest Updates
-
AC कोच बना 'हनीमून सुइट', फूलों-गुब्बारों से सजाया ट्रेन का डिब्बा, वायरल हुआ वीडियो, जानें रेवले के नियम -
Kiara Advani ने यश संग 'तबाही' में दिए दिए इंटीमेट सीन, जानें कैसे शूट किए जाते हैं बोल्ड सीन? -
एक्टर राजेश शर्मा को जहरीले कीड़े ने काटा, हालत नाजुक, जानें मानसून में क्यों बढ़ता है सांप कीड़ों का खतरा -
Yogini Ekadashi 2026: कब रखा जाएगा योगिनी एकादशी का व्रत? इस दिन भूलकर भी न करें ये 5 काम -
Varalakshmi Vrat 2026: सावन के आखिरी शुक्रवार को करें ये 5 उपाय, मां लक्ष्मी बरसाएंगी धन-दौलत -
पंजाब की पहली महिला ड्राइवर और पायलट थीं शेफ विकास खन्ना की मां बिंदु खन्ना, राजीव गांधी के साथ ली थी ट्रेनिंग -
बारिश के मौसम में भूलकर भी फ्रिज में न रखें ये 5 फल, सेहत को हो सकता है नुकसान -
Sapne Me Aam Dekhna: सपने में आम दिखना शुभ या अशुभ? जानें इसका मतलब -
अब WhatsApp पर ही आसानी से बनवा सकते हैं आयुष्मान कार्ड, जानें स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस -
Birthday Special: पड़ोसन को घर से भगा ले गए थे सौरव गांगुली, फिर दोबारा करनी पड़ी थी शादी
Dhanteras 2025: धनतेरस पर कितने दीये जलाएं और कहां-कहां रखें? जानें यम दीप का खास महत्व
Dhanteras 2025: धनतेरस इस साल 18 अक्टूबर को है। हर साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को धनतेरस का त्योहार मनाया जाता है। यह दीपावली की शुरुआत का प्रतीक होता है। इस दिन भगवान धन्वंतरि, कुबेर देव और माता लक्ष्मी की पूजा का विशेष विधान होता है। लोग इस दिन सोना, चांदी, बर्तन या अन्य मूल्यवान वस्तुएं खरीदते हैं ताकि घर में लक्ष्मी जी का वास बना रहे।
धनतेरस की शाम को यमराज को भी याद किया जाता है और उनके नाम का एक दीया जलाया जाता है, जिसे यम दीप कहा जाता है। धनतेरस के दिन से ही दीप जलाना भी प्रारंभ हो जाता है और जो अगले 5 दिनों तक जलाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन 'यम दीप' जलाने से मृत्यु और अकाल के भय से रक्षा होती है और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। यम दीप को लगातार पांच दिन तक बुझने न देना शुभ माना जाता है।

धनतेरस पर कितने दीए जलाने चाहिए?
धनतेरस के दिन कुल 13 दीए जलाना शुभ माना जाता है।
पहला दीया
धनतेरस की शाम जब सभी परिवारजन घर लौट आएं, तो घर के बाहर दक्षिण दिशा की ओर मुंह करके पहला दीया कचरे के पास जलाएं। यह दीया यमराज को समर्पित होता है और अकाल मृत्यु के भय को दूर करता है।
दूसरा दीया
दूसरा दीपक घी का जलाकर पूजा घर में रखें। इसमें एक चुटकी केसर डालें। ऐसा करने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और घर में धन-धान्य की वृद्धि होती है।
तीसरा दीया
तीसरा दीपक मुख्य द्वार पर रखा जाता है। यह परिवार को नजर दोष से बचाता है और घर में प्रेम व सौभाग्य बढ़ाता है।
चौथा दीया
चौथा दीपक तुलसी के पौधे के पास रखें। तुलसी माता घर में शुद्धता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती हैं। इससे घर में खुशहाली बनी रहती है।
पांचवां दीया
पांचवा दीपक घर की छत पर जलाएं। यह दीपक घर की सुरक्षा का प्रतीक है और सभी नकारात्मक शक्तियों को दूर करता है।
छठा दीया
छठा दीपक सरसों के तेल का होना चाहिए और इसे पीपल के पेड़ के नीचे जलाएं। माना जाता है कि ऐसा करने से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां और आर्थिक संकट दूर होते हैं।
सातवां दीया
सातवां दीपक नजदीकी मंदिर में जलाएं। यह दीया भगवान को समर्पित होता है और धार्मिक आस्था को प्रबल बनाता है।
आठवां दीया
आठवां दीपक कूड़े के पास रखें ताकि घर की नकारात्मक ऊर्जा बाहर निकल जाए और वातावरण पवित्र बना रहे।
नौवां दीया
नौवां दीपक बाथरूम के बाहर जलाएं। यह दीपक घर के चारों ओर सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखता है।
दसवां दीया
दसवां दीपक खिड़की पर रखें। यह शुभता का प्रतीक है और घर में रोशनी व सौभाग्य लाता है।
ग्यारहवां दीया
ग्यारहवां दीपक छत पर रखा जाता है ताकि पूरे घर में उत्सव और आनंद का माहौल बना रहे।
बारहवां दीया
बारहवां दीपक बेल के पेड़ के नीचे जलाएं। इससे जीवन में स्थिरता और धन की वृद्धि होती है।
तेरहवां दीया
तेरहवां दीपक घर के चौराहे पर जलाएं। यह पूरे परिवार के कल्याण और सुरक्षा का प्रतीक है।
क्यों जलाते हैं यम दीप?
धनतेरस की शाम यमराज के नाम का दीपक जलाने की परंपरा बहुत प्राचीन है। यह दीपक भाई दूज तक लगातार पांच दिनों तक जलता रहना चाहिए और इसका मुख दक्षिण दिशा की ओर होना चाहिए। माना जाता है कि यम दीप जलाने से अकाल मृत्यु का भय दूर होता है, घर से नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है और मृत्यु के बाद नरक जाने से भी बचा जा सकता है।
यम दीपदान का मंत्र
यम दीपदान करते समय एक विशेष मंत्र का उच्चारण करना चाहिए। इससे यमराज प्रसन्न होते हैं और घर में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है।
मृत्युनाऽ पाशहस्तेन कालेन भार्या सह।
त्रयोदशीं दीपदानात् सूर्यजः प्रीयतामिति॥



Click it and Unblock the Notifications