Latest Updates
-
लंबे समय तक बैठे रहने से रीढ़ की हड्डी को पहुंचता है नुकसान, डॉक्टर ने बताया इतने घंटे में ब्रेक जरूरी -
Imran Khan Net Worth: भारत छोड़ने के आदेश के बाद इमरान खान की संपत्ति का क्या होगा? जानें कितनी है नेटवर्थ -
ग्रेटर नोएडा के इस गांव में आज भी होती है रावण की पूजा, दशहरे पर दहन बल्कि शोक मनाते हैं लोग -
Shardiya Navratri 2026 Day 6: नवरात्रि के छठे दिन करें मां कात्यायनी की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग और आरती -
National Boss Day 2026 Wishes: कभी गाइड करते...बॉस डे पर अपने बॉस का दिल से कहें शुक्रिया, भेजें ये खास संदेश -
क्रिएटिनिन क्या होता है? जानें स्वस्थ किडनी के लिए क्रिएटिनिन का नॉर्मल लेवल कितना होना चाहिए -
Durga Puja Pandals in Delhi NCR: ये हैं दिल्ली-एनसीआर के टॉप 10 दुर्गा पूजा पंडाल, इस नवरात्रि जरूर करें दर्शन -
बारिश में बाल झड़ना कैसे रोकें: कारण, देखभाल और जरूरी पोषक तत्व -
Ashtami Navami 2026 Date: अष्टमी और नवमी कब है? जानें सही तिथि, कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त और महत्व -
Global Handwashing Day 2026: इस बार किस थीम के साथ मनाया जा रहा है यह दिन? जानें हाथ धोने का सही तरीका
पीरियड्स में सावन सोमवार का व्रत रखें या नहीं? जानें महिलाओं के सवालों के जवाब
Sawan Fast During Periods: सावन के महीने में भोले बाबा की पूजा की जाती है। महिलाएं हों या पुरुष सभी श्रद्धा भाव से भोले बाबा की पूजा करते हैं और व्रत रखते हैं। महिलाएं बड़े श्रद्धा-भाव से व्रत रखती हैं, शिवलिंग पर जल चढ़ाती हैं और प्रार्थनाएं करती हैं। लेकिन हर साल सावन आते ही महिलाओं को इस बात की चिंता सताने लगती है कि पीरियड्स आ गए तो उनका सावन सोमवार का व्रत पूरा होगा या नहीं? वो व्रत के दौरान शिवलिंग पर जल चढ़ा सकती हैं या नहीं? पूजा कर सकती हैं या नहीं?
मंदिर जा सकती हैं या नहीं? बता दें कि यह विषय सिर्फ धार्मिक आस्था से नहीं जुड़ा, बल्कि इसमें स्वास्थ्य, समाज और बदलती सोच की भी बड़ी भूमिका है। आइए जानते हैं व्रत रख सकते हैं या नहीं अगर रख सकते हैं तो कैसे करें पूजा?

धार्मिक मान्यता क्या कहती है?
परंपरागत हिन्दू मान्यताओं के अनुसार, मासिक धर्म के दौरान महिलाएं पूजा-पाठ, मंदिर प्रवेश या व्रत आदि से दूर रहती हैं। इस दौरान उन्हें कई प्रकार के काम करने की मनाही होती है। इसका मुख्य कारण शुद्ध-अशुद्ध की अवधारणा रही है, जिसमें पीरियड्स को अशुद्ध माना जाता था।

विशेष रूप से प्राचीन काल में जब सैनिटेशन की सुविधाएं नहीं थीं, तब यह एक सुरक्षा और विश्राम का नियम भी था। हालांकि, शिव पुराण या किसी वेद में सीधे तौर पर यह नहीं लिखा गया है कि महिलाएं व्रत नहीं रख सकतीं। यह सामाजिक परंपराओं और व्याख्याओं पर अधिक आधारित है।

पीरियड्स के दौरान व्रत रखने के नियम
अगर सावन के व्रत के दौरान महिलाओं को पीरियड्स आ गए हैं तो वो व्रत तो रख सकती हैं लेकिन कुछ नियमों का उन्हें पालन करना होगा। दरअसल पहले और आज के समय की सोच में काफी बदलाव आए हैं। पहले कहा जाता था कि पीरियड्स में व्रत नहीं रखने चाहिए लेकिन अब सोच में परिवर्तन आया। चलिए फिर मासिक धर्म के दौरान व्रत रखने के नियम भी जान लेते हैं।
सुबह उठकर स्नान आदि करें और साफ-सुथरे कपड़े पहनें।
पीरियड्स के दौरान महिलाएं मंदिर के अंदर नहीं जा सकतीं ऐसे में वो दूर से ही भगवान के दर्शन कर लें।
पीरियड्स के दौरान महिलाओं का शिवलिंग पर जल चढ़ाना वर्जित होता है, मगर वो मन ही मन जाप कर सकती हैं।
पीरियड्स के दौरान महिलाएं चाहें तो व्रत न रखें या फिर फलाहार कर सकती हैं।



Click it and Unblock the Notifications
