Latest Updates
-
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज पर हाथों में लगी मेहंदी का चाहती हैं डार्क कलर, तो आजमाएं ये 4 आसान टिप्स -
Modak Recipe: गणेश चतुर्थी पर बप्पा के लिए घर पर बनाएं उनके प्रिय उकडिचे मोदक, जानें इसकी आसान रेसिपी -
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज का व्रत कब है? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व -
ना मूर्ति, ना पुजारी, सूर्यास्त के बाद एंट्री भी मना, जानिए फिल्म 'The Vvaan' वाले वन देवी मंदिर का रहस्य -
नेपाल में बाढ़ के बाद भूकंप, इंडोनेशिया में फटा ज्वालामुखी, क्या बाबा वेंगा की भविष्यवाणी हुई सच? -
Pithori Amavasya 2026: आज या कल, पिठोरी अमावस्या कब है? जानें सही तारीख, स्नान-दान का शुभ मुहूर्त और महत्व -
World Suicide Prevention Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस? जानें इसका इतिहास और महत्व -
तांबे के बर्तन में पानी पीने से मिलेंगे ये 5 फायदे, डायजेशन के साथ इम्यूनिटी भी होगी मजबूत -
Ganesh Chaturthi 2026: कब है गणेश चतुर्थी? जानें तिथि, गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त और विसर्जन की तारीख -
कौन हैं 'हनुमान अंश' की 21 साल की प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर? विदेश की नौकरी छोड़ बनाई ब्लॉकबस्टर फिल्म
पीरियड्स में सावन सोमवार का व्रत रखें या नहीं? जानें महिलाओं के सवालों के जवाब
Sawan Fast During Periods: सावन के महीने में भोले बाबा की पूजा की जाती है। महिलाएं हों या पुरुष सभी श्रद्धा भाव से भोले बाबा की पूजा करते हैं और व्रत रखते हैं। महिलाएं बड़े श्रद्धा-भाव से व्रत रखती हैं, शिवलिंग पर जल चढ़ाती हैं और प्रार्थनाएं करती हैं। लेकिन हर साल सावन आते ही महिलाओं को इस बात की चिंता सताने लगती है कि पीरियड्स आ गए तो उनका सावन सोमवार का व्रत पूरा होगा या नहीं? वो व्रत के दौरान शिवलिंग पर जल चढ़ा सकती हैं या नहीं? पूजा कर सकती हैं या नहीं?
मंदिर जा सकती हैं या नहीं? बता दें कि यह विषय सिर्फ धार्मिक आस्था से नहीं जुड़ा, बल्कि इसमें स्वास्थ्य, समाज और बदलती सोच की भी बड़ी भूमिका है। आइए जानते हैं व्रत रख सकते हैं या नहीं अगर रख सकते हैं तो कैसे करें पूजा?

धार्मिक मान्यता क्या कहती है?
परंपरागत हिन्दू मान्यताओं के अनुसार, मासिक धर्म के दौरान महिलाएं पूजा-पाठ, मंदिर प्रवेश या व्रत आदि से दूर रहती हैं। इस दौरान उन्हें कई प्रकार के काम करने की मनाही होती है। इसका मुख्य कारण शुद्ध-अशुद्ध की अवधारणा रही है, जिसमें पीरियड्स को अशुद्ध माना जाता था।

विशेष रूप से प्राचीन काल में जब सैनिटेशन की सुविधाएं नहीं थीं, तब यह एक सुरक्षा और विश्राम का नियम भी था। हालांकि, शिव पुराण या किसी वेद में सीधे तौर पर यह नहीं लिखा गया है कि महिलाएं व्रत नहीं रख सकतीं। यह सामाजिक परंपराओं और व्याख्याओं पर अधिक आधारित है।

पीरियड्स के दौरान व्रत रखने के नियम
अगर सावन के व्रत के दौरान महिलाओं को पीरियड्स आ गए हैं तो वो व्रत तो रख सकती हैं लेकिन कुछ नियमों का उन्हें पालन करना होगा। दरअसल पहले और आज के समय की सोच में काफी बदलाव आए हैं। पहले कहा जाता था कि पीरियड्स में व्रत नहीं रखने चाहिए लेकिन अब सोच में परिवर्तन आया। चलिए फिर मासिक धर्म के दौरान व्रत रखने के नियम भी जान लेते हैं।
सुबह उठकर स्नान आदि करें और साफ-सुथरे कपड़े पहनें।
पीरियड्स के दौरान महिलाएं मंदिर के अंदर नहीं जा सकतीं ऐसे में वो दूर से ही भगवान के दर्शन कर लें।
पीरियड्स के दौरान महिलाओं का शिवलिंग पर जल चढ़ाना वर्जित होता है, मगर वो मन ही मन जाप कर सकती हैं।
पीरियड्स के दौरान महिलाएं चाहें तो व्रत न रखें या फिर फलाहार कर सकती हैं।



Click it and Unblock the Notifications
