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Bhagwan Jagannath Ji Mantra: जगन्नाथ जी को इन मंत्रों से करें प्रसन्न और पाएं उनकी असीम कृपा
Bhagwan Jagannath Ji Mantra: भगवान जगन्नाथ सबके प्रिय हैं। हर साल उड़ीसा के पुरी शहर में निकलने वाली प्रसिद्ध रथ यात्रा उन्हें अपने भक्तों के और करीब ले आती है।
लोग इस रथ यात्रा की तैयारी के लिए कई महीनों पहले से ही जुट जाते हैं। हर भक्त अपने भगवान के लिए किसी न किसी रूप में योगदान देना चाहता है ताकि जब वो शहर भ्रमण के लिए निकलें तो किसी तरह की कोई कमी न हो।

पंचांग के अनुसार, आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया के दिन भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा शुरू होती है। भगवान जगन्नाथ अपने बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ रथों पर सवार होकर पुरी के धाम से निकलकर अपनी मौसी के यहां गुण्डीचा मंदिर पहुंचते हैं। भगवान जगन्नाथ सात दिन तक यहां विश्राम करते हैं और फिर अपने धाम लौट जाते हैं।
लोगों की आस्था है कि रथ यात्रा के दर्शन मात्र से जीवन के सभी कष्टों से मुक्ति मिल जाती है। वहीं जो सौभाग्यशाली भक्त इस रथ को खींचते हैं उन्हें सौ यज्ञों के बराबर पुण्य की प्राप्ति होती है। भगवान जगन्नाथ की कृपा पाने के लिए कुछ मंत्र भी बताये गए हैं जिनके जाप से शुभ फल की प्राप्ति होती है। रथ यात्रा के दौरान इनका पाठ करने से विशेष कृपा प्राप्त होती है।

भगवान जगन्नाथ की कृपा पाने के लिए मंत्र
नीलांचल निवासाय नित्याय परमात्मने।
बलभद्र सुभद्राभ्याम् जगन्नाथाय ते नमः।।
भगवान जगन्नाथ का देवाधिदेव मंत्र - ऊँ देवादिदेव जगन्नाथाय नम:
भगवान जगन्नाथ का अनंत रूप मंत्र - ऊँ अनंताय जगन्नाथाय नम:
भगवान जगन्नाथ का नारायण मंत्र - ऊँ नारायण जगन्नाथाय नम:
भगवान जगन्नाथ का चतुर्भुज मंत्र- ऊँ चतुमूर्ति जगन्नाथाय नम:
भगवान जगन्नाथ का विष्णु मंत्र - ऊँ विष्णवे जगन्नाथाय नम:
भगवान जगन्नाथ का विश्वरूप मंत्र - ऊँ विश्वमूर्तये जगन्नाथाय नम:
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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