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Janmashtami Chand Kab Niklega 2025: जन्माष्टमी पर कब होगा चंद्र दर्शन? जानें आपके शहर में चंद्रोदय का समय
Janmashtami Chand Kab Niklega 2025: भाद्रपद मास की कृष्ण अष्टमी को भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव पूरे देश में भक्ति और उल्लास के साथ मनाया जाता है। इस दिन व्रत रखने वाले भक्त पूरे दिन जल और अन्न का त्याग करते हैं और रात में पूजा-पाठ के बाद चंद्रमा के दर्शन कर व्रत का समापन करते हैं। इस दिन भगवान कृष्ण का जन्म और उनके साथ-साथ चंद्र दर्शन का भी विशेष महत्व है। मान्यता है कि जन्माष्टमी के दिन चंद्र दर्शन किए बिना व्रत अधूरा माना जाता है। कहा जाता है कि चांद की पूजा करने से जीवन में सुख-शांति और खुशहाली आती है।
इसलिए चंद्रोदय का समय हर भक्त के लिए बेहद खास होता है। इसी वजह से लोग रात भर चांद का इंतजार करते हैं, ताकि व्रत खोलने से लेकर भगवान का जन्मोत्सव मनाने तक हर कार्य शुभ मुहूर्त में हो सके। आइए जानते है कि इस बार चंद्रोदय का समय आपके शहर में क्या है साथ ही चंद्र पूजा का महत्व और कैसे खोलें व्रत?

चंद्रमा की पूजा का क्या है महत्व
जन्माष्टमी के दिन कृष्ण भक्त व्रत रखते हैं और पूजा-पाठ करते हैं। रात को चंद्रमा देख और उसकी पूजा कर व्रत खोला जाता है। यही वजह है कि इस दिन चंदा मामा भी नखरे दिखाते हैं और और देर से निकलते हैं। हिंदू धर्म में, चांद की पूजा का विशेष महत्व है, खासकर संकष्टी चतुर्थी या सकट चौथ और करवाचौथ के दौरान। हालांकि जन्माष्टमी व्रत में अलग-अलग लोगों के अलग-अलग रीति-रिवाज होते हैं। कुछ चांद देखकर उसकी पूजा करते हैं और व्रत खोलते हैं तो कुछ रात 12 बजे के बाद कान्हा जी की पूजा-आरती कर व्रत खोल लेते हैं। जो लोग चांद देखकर व्रत खोलते हैं वो जान लें कब निकलेगा चांद?
2025 में जन्माष्टमी पर कब निकलेगा चांद? (Chand Kab Niklega)
इस बार जन्माष्टमी 16 अगस्त 2025 दिन शनिवार को मनाई जाएगी। जो लोग चांद देखकर व्रत खोलते हैं वो जान लें कि जन्माष्टमी के दिन चांद निकलने का समय जन्माष्टमी की रात 11:32 है। पूरे देश के बड़े शहरों में इसी के आसपास चंद्रोदय का समय रहेगा। कई शहरों में चंद्रमा के दर्शन कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकते हैं, लेकिन अधिकतर स्थानों पर रात 11:30 बजे के बाद चांद दिखने की संभावना है।
जानें आपके शहर में कब निकलेगा चांद?
दिल्ली रात 11:35 बजे
मुंबई रात 11:55 बजे
कोलकाता रात 10:45 बजे
चेन्नई रात 11:40 बजे
भोपाल रात 11:30 बजे
लखनऊ रात 11:20 बजे
जयपुर रात 11:25 बजे
अहमदाबाद रात 11:45 बजे
पटना रात 10:50 बजे
हैदराबाद रात 11:50 बजे
चंडीगढ़ रात 11:28 बजे
पुणे रात 11:53 बजे
गुवाहाटी रात 10:35 बजे
श्रीनगर रात 11:15 बजे
इंदौर रात 11:40 बजे

व्रत खोलने की विधि
शास्त्रों में कहा गया है कि जन्माष्टमी पर चंद्र दर्शन और भगवान श्रीकृष्ण की पूजा से जीवन में सुख-समृद्धि आती है और पापों का नाश होता है। चंद्रमा को अर्घ्य देने से मानसिक शांति और सौभाग्य प्राप्त होता है। ऐसे में इस पूजा विधि को फॉलो कर आप अपने व्रत को खोलें
- चंद्रोदय समय से पहले पूजा स्थान को साफ करें और भगवान श्रीकृष्ण का जलाभिषेक करें।
- ताजे फूल, माखन-मिश्री, तुलसी दल और पंचामृत का भोग लगाएं।
- चंद्रोदय के बाद चंद्रमा को अर्घ्य दें और दर्शन करें।
- अब प्रसाद ग्रहण कर व्रत का समापन करें।



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