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Jitiya Ke Lokgeet 2024: इन गीतों के बिना अधूरा है जिउतिया पर्व, यहां देखें पारंपरिक जितिया के लिरिक्स
Jitiya Geet Lyrics in Hindi: जितिया व्रत, जिसे जीवित्पुत्रिका व्रत भी कहा जाता है, मुख्य रूप से बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड और नेपाल में मनाया जाता है। यह व्रत माताओं द्वारा अपने पुत्रों की लंबी उम्र, स्वास्थ्य और समृद्धि के लिए किया जाता है। यह पर्व अश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रखा जाता है और तीन दिनों तक चलता है।
व्रत की शुरुआत 'नहाय-खाय' से होती है, जिसमें माताएं पवित्र नदी या तालाब में स्नान कर सात्विक भोजन करती हैं। अगले दिन निर्जला व्रत (बिना अन्न और जल ग्रहण किए) रखा जाता है, जो अत्यंत कठोर माना जाता है। तीसरे दिन पारण के साथ व्रत का समापन होता है।

पौराणिक कथा के अनुसार, इस व्रत का संबंध राजा जिमूतवाहन से है, जिन्होंने अपने जीवन का बलिदान देकर नागवंश की रक्षा की थी। उनके त्याग और निःस्वार्थ भाव को याद करते हुए माताएं यह व्रत करती हैं। ऐसा माना जाता है कि जितिया व्रत करने से संतान की रक्षा होती है और उनका जीवन समृद्धि से भरा रहता है।
जितिया व्रत माताओं के संकल्प, त्याग और प्रेम का प्रतीक है, जो अपनी संतान की भलाई के लिए कठिन तपस्या करती हैं। जितिया व्रत के दौरान व्रती महिलाएं साथ एकत्र होकर जितिया व्रत के गीत भी गाती हैं।
Jitiya Vrat Geet Lyrics (जितिया व्रत लिरिक्स)
1. Jug Jug Jiya Babua Hamar
जुग जुग जिय ए बबुआ हमार हो
तोहरा प बाबू कबहू आचना आए
अचरा के फुलवा कबो ना मुरझाए
तोहरा प बाबू कबहू आचना आए
अचरा के फुलवा कबो ना मुरझाए
तोहरो जीनगीया के दिही सवार हो
जिऊत वाहन देव अर्जी करीह स्वीकार हो
चंदा जैसन चमके ई मुखड़ा तोहार हो
जुग जुग जिय ए बबुआ हमार हो
चंदा जैसन चमके ई मुखड़ा तोहार हो
जुग जुग जिय ए बबुआ हमार हो
हमरो दुलरवा के नजरों ने लागे
रहीह तू हरदम सबका से आगे
पढ़ लिख के बबुआ खूब नाम कमईह
कौनो परेशानी से तू कबहू ना डेरईह
जीऊत वाहन देव के बा महिमा अपार हो
एही से त निर्जल भूकल बानी त्यौहार हो
चंदा जैसन चमके ई मुखड़ा तोहार हो
जुग जुग जिय ए बबुआ हमार हो
चंदा जैसन चमके ई मुखड़ा तोहार हो
जुग जुग जिय ए बबुआ हमार हो
हमरो उमर तोहरा के लग जाए
रोग बल्ला कोई छू नहीं पाई
पावन परब हम तोहरे ला करिले
कवनो ना गलती होखे ध्यान हम धरीले
तोहरे से रोशन बा अंगना हमार हो
कबहु भुलइह ना माई के दुलार हो
चंदा जैसन चमके ई मुखड़ा तोहार हो
जुग जुग जिय ए बबुआ हमार हो
चंदा जैसन चमके ई मुखड़ा तोहार हो
जुग जुग जिय ए बबुआ हमार हो
2. Jug Jug Jiye Mor Babua Dularua
जुग जुग जिए मोर बबुआ दुलरुवा
जुग जुग जिए मोर
जुग जुग जिए मोर बबुआ दुलरुवा
जिउत वहांन देवता से करब हम अरजिया
ऐ हो सखी भुखीब
ऐ हो सखी भुखीब
जितिया के परबिय
बड़ा भारी होला सखी जितिया के बरतिया
बड़ा भारी होला
तीन दिन के होला सखी पावन परबिया
न खाये उपवास पारण के बा बिधिया
आशीन अनहरिया के अस्टमी तिथि के
जीवतिया पुजाला निरजल व्रत रख के
सासु जी से पूछब
सासु जी से
सासु जी से पूछब कुल व्रत के नियमिय
ऐ हो सखी भुखीब
ऐ हो सखी भुखीब
जितिया के परबिया
बड़ा भारी होला सखी जितिया के बरतिया
बड़ा भारी होला
सप्तमी के दिने होला गंगा आसन्नवा
नवनि संग मडवा वर्ती खाये एहि दिनवा
नेनुवाके पातपर पुवा पकवनवा
चील सियारिन दिहल जाला भोगवा
गोतनि सग करब हम
गोतनि सग
गोतनि सग करब हम
भोर में सरगहिया
ऐ हो सखी भुखीब
ऐ हो सखी भुखीब
जितिया के परबिया
बड़ा भारी होला सखी जितिया के बरतिया
बड़ा भारी होला
लव कुश पुजला सखी अष्टमी के संझिया
कथा सुनीली बूढ़ होके चाहे कन्या
नवमी के भोर होला पारण के दिनवा
कांडा गिराउके बनेला भोजनवा
सईया से मगाइब हम
उत्तम जी से
खुसबू मगाइये सोने के जिउतिया
ऐ हो सखी भुखीब
ऐ हो सखी भुखीब
जितिया के परबिय
बड़ा भारी होला सखी जितिया के बरतिया
बड़ा भारी होला
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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