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Yam Ka deepak Jalane Ki Vidhi: काली चौदस को जलाया जाता है यम दीपक, जानें संपूर्ण विधि
Yam Ka deepak Jalane Ki Vidhi: हर वर्ष पंचांग के अनुसार नरक चतुर्दशी के दिन यम दीपक जलाया जाता है। इस दिन यमराज से परिवार के सदस्यों से अच्छे और लम्बे जीवन की प्रार्थना की जाती है। नरक चतुर्दशी के दिन ही छोटी दिवाली भी मनाई जाती है।
दीपावली का महोत्सव 5 दिनों तक चलता है जिसमें धनतेरस, नरक चतुर्दशी (छोटी दिवाली), दीपावली, गोवर्धन पूजा और भैया दूज के पर्व मनाये जाते हैं। नरक चतुर्दशी को काली चौदस के नाम से भी जाना जाता है। जानते हैं इस दिन यम तर्पण और यम दीपक जलाने की तिथि, मुहूर्त, विधि और महत्व के बारे में विस्तार से -

नरक चतुर्दशी की तिथि और मुहूर्त
कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को नरक चतुर्दशी मनाई जाती है। इस वर्ष यह तिथि 11 नवंबर को मनाई जायेगी।
11 नवंबर को नरक चतुर्दश के दिन शाम 6 से 7 बजे यम दीपक जलाने का शुभ मुहूर्त होगा।
नरक चतुर्दशी के दिन स्नान और तर्पण का भी विशेष महत्व होता है। सूर्योदय से पहले 05:28 से 06:41 बजे तक स्नान का मुहूर्त है।
यम का दीपक जलाने की पूर्ण विधि
धनतेरस के दिन शाम को यम के नाम का चौमुखा दीपक जलाया जाता है। यम दीपक जलने के लिए किसी मिट्टी के पात्र में घर में जितने सदस्य हैं उतने मुट्ठी चावल रखा जाता है। फिर इस चावल से भरे पात्र के ऊपर एक चौमुखा दीपक जलाया जाता है। इसपर सरसों का तेल डालकर जलाएं। इस दीपक को घर की दक्षिण दिशा या घर के चौखट के बाहर लगाएं। इसके बाद यम देवता से प्रार्थना करें कि घर में अकाल मृत्यु का प्रकोप ना आयें और सभी सदस्यों को अच्छा स्वास्थ्य प्राप्त हो। साथ ही घर के सदस्यों के लिए नरक के द्वार बंद हो जाएँ। अगले दिन ये चावल और दीपक किसी बहते जल में प्रवाहित करें।
यम दीपक जलाने का महत्व
नरक चतुर्दशी के दिन यम देवता का पूजन अकाल मृत्यु से मुक्ति के लिए किया जाता है। इसके साथ ही पौराणिक धार्मिक मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण ने कार्तिक माह को कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी के दिन नरकासुर का वध करके देवताओं और ऋषियों को उसके आतंक से मुक्ति दिलाई थी। इसलिए इस दिन जीवन से नरक के रास्ते और दोष को हटाने के लिए इस दिन यम दीपक को प्रज्वलित किया जाता है।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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