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Kartik Maas 2023: कार्तिक माह में क्यों है मछली के सेवन की सख्त मनाही, जानें इस पुण्यदायी माह का महत्व
Kartik Maas 2023: आश्विन के बाद कार्तिक का महीना आ रहा है। यह महीना साधारण नहीं है। धार्मिक दृष्टिकोण से इस महीने को विष्णु की कृपा का महीना कहा जाता है।
यह विष्णु का प्रिय माह है और इस महीने में स्नान दान और व्रत करने से लाभ कई गुना ज्यादा मिलते है। आइये पहले जान लेते हैं कि इस पवित्र माह का प्रारंभ कब से है और इस महीने में स्नान दान करने के पीछे क्या कारण है?

कब से शुरू हो रहा कार्तिक मास 2023?
कार्तिक माह का प्रारंभ 29 अक्टूबर 2023 से हो रहा है और यह पूर्णिमा के दिन 27 नवंबर 2023 को समाप्त होगा।
कार्तिक महीने का महत्व
इस महीने में स्नान दान का विशेष महत्व क्यों है? इसके पीछे कारण ये है कि इसी माह की पूर्णिमा को विष्णु ने मतस्यावतार लिया था। राजा मनु को विष्णु ने कहा था कि प्रलय जल्द आने वाला है और सभी महत्वपूर्ण पेड़ पौधों और जीवों के साथ ऋषि मुनियों को एकत्र करके एक नाव में शरण ले लो ताकि प्रलय आने पर मैं मछली का अवतार लेकर नाव को खींचकर तुम लोगों की रक्षा करूंगा।

इस प्रकार विष्णु ने मतस्य अवतार लेकर सृष्टि की रक्षा की थी। ये कार्तिक का ही महीना था। तब से ऐसी मान्यता है कि कार्तिक माह में विष्णु जल में निवास करते हैं और इसलिए कार्तिक में खासतौर पर पूर्णिमा के दिन नदी में स्नान करने से विष्णु की कृपा प्राप्त होती है।
कार्तिक मास में मछली के सेवन की क्यों है मनाही?
इस महीने में तामसिक भोजन को त्याग देना चाहिए। विशेष तौर पर मछली नहीं खानी चाहिए क्योंकि ऐसी मान्यता है कार्तिक महीने में विष्णु का मतस्यावतार लेने के बाद से इस महीने में विष्णु जल में निवास करते हैं इसलिए जल में रहने वाले जीवों का भोजन नहीं करना चाहिए।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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