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Magh Pradosh Vrat 2024 Kab Hai: इस सप्ताह आएगा माघ प्रदोष व्रत, महादेव की कृपा पाने का सुनहरा मौका
Magh Pradosh Vrat 2024 Kab Hai: हिन्दू धर्म के हर माह के कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष के त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत किया जाता है। इस व्रत को करने से साधकों को रोग दोष तथा किसी भी परेशानियों से छुटकारा मिलता है और देवों के देव महादेव प्रसन्न होकर साधकों के ऊपर अपनी कृपा हमेशा बनाए रखते हैं।
इस साल के फरवरी और माघ मास में प्रदोष व्रत 07 फरवरी को रखा जायेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार त्रयोदशी की रात के पहले प्रहर में जो व्यक्ति किसी भेंट के साथ भगवान शिव के दर्शन करता है, उस पर भोलेनाथ की कृपा जीवन भर बनी रहती है। पेश है इस साल के माघ माह के प्रदोष व्रत के कुछ उपाय और नियम -

माघ प्रदोष व्रत 2024 तिथि
हिन्दू धर्म में प्रदोष व्रत भगवान महादेव के पूजन का खास महत्व है। प्रदोष व्रत हर माह के कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष के त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है। माघ माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि का प्रारम्भ 7 फरवरी को दोपहर 02:02 बजे होगा और समापन 8 फरवरी की सुबह 11:17 बजे होगा। त्रयोदशी तिथि 7 फरवरी को मनाई जाएगी और पूजा का शुभ मुहूर्त 7 फरवरी को शाम 06:05 बजे से रात 08:14 बजे तक रहेगा।
प्रदोष व्रत के कुछ उपाय
ज्योतिष शास्त्रों के अनुसार प्रदोष व्रत के दिन विधि विधान से पूजा अर्चना करने से भगवान महादेव प्रसन्न होते हैं। इसके साथ ही रामदूत हनुमान भी प्रसन्न अनुभव करते हैं। इस दिन पूजा में विशेष मंत्र पाठ का भी योग है जैसे - ॐ नमो भगवते रुद्राय नमः और ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्!
ये मंत्र देवो के देव महादेव के लिए उपयुक्त है तथा अंजनी पुत्र हनुमान ''ॐ ऐं भ्रीम हनुमते, श्री राम दूताय नमः'' ऐसे मंत्र के जाप करने से अनेक प्रकार के परेशानियों को दूर करते हैं।
प्रदोष व्रत के दिन ब्रम्हामुहर्त में स्नान करके शंकर भोले के मन्दिर के साफ सफाई कर सर्व प्रथम जलभिषेक करें। फिर भगवान शिव को शहद, घी, दही, गंगाजल और दूध मिलाकर पंचामृत से अभिषेक कराएं। अगरबत्ती धूप जलाएं। श्री फल के साथ कुछ दक्षिणा चढ़ाएं और मां पार्वती को श्रृंगार चढ़ाएं।
इसके साथ ही यदि शुक्र दोष के कारण विवाह सम्बन्धी परेशानियां आ रही हैं तो इस ख़ास दिन जल में शहद और सफेद तिल डालकर भगवान शिव का अभिषेक करें और दीपक जलाकर पूजा करें।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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