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Magha Maas Ekadashi Dates: नोट करें माघ माह 2025 में षटतिला और जया एकादशी व्रत की तिथियां और शुभ मुहूर्त
Maagh Maas Ekadashi Dates: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है। इस दिन भगवान श्रीहरि विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा-अर्चना की जाती है।
श्रद्धा और भक्ति के साथ यह व्रत करने से पापों से मुक्ति मिलती है और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। माघ माह में षट तिला एकादशी और जया एकादशी के व्रत विशेष रूप से पूजनीय माने गए हैं।

माघ माह का समय
हिंदू पंचांग के अनुसार, माघ माह की शुरुआत 14 जनवरी 2025 से होगी और इसका समापन 12 फरवरी 2025 को होगा। इस दौरान कई धार्मिक पर्व और व्रत मनाए जाएंगे।
षट तिला एकादशी 2025 तिथि और शुभ मुहूर्त (Shattila Ekadashi 2025 Kab Hai?)
- एकादशी प्रारंभ: 24 जनवरी, सायं 7:25 बजे
- एकादशी समाप्त: 25 जनवरी, रात्रि 8:31 बजे
- व्रत का दिन: 25 जनवरी 2025
- व्रत पारण का समय: 26 जनवरी, सुबह 7:12 बजे से 9:21 बजे तक
जया एकादशी 2025 तिथि और शुभ मुहूर्त (Jaya Ekadashi 2025 Kab Hai?)
- एकादशी प्रारंभ: 7 फरवरी, रात 9:26 बजे
- एकादशी समाप्त: 8 फरवरी, रात 8:15 बजे
- व्रत का दिन: 8 फरवरी 2025
- व्रत पारण का समय: 9 फरवरी, सुबह 7:04 बजे से 9:17 बजे तक
व्रत में ध्यान रखने योग्य बातें
1. केवल सात्विक भोजन करें और चावल का सेवन न करें।
2. पूजा की थाली में तुलसी के पत्ते अवश्य शामिल करें।
3. घर की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।
4. गरीबों और जरूरतमंदों को धन, वस्त्र या भोजन का दान करें।
5. दिनभर भजन-कीर्तन और भगवान विष्णु का जाप करें।
6. इस दिन तुलसी के पत्ते न तोड़ें, ऐसा करने से माता लक्ष्मी अप्रसन्न हो सकती हैं।
व्रत का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, एकादशी व्रत करने से व्यक्ति के जाने-अनजाने में किए गए पापों का नाश होता है। साथ ही, भगवान विष्णु की कृपा से घर में सुख, शांति और समृद्धि आती है।
षट तिला एकादशी और जया एकादशी दोनों ही आत्मिक शुद्धि और पुण्य प्राप्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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