Latest Updates
-
‘रामायण’ के ट्रेलर लॉन्च के दौरान रणबीर कपूर की घड़ी क्यों हुई वायरल? कीमत सुन उड़ जाएंगे होश, जानें खासियत -
लंबे समय तक बैठे रहने से रीढ़ की हड्डी को पहुंचता है नुकसान, डॉक्टर ने बताया इतने घंटे में ब्रेक जरूरी -
Imran Khan Net Worth: भारत छोड़ने के आदेश के बाद इमरान खान की संपत्ति का क्या होगा? जानें कितनी है नेटवर्थ -
ग्रेटर नोएडा के इस गांव में आज भी होती है रावण की पूजा, दशहरे पर दहन बल्कि शोक मनाते हैं लोग -
Shardiya Navratri 2026 Day 6: नवरात्रि के छठे दिन करें मां कात्यायनी की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग और आरती -
National Boss Day 2026 Wishes: कभी गाइड करते...बॉस डे पर अपने बॉस का दिल से कहें शुक्रिया, भेजें ये खास संदेश -
क्रिएटिनिन क्या होता है? जानें स्वस्थ किडनी के लिए क्रिएटिनिन का नॉर्मल लेवल कितना होना चाहिए -
Durga Puja Pandals in Delhi NCR: ये हैं दिल्ली-एनसीआर के टॉप 10 दुर्गा पूजा पंडाल, इस नवरात्रि जरूर करें दर्शन -
बारिश में बाल झड़ना कैसे रोकें: कारण, देखभाल और जरूरी पोषक तत्व -
Ashtami Navami 2026 Date: अष्टमी और नवमी कब है? जानें सही तिथि, कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त और महत्व
Mahakumbh Mela 2025: जानें कब और कहां लगेगा महाकुंभ मेला, देखें शाही स्नान की तिथि
Mahakumbha Mela 2025: महाकुंभ मेला हिंदू धर्म का एक पवित्र और महत्वपूर्ण उत्सव है, जिसका आयोजन हर 12 साल में किया जाता है। इस आयोजन में साधु-संत, नागा साधु और लाखों श्रद्धालु देश-विदेश से पवित्र नदियों में डुबकी लगाने के लिए आते हैं। महाकुंभ के दौरान स्नान को पापों से मुक्ति और मोक्ष प्राप्ति का मार्ग माना गया है।
महाकुंभ का आयोजन भारत के चार प्रमुख तीर्थस्थलों पर किया जाता है-प्रयागराज (संगम), हरिद्वार (गंगा नदी), उज्जैन (शिप्रा नदी), और नासिक (गोदावरी नदी)। साल 2025 में महाकुंभ प्रयागराज में आयोजित होगा। आइए जानते हैं इससे जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी:

महाकुंभ 2025 का स्थान
साल 2025 में महाकुंभ मेला प्रयागराज में आयोजित किया जाएगा।
- पिछली बार प्रयागराज में महाकुंभ 2013 में और अर्धकुंभ 2019 में आयोजित हुआ था।
- प्रयागराज का संगम स्थल गंगा, यमुना और सरस्वती नदियों का संगम है, जिसे हिंदू धर्म में पवित्र माना गया है।
महाकुंभ 2025 की अवधि
महाकुंभ का आयोजन 13 जनवरी 2025 से 26 फरवरी 2025 तक होगा।
- यह आयोजन पौष पूर्णिमा से शुरू होकर महाशिवरात्रि तक चलेगा।
- कुल 45 दिनों तक चलने वाले इस मेले में श्रद्धालु पवित्र स्नान और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेंगे।
महाकुंभ 2025 के शाही स्नान की तिथियां
शाही स्नान महाकुंभ का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। 2025 में शाही स्नान की तिथियां इस प्रकार हैं:
1. 13 जनवरी 2025 - पौष पूर्णिमा
2. 14 जनवरी 2025 - मकर संक्रांति
3. 29 जनवरी 2025 - मौनी अमावस्या
4. 3 फरवरी 2025 - बसंत पंचमी
5. 12 फरवरी 2025 - माघी पूर्णिमा
6. 26 फरवरी 2025 - महाशिवरात्रि
महाकुंभ का आयोजन कैसे तय होता है?
महाकुंभ के आयोजन का निर्णय ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति के आधार पर किया जाता है।
- प्रयागराज में महाकुंभ तब होता है, जब बृहस्पति (गुरु) वृषभ राशि में और सूर्य मकर राशि में होते हैं।
- नासिक में महाकुंभ तब आयोजित होता है, जब गुरु और सूर्य सिंह राशि में होते हैं।
- हरिद्वार में महाकुंभ तब लगता है, जब गुरु कुंभ राशि में और सूर्य मेष राशि में होते हैं।
- उज्जैन में महाकुंभ तब होता है, जब सूर्य मेष राशि में और गुरु सिंह राशि में होते हैं।
महाकुंभ का महत्व
महाकुंभ में पवित्र नदी में स्नान करने से व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक शुद्धि प्राप्त होती है। मान्यता है कि महाकुंभ में डुबकी लगाने से सभी पापों से मुक्ति मिलती है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। साल 2025 का महाकुंभ मेला एक अद्वितीय धार्मिक अनुभव होगा, जिसमें लाखों श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाने के लिए प्रयागराज आएंगे।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
