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Mangla Gauri Mantra Aarti: विवाह में देरी या दांपत्य जीवन में कलह, मंगला गौरी मंत्र व आरती से मिलेगा समाधान
Mangla Gauri Mantra Aur Aarti: साल 2023 में सावन का महीना 4 जुलाई, मंगलवार से शुरू हो रहा है। यह दिन विवाहित महिलाओं के साथ साथ कुंवारी कन्याओं के लिए विशेष महत्व रखता है।
ऐसी मान्यता है सावन माह के सभी मंगलवार माता गौरी को समर्पित हैं। इस दिन महिलाएं अखंड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए माता पार्वती की पूरे विधि विधान से पूजा करती हैं। वहीं मनचाहा वर पाने के इच्छुक कन्याओं को इस व्रत से लाभ मिलता है।

तीज और करवाचौथ व्रत की भांति मंगला गौरी व्रत महिलाओं के बीच बहुत लोकप्रिय है। इस व्रत का पूर्ण फल पाने के लिए मां गौरी के लिए विधि विधान से व्रत और पूजा पाठ करें। इस दिन मंगला गौरी माता को प्रसन्न करने के लिए उनके मंत्रों का जाप करें। इस दिन उनकी आरती गाने का भी विधान है। मंगला गौरी व्रत के दिन यहां दिए मंत्र और आरती का पाठ जरूर करें।
मंगला गौरी व्रत मंत्र: (Mangala Gauri Vrat Mantra)
महागौरी का मंत्र: सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सवार्थ साधिके। शरण्येत्र्यंबके गौरी नारायणी नमोस्तुते।
'ॐ श्री मंगला गौरी नमः'
'ॐ गौरी शंकराय नमः'
'ओम गौरी शंकराय नमः'

मंगला गौरी आरती (Mangala Gauri Vrat Aarti)
जय मंगला गौरी माता, जय मंगला गौरी माता,
ब्रह्मा सनातन देवी शुभ फल दाता। जय मंगला गौरी..
अरिकुल पद्मा विनासनी जय सेवक त्राता,
जग जीवन जगदम्बा हरिहर गुण गाता। जय मंगला गौरी..
सिंह को वाहन साजे कुंडल है,
साथा देव वधु जहं गावत नृत्य करता था। जय मंगला गौरी...।
सतयुग शील सुसुन्दर नाम सटी कहलाता,
हेमांचल घर जन्मी सखियन रंगराता। जय मंगला गौरी...।
शुम्भ निशुम्भ विदारे हेमांचल स्याता,
सहस भुजा तनु धरिके चक्र लियो हाता। जय मंगला गौरी...।
सृष्टी रूप तुही जननी शिव संग रंगराताए,
नंदी भृंगी बीन लाही सारा मद माता। जय मंगला गौरी...।
देवन अरज करत हम चित को लाता,
गावत दे दे ताली मन में रंगराता। जय मंगला गौरी...।
मंगला गौरी माता की आरती जो कोई गाता, सदा सुख संपति पाता। जय मंगला गौरी ....।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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