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Mauni Amavasya 2024 Kab Hai: इस साल की मौनी अमावस्या क्यों है ख़ास, नोट करें तिथि और शुभ मुहूर्त
Mauni Amavasya 2024 Kab Hai: पौष महीने के बाद माघ मास का बड़ा ही महत्व है। साल 2024 में 26 जनवरी से माघ महीना प्रारंभ हो गया है। सनातन धर्म में अनेकों त्योहार, व्रत तथा शुभ दिन आते हैं। इन तिथियों की बड़ी ही महत्वपूर्ण भूमिका भी होती है। इसमें एक शुभ दिवस मौनी अमावस्या माना जाता है। आइये इस लेख के माध्यम से जानते हैं मौनी अमावस्या 2024 कब है, साथ ही जानते हैं नियम और दान-स्नान का महत्व।
मौनी अमावस्या 2024 की तिथि और मुहूर्त
इस साल मौनी अमावस्या 9 फरवरी को पड़ रही है। अमावस्या तिथि का आरंभ 9 फरवरी शुक्रवार को सुबह 8.00 बजे से होगा और इसका समापन 10 फरवरी की सुबह 4 बजकर 28 मिनट पर होगा।

मौनी अमावस्या क्यों है ख़ास?
मौनी अमावस्या सनातन धर्म के अनुसार बहुत ही खास और महत्वपूर्ण दिन है। हिंदू धर्म के पंचांग के अनुसार, माघ मास के कृष्ण पक्ष पर पड़ने वाली अमावस्या को मौनी अमावस्या या माघी अमावस्या कहा जाता हैं। पंचांगे, पौराणिक कथाओं तथा विशेष मान्यताओं के अनुसार मौनी अमावस्या का विशेष महत्व है। इस दिन पवित्र नदी में देवी देवताओ का निवास होता है, इसलिए गंगा स्नान का बडा ही महत्व है। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार सूर्य को आत्मा और चंद्रमा को मन का कारक माना जाता है। मन चंद्रमा की तरह चंचल होता है और साधना आराधना के दौरान मन भटक जाता है। बिना किसी विघ्न बाधा से शुद्ध रूप से मौन व्रत रखा जाता है क्योंकि मन ही वाणी को विस्तृत कर देती है।
मौनी अमावस्या में स्नान का महत्व
इस दिन स्नान का विशेष महत्व बताया गया है। पवित्र नदी, जलाशयों का अमृत रूप धारण हो जाता है | इस दिन साधन का अभाव है तो लोग शुद्ध जल में गंगाजल मिलकर उसे पवित्र कर ब्रम्ह मुहूर्त में स्नान कर सकते हैं। मौनी अमावस्या को विष्णु लक्ष्मी भगवन का पूजन किया जाता है इस दिन पीपल वृक्ष का भी साक्षात भगवान रूपी पूजन होता है |
मौनी अमावस्या पर मौन व्रत
मौनी अमावस्या व्रत बेहद ही खास है इस दिन मौन व्रत धारण कर बिना किसी से बात किए अपने स्वय को अंतरात्मा से समझने तथा नियंत्रण करने के लिए बेहद खास है।
मौनी अमावस्या पर दान का महत्व
जीवन में दान का बेहद ही महत्वपूर्ण भूमिका है। मौनी अमावस्या को ग्रामीण क्षेत्रों में पंडित के घरों में सूखे दाल चावल तथा वस्त्र कुछ रुपए अपने पितरों के तर्पण के लिए दान देते है और विशेष रूप से जरूरतमंदों को इस दिन दान दिया जाता है।
मौनी अमावस्या पर जरूर करें ये कार्य
1. मौनी अमावस्या को मौन रूप धारण किया जाता है।
2 इस दिन नदी तथा जलाशयों को अमृत माना जाता है| ब्रम्हामुहर्त में स्नान करके भगवन विष्णु के पूजन किया जाता है।
3 पितृ दोष दूर करने के लिए दान श्राद्ध पिंडदान भी किया जाता है।
4 दान का बहुत ही खास महत्त्व है गरीबो तथा जरूरतमंदों को दान दिया जाता है।
5 लालच ईर्ष्या द्वेष को छोड़कर मन से पवित्र रहते हैं।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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