Latest Updates
-
कौन हैं हरीश राणा, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट ने दी इच्छामृत्यु की अनुमति? जानिए 13 साल से कोमा में क्यों थे -
Sheetala Ashtami 2026: शीतला अष्टमी पर चाय पी सकते हैं या नहीं? जानें व्रत से जुड़े सभी जरूरी नियम -
Sheetala Ashtami 2026: शीतला अष्टमी के दिन झाड़ू लगाना शुभ या अशुभ? बसौड़ा पर भूलकर भी न करें ये गलतियां -
Sheetala Ashtami 2026: 11 या 12 मार्च, कब है शीतला अष्टमी? जानिए सही डेट, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि -
Sheetala Ashtami Vrat Katha: शीतला अष्टमी पर जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, घर में आएगी सुख-समृद्धि -
Sheetala Ashtami 2026 Wishes: मां शीतला का आशीर्वाद बना रहे...इन संदेशों के साथ अपनों को दें बसौड़ा की बधाई -
कौन हैं संजू सैमसन की पत्नी चारुलता रमेश? टी20 वर्ल्ड कप जीत के बाद क्रिकेटर ने लिखा भावुक पोस्ट -
रणदीप हुड्डा बने पापा, लिन लैशराम ने बेटी को दिया जन्म, इंस्टाग्राम पर शेयर की क्यूट फोटो -
Kalashtami 2026: 11 या 12 मार्च, कब है कालाष्टमी का व्रत? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
गर्मियों में वजन घटाने के लिए पिएं ये 5 ड्रिंक्स, कुछ ही दिनों में लटकती तोंद हो जाएगी अंदर
Mauni Amavasya 2025: पितरों की कृपा पाने का सबसे उत्तम दिन है मौनी अमावस्या, जरूर करें तिल से जुड़ा ये उपाय
Mauni Amavasya 2025 Upay: मौनी अमावस्या, जो इस वर्ष 29 जनवरी 2025 को है, पितरों को तृप्त करने और उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए बेहद शुभ मानी जाती है।
इस दिन मौन रहकर, पवित्र नदियों में स्नान करके, और विशेष उपायों को अपनाकर पितरों को संतुष्ट किया जा सकता है। तिल (तिलकुट) को पितरों के तर्पण और पूजा में महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। यह उपाय न केवल पितृ दोष से मुक्ति दिलाते हैं, बल्कि परिवार में सुख-समृद्धि का भी संचार करते हैं।

मौनी अमावस्या और तिल का महत्व
तिल का उपयोग धार्मिक कर्मकांडों, दान और तर्पण में किया जाता है। मान्यता है कि मौनी अमावस्या पर तिल का दान और उपयोग पितरों को तृप्त करता है और उन्हें मोक्ष की प्राप्ति में सहायता करता है। तिल के उपायों से जीवन में आने वाले बाधाओं और कष्टों का निवारण होता है।
तिल से जुड़े उपाय जो पितरों की कृपा दिलाते हैं
1. तिल का तर्पण करें
पवित्र नदी या घर में किसी पात्र में जल भरकर उसमें काले तिल डालें। इसके बाद पितरों का ध्यान करते हुए मंत्रों का जाप करें।
मंत्र:
"ॐ पितृभ्यः स्वधायिभ्यः स्वधा नमः"
तर्पण करते समय मन में अपने पितरों की शांति और संतुष्टि की प्रार्थना करें।
2. तिल के दान का महत्व
मौनी अमावस्या पर काले और सफेद तिल का दान पितृ दोष को समाप्त करता है। तिल के साथ गुड़, कपड़े, अन्न, और तिल के लड्डू का दान करें। यह पितरों को संतुष्ट करता है और उनकी कृपा प्राप्त होती है।
3. तिल से बनी खीर का भोग
पितरों की प्रसन्नता के लिए तिल और गुड़ से बनी खीर का भोग लगाएं। इसे भगवान विष्णु और पितरों को अर्पित करें। भोग के बाद इसे गरीबों और ब्राह्मणों को दान करें।
4. तिलयुक्त दीपक जलाएं
संध्या समय तुलसी के पौधे के पास तिल के तेल का दीपक जलाएं। यह पितरों की आत्मा को शांति प्रदान करता है। दीपक जलाने के साथ "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" मंत्र का जाप करें।
5. तिल और जल का अर्घ्य दें
पवित्र जल में तिल मिलाकर सूर्य को अर्घ्य देने से पितरों को तृप्ति मिलती है। यह उपाय पितरों की कृपा से जीवन की सभी बाधाओं को समाप्त करता है।
अन्य महत्वपूर्ण उपाय
- मौन रहकर दिन भर व्रत रखें और साधना करें।
- तिल के लड्डू, कंबल और अन्न का दान करें।
- जरूरतमंदों को भोजन कराएं और उनसे आशीर्वाद लें।
पितरों की कृपा का प्रभाव
पितरों की कृपा से परिवार में धन, स्वास्थ्य, और समृद्धि आती है। पितृ दोष का निवारण होने से जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में आ रही रुकावटें समाप्त होती हैं।
मौनी अमावस्या पर तिल से जुड़े ये सरल उपाय अपनाकर आप पितरों का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं और अपने जीवन को सुखद और समृद्ध बना सकते हैं।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











