Latest Updates
-
Japan Mango Ban: जापान में सबसे ज्यादा कौन सा आम खाया जाता है? 20 साल बाद भारतीय आमों पर लगाया प्रतिबंध -
Restaurant Style Jeera Aloo Recipe: घर पर बनाएं होटल जैसा चटपटा और कुरकुरा जीरा आलू -
World No Tobacco Day: स्मोकिंग की लत से छुटकारा चाहिए? ये 5 घरेलू उपाय बीड़ी-सिगरेट छोड़ने में करेंगे आपकी मदद -
World No Tobacco Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व तंबाकू निषेध दिवस? जानें इस दिन का इतिहास, महत्व और थीम -
Bihari Breakfast Special Dahi Chura Recipe: पारंपरिक स्वाद के साथ झटपट तैयार करें -
Aaj Ka Rashifal 31 May 2026: रविवार को इन 4 राशियों पर बरसेगी सूर्य देव की कृपा, धन लाभ के साथ चमकेगा भाग्य -
Light Digestive Lauki Sabzi Recipe: कम मसालों में बनाएं सेहतमंद और स्वादिष्ट सब्जी -
Param Ekadashi 2026: 10 या 11 जून, कब है परम एकादशी? नोट करें सही डेट और पारण का समय -
माचा नहीं हल्दी, केल नहीं मोरिंगा: विदेशी सुपरफूड्स से कहीं ज्यादा ताकतवर हैं भारत के ये 5 देसी खजाने -
आप भी तो नहीं खा रहे केमिकल से पके आम? ऐसे करें असली-नकली की पहचान, जानें सेहत को होने वाले नुकसान
Mauni Amavasya 2025: पितरों की कृपा पाने का सबसे उत्तम दिन है मौनी अमावस्या, जरूर करें तिल से जुड़ा ये उपाय
Mauni Amavasya 2025 Upay: मौनी अमावस्या, जो इस वर्ष 29 जनवरी 2025 को है, पितरों को तृप्त करने और उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए बेहद शुभ मानी जाती है।
इस दिन मौन रहकर, पवित्र नदियों में स्नान करके, और विशेष उपायों को अपनाकर पितरों को संतुष्ट किया जा सकता है। तिल (तिलकुट) को पितरों के तर्पण और पूजा में महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। यह उपाय न केवल पितृ दोष से मुक्ति दिलाते हैं, बल्कि परिवार में सुख-समृद्धि का भी संचार करते हैं।

मौनी अमावस्या और तिल का महत्व
तिल का उपयोग धार्मिक कर्मकांडों, दान और तर्पण में किया जाता है। मान्यता है कि मौनी अमावस्या पर तिल का दान और उपयोग पितरों को तृप्त करता है और उन्हें मोक्ष की प्राप्ति में सहायता करता है। तिल के उपायों से जीवन में आने वाले बाधाओं और कष्टों का निवारण होता है।
तिल से जुड़े उपाय जो पितरों की कृपा दिलाते हैं
1. तिल का तर्पण करें
पवित्र नदी या घर में किसी पात्र में जल भरकर उसमें काले तिल डालें। इसके बाद पितरों का ध्यान करते हुए मंत्रों का जाप करें।
मंत्र:
"ॐ पितृभ्यः स्वधायिभ्यः स्वधा नमः"
तर्पण करते समय मन में अपने पितरों की शांति और संतुष्टि की प्रार्थना करें।
2. तिल के दान का महत्व
मौनी अमावस्या पर काले और सफेद तिल का दान पितृ दोष को समाप्त करता है। तिल के साथ गुड़, कपड़े, अन्न, और तिल के लड्डू का दान करें। यह पितरों को संतुष्ट करता है और उनकी कृपा प्राप्त होती है।
3. तिल से बनी खीर का भोग
पितरों की प्रसन्नता के लिए तिल और गुड़ से बनी खीर का भोग लगाएं। इसे भगवान विष्णु और पितरों को अर्पित करें। भोग के बाद इसे गरीबों और ब्राह्मणों को दान करें।
4. तिलयुक्त दीपक जलाएं
संध्या समय तुलसी के पौधे के पास तिल के तेल का दीपक जलाएं। यह पितरों की आत्मा को शांति प्रदान करता है। दीपक जलाने के साथ "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" मंत्र का जाप करें।
5. तिल और जल का अर्घ्य दें
पवित्र जल में तिल मिलाकर सूर्य को अर्घ्य देने से पितरों को तृप्ति मिलती है। यह उपाय पितरों की कृपा से जीवन की सभी बाधाओं को समाप्त करता है।
अन्य महत्वपूर्ण उपाय
- मौन रहकर दिन भर व्रत रखें और साधना करें।
- तिल के लड्डू, कंबल और अन्न का दान करें।
- जरूरतमंदों को भोजन कराएं और उनसे आशीर्वाद लें।
पितरों की कृपा का प्रभाव
पितरों की कृपा से परिवार में धन, स्वास्थ्य, और समृद्धि आती है। पितृ दोष का निवारण होने से जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में आ रही रुकावटें समाप्त होती हैं।
मौनी अमावस्या पर तिल से जुड़े ये सरल उपाय अपनाकर आप पितरों का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं और अपने जीवन को सुखद और समृद्ध बना सकते हैं।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications