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Kanya Pujan Ka Shubh Muhurat: जान लें अष्टमी और नवमी के दिन कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त कब से कब तक है
Kanya Pujan Ka Shubh Muhurat: मां दुर्गा का स्थान हिन्दू धार्मिक संस्कृति में सर्वोच्च माना जाता है। हर वर्ष दो मुख्य नवरात्रि का पर्व मनाया जाता है जिसके नौ दिनों तक मां के नौ शक्ति स्वरूपों को पूजा जाता है।
भक्तगण मां अम्बे की विधि विधान से अराधना करते हैं और नवरात्रि के अंत में कन्या पूजन करके इसका शुभ समापन करते हैं। अष्टमी और नवमी के दिन कन्या पूजन किया जाता है।

कन्याओं को मां का निश्छल रूप माना जाता है, ऐसे में उनका पूजन और उनको भोजन कराना माता को प्रसन्न करता है। इस वर्ष शारदीय नवरात्रों की शुरुआत 15 अक्टूबर से हुई है। जानते हैं साल 2023 की शारदीय नवरात्रि की अष्टमी और नवमी तिथि कब होगी और कन्या पूजन का मुहूर्त क्या होगा -
कब करें कन्या पूजन- अष्टमी या नवमी?
हिन्दू रीति में कई लोग अष्टमी के दिन कन्या पूजन करते हैं और कुछ लोग नवरात्रि के आखिरी दिन यानि नवमी को। आप भी अष्टमी और नवमी में से किसी भी दिन कन्या पूजन के कार्यक्रम को संपन्न कर सकते हैं।
दुर्गा अष्टमी के दिन कन्या पूजन का मुहूर्त

अष्टमी के दिन कन्या पूजन के दो मुहूर्त है। आप सुबह और दोपहर में कन्या पूजन कर सकते हैं। 22 अक्टूबर को महाष्टमी मनाई जायेगी।
सुबह का मुहूर्त - 07:51 बजे से 10:41 बजे तक।
दोपहर का मुहूर्त- दोपहर 01:30 बजे से 02:55 बजे तक।
नवमी तिथि और कन्या पूजन का मुहूर्त
शारदीय नवरात्रि की नवमी तिथि 23 अक्टूबर को मनाई जायेगी। इस दिन भी कन्या पूजन के दो मुहूर्त रहेंगे।
सुबह 06:27 बजे से 07:51 बजे तक।
फिर दोपहर 01:30 से 02:55 बजे तक।
हालांकि आप सुबह 06:27 बजे के बाद से कन्या पूजन कभी भी कर सकते हैं, जब तक दोपहर का मुहूर्त खत्म ना हो जाएं।
कन्या पूजन की विधि
हो सके तो नौ कन्याओं को निमंत्रित कीजिये और अगर संभव ना हो तो जितना संभव हो उतनी ही कन्याओं को घर पर बुलाइए। माँ का स्मरण करते हुए इन दुर्गा की प्रतीक कन्याओं का पैर धोएं। फिर इनके माथे पर कुमकुम लगाएं। इनके बाएं कलाई पर लाल धागा बांधे। फिर इन्हें पंक्ति में बैठाकर अपने हाथों से भोजन परोसे। भोजन के पश्चात इन्हें दक्षिणा दें या उपहार दें। उपहार में पैसे या पढ़ने लिखने का सामान दिया जा सकता है। इसके बाद इन बच्चियों से आशीर्वाद लीजिये।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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