Latest Updates
-
Aaj Ka Rashifal 31 March 2026: मार्च के आखिरी दिन इन 4 राशियों का खुलेगा भाग्य, जानें आज का भविष्यफल -
Mahavir Jayanti 2026: महावीर जयंती कब है? जानें तिथि, महत्व और भगवान महावीर के प्रमुख सिद्धांत -
कौन थे राहुल अरुणोदय बनर्जी? शूटिंग के दौरान डूबने से हुई मौत, 43 साल की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा -
बिग बॉस फेम रजत दलाल ने रचाई गुपचुप शादी, फोटोज पोस्ट करके सबको किया हैरान, जानें कौन है दुल्हन? -
Vastu Tips: घर में आर्थिक संकट आने से पहले दिखते हैं ये संकेत, भूलकर भी न करें नजरअंदाज -
40 की उम्र में दूसरी बार मां बनीं सोनम कपूर, सोशल मीडिया पर दी खुशखबरी, जानिए बेटा हुआ या बेटी -
घर में छिपकलियों ने मचा रखा है आतंक? भगाने के लिए आजमाएं ये 5 घरेलू उपाय, फिर कभी नहीं दिखेंगी दोबारा -
Rajasthan Diwas 2026 Wishes In Marwari: आ धरती म्हारे राजस्थान री...इन मारवाड़ी मैसेज से अपनों को दें बधाई -
Rajasthan Diwas 2026 Wishes: मरुधरा की रेत...राजस्थान दिवस के मौके पर प्रियजनों को भेजें ये शुभकामना संदेश -
Aaj Ka Rashifal 30 March 2026: सोमवार को महादेव बरसाएंगे इन 4 राशियों पर कृपा, जानें अपना भाग्यफल
Chhath Puja in Periods: पीरियड में छठ पूजा कैसे करें? सूर्य को अर्घ्य दे सकते हैं या नहीं?
Chhath Puja in Periods: भारत तीज त्योहारों की धरती हैं और यहां हर पर्व बड़ी ही धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया जाता है। इन्हीं में से एक है उत्तर भारत में मनाया जाने वाला छठ उत्सव। छठ पूजा की महिमा इस पर्व की दिनोंदिन बढ़ती लोकप्रियता से लगाया जा सकता है।
बिहार से निकलकर अब छठ झारखंड, उत्तर प्रदेश के कई राज्यों के साथ देश के दूसरे स्थानों पर भी मनाया जाने लगा है। इतना ही नहीं, विदेशों में भी छठ पूजा के प्रति लोगों की आस्था की तस्वीरें भी सामने आती हैं।

छठ पूजा कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाया जाता है। यह व्रत सुहागिन महिलाएं अपने घर परिवार की खुशहाली, संतान के अच्छे स्वास्थ्य व लंबी आयु के लिए करती हैं। वो भगवान सूर्य और छठी माई से अपने बच्चों के लिए झोली भरकर आशीर्वाद मांगती हैं।
छठ पूजा में पूर्ण श्रद्धा के साथ साथ साफ़ सफाई का पूरा ख्याल रखा जाता है। महिलाएं पूरे नियम और विधि विधान से इस व्रत को संपन्न करती हैं। इसमें व्रती 36 घंटों का निर्जला उपवास रखते हैं। छठ पूजा किसी तपस्या से कम नहीं माना जाता है। ऐसे में यदि किसी महिला का पीरियड शुरू हो जाये तो क्या करना चाहिए। क्या पीरियड में छठ पूजा की जा सकती है, क्या सूर्य देव को जल चढ़ाया जा सकता है। पीरियड के समय में छठ पूजा कैसे करें? आइये इन्हीं सब सवालों के जवाब जानते हैं।
पीरियड में छठ पूजा कैसे करे? (How to do chhath puja during periods)

सबसे पहली बात ये है कि यदि किसी महिला ने छठ व्रत करना शुरू किया है तो उसे बीच में छोड़ना नहीं चाहिए। वो हर साल छठ व्रत करती है। ऐसे में यदि छठ के दौरान किसी के पीरियड आ जाये तो कुछ बातों का ख्याल रखना जरूरी है क्योंकि ये कहा जाता है कि पूजा में तन मन की शुद्धता न हो तो छठी मैया पूजा स्वीकार नहीं करती हैं।
छठ पूजा में मासिक धर्म शुरू हो गया है तो आप अपना व्रत पूरा करें लेकिन पूजा और प्रसाद की सामग्री को हाथ बिलकुल न लगाएं। आप अपना निर्जला व्रत रखें रहें। पीरियड्स का पहला, दूसरा या तीसरा दिन है तो आपको सूर्य देव को अर्घ्य नहीं देना चाहिए। आप अर्घ्य देने के विधान को घर के किसी दूसरे सदस्य से पूरा करवा लें।
मासिक धर्म का पांचवा दिन चल रहा हो तो आप छठ पूजा कर सकती हैं। छठी माता की पूजा पांचवें दिन से की जा सकती हैं। वहीँ 6 दिन अगर हो चुके हैं तो आप सूर्य देव को अर्घ्य भी दे सकती हैं।
छठ महापर्व की विशेष तिथियां (Chhath Puja Important Dates)
प्रथम दिन- (तिथि - चतुर्थी) नहाय खाय
दूसरा दिन - (तिथि - पंचमी), लोहंडा / खरना (खीर, रोटी और चावल के पिठे का प्रसाद)
तीसरा दिन - डाला छठ (तिथि - षष्ठी) की सायं अर्ध्य
चौथा दिन- सुबह अर्ध्य ( तिथि - शुक्ल पक्ष सप्तमी)
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











