Latest Updates
-
Birthday Wishes for Boss: बॉस के बर्थडे पर भेजें ये खास और सम्मानजनक शुभकामनाएं, बोलें 'हैप्पी बर्थडे' -
पुरानी कब्ज और बवासीर से पाना है छुटकारा, तो इस पौधे की जड़ का करें इस्तेमाल -
वजन कम करने के लिए रोटी या चावल क्या है बेस्ट? करना है वेट लॉस तो जान लें ये 5 बातें -
दीपिका पादुकोण ने शेयर की सेकंड प्रेगनेंसी की गुड न्यूज, 40 की उम्र में मां बनना है सेफ -
Chardham Yatra करने से पहले पढ़ लें ये 5 बड़े नियम, इन लोगों को नहीं मिलेगी यात्रा की अनुमति -
Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया पर 10 रुपये के नमक का ये टोटका, रातों-रात बदल देगा आपकी किस्मत -
Akshaya Tritiya Wishes: घर की लक्ष्मी को इन खूबसूरत संदेशों के जरिए कहें 'हैप्पी अक्षय तृतीया' -
Akshaya Tritiya Vrat Katha: अक्षय तृतीया के दिन जरूर पढ़ें यह कथा, मिलेगा मां लक्ष्मी का आशीर्वाद -
Parshuram Jayanti 2026 Wishes: अधर्म पर विजय...इन संदेशों के साथ अपनों को दें परशुराम जयंती की शुभकामनाएं -
Akshaya Tritiya 2026 Wishes: सोने जैसी हो चमक आपकी...अक्षय तृतीया पर प्रियजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश
Pitru Paksha Me Jal Dene Ki Vidhi: जानें पितरों को जल देने की सही विधि, दिशा का रखें ध्यान
Pitru Paksha Me Jal Dene Ki Vidhi: पंचांग के अनुसार, हर साल भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा से पितृ पक्ष का आरंभ होता है। इसका समापन आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को होता है। इस साल पितृ पक्ष 29 सितंबर से 14 अक्टूबर तक चलेगा।
यह अवधि हमारे पूर्वजों को समर्पित मानी गयी है। इस दौरान वो परलोक से धरती पर अपने परिवार से मिलने और उन्हें देखने आते हैं। पितृ पक्ष में निमित्त तर्पण, पिंड दान व श्राद्ध कर्म किये जाते हैं।

पितृ पक्ष इतना विशेष है कि इस अवधि में कई नियमों का पालन किया जाता है। कई बातों का ध्यान रखकर यह अवधि बितायी जाती है। वहीं श्राद्ध कर्म के दौरान भी कुछ बातों का ख़ास ख्याल रखना जरूरी माना जाता है। पितृ पक्ष पितरों को जल देने का विधान है, जानते हैं इससे जुड़ा नियम क्या है।
पितरों को कैसे देना चाहिए जल?
पितृ पक्ष में पितरों का तर्पण करना आवश्यक होता है। पितरों की आत्मा की शांति के लिए अंगूठे से जल देना शुभ माना जाता है। गौरतलब है कि हथेली में अंगूठे वाला हिस्सा पितृ तीर्थ होता है। इसलिए आप अंगूठे के माध्यम जलांजलि दें।
किस दिशा में बैठकर तर्पण किया जाता है?
जो जातक तर्पण कर रहे हैं वो सभी सामग्री लेकर दक्षिण दिशा की तरफ मुख करके बैठें। आप अपने हाथों में जल, अक्षत, कुशा, काला तिल और फूल लेकर दोनों हाथ जोड़ लें और अपने पितरों का स्मरण करें। इसके बाद उन्हें इस जल को ग्रहण करने के लिए आमंत्रित करें।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











