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परिवार में कलह-क्लेश रहता है तो क्या करें? प्रेमानंद जी महाराज ने बताया समाधान
वृंदावन वाले प्रेमानंद महाराज जी के प्रति लोगों की बड़ी आस्था है। सत्संग के दौरान कही गई बातों को लोग बड़े ही ध्यान से सुनते हैं और उन्हें अपने जीवन में अमल करने की भरपूर कोशिश करते हैं। प्रेमानंद महाराज जी सोशल मीडिया में भी बहुत ही प्रसिद्ध है और उनके करोड़ों फॉलोअर्स हैं।
सत्संग के दौरान प्रेमानंद महाराज जी अपने भक्तों की समस्या भी सुनते हैं और उनके समाधान के लिए कुछ अचूक उपाय भी बताते हैं। हाल ही में एक भक्त ने सत्संग के दौरान महाराज जी से सवाल किया कि घर परिवार में कलह कलेश मचा है, नकारात्मक ऊर्जा फैली है तो ऐसी स्थिति में अध्यात्म के रास्ते कैसे जाया जाए।
परिवार में कलह-क्लेश रहता है तो क्या करें?

प्रेमानंद महाराज जी बड़ी संयमता से इस सवाल का जवाब देते हुए कहते हैं कि जब तक दूसरों के प्रति श्रद्धा नहीं है, आपके आचरण सहजता नहीं है और भगवान का नाम नहीं जपते हैं तब तक हर घर में कलह है। कहीं माता-पिता अपने संतान की बात नहीं समझ पा रहा है, तो कहीं बच्चे ही अपने माता-पिता का अपमान करने में तुले हुए हैं।
महाराज जी ने कहा कि जो भाई-बहन गंदे आचरण में आ गए हैं, वह कभी सद्गृहस्था नहीं बन पाएंगे। उनकी राक्षसी बुद्धि में वृद्धि हो गई है इस कारण वे माता-पिता का तिरस्कार कर रहे हैं।
प्रेमानंद महाराज जी कहते हैं कि अधर्म बहुत लंबे समय तक नहीं टिकता, कलह को समाप्त करने के लिए भगवान के नाम का जाप करना बहुत ही ज्यादा जरूरी है। इससे घर में क्लेश भी खत्म हो जाएगा और सभी सदस्यों के हृदय से राक्षसी गुण भी समाप्त हो जाएगा।
संपूर्ण संसार में लोग रिश्तों की मोह माया में बहुत ही ज्यादा फँस जाते हैं। इससे बाहर निकलना बहुत ही ज्यादा जरूरी है और इसके साथ ही उससे भी ज्यादा जरूरी है भगवान में ध्यान लगाना।
प्रेमानंद महाराज जी कहते हैं कि जब किसी की मोह माया से छूटने में बहुत ही परेशानी होती है, वही लोग ने आपको ठुकरा देते हैं। इसे भगवान का विशेष आशीर्वाद समझना चाहिए और इससे अत्यंत प्रसन्न होना चाहिए क्योंकि अब आपका सांसारिक कर्तव्य समाप्त हो गया है या नष्ट हो गया है।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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