Latest Updates
-
Kumaoni Kheera Raita: गर्मी के मौसम में वरदान है उत्तराखंड का ये खीरे का रायता, 10 मिनट में ऐसे करें तैयार -
Surya Grahan 2026: किस अमावस्या को लगेगा दूसरा सूर्य ग्रहण? क्या भारत में दिन में छा जाएगा अंधेरा? -
Jamun Side Effects: इन 5 लोगों को नहीं खाने चाहिए जामुन, फायदे की जगह पहुंचा सकता है भारी नुकसान -
Amarnath Yatra 2026: सावधान! ये 5 लोग नहीं कर सकते अमरनाथ यात्रा, कहीं आप भी तो शामिल नहीं? -
26 या 27 अप्रैल, कब है मोहिनी एकादशी? जानें व्रत की सही तारीख और पारण का शुभ समय -
बेसन या सूजी का चीला, जानें वजन घटाने के लिए कौन सा नाश्ता है सबसे बेस्ट? नोट करें रेसिपी -
तपती धूप में निकलने से पहले खा लें प्याज-हरी मिर्च का ये खास सलाद, लू के थपेड़े भी रहेंगे बेअसर -
Somvar Vrat Katha: सोमवार व्रत के दिन जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, भगवान शिव पूरी करेंगे हर मनोकामना -
Aaj Ka Rashifal, 20 April 2026: मालव्य योग से चमकेंगे इन राशियों के सितारे, जानें आज का भाग्यफल -
Birthday Wishes for Boss: बॉस के बर्थडे पर भेजें ये खास और सम्मानजनक शुभकामनाएं, बोलें 'हैप्पी बर्थडे'
Periods Me Puja Kare Ya Nahi: प्रेमानंद जी से जानें महिलाओं को पीरियड्स में पूजा-मंत्र जाप करना चाहिए या नहीं
Periods me Puja Kare Ya Nahi: वृंदावन वाले प्रेमानंद महाराज जी बड़े ही सरल, सहज एवं मीठी वाणी की प्रवक्ता है। इनके भजन सत्संग को सुनने के लिए बड़ी ही श्रद्धा पूर्वक लोग लाखों की तादाद में पहुंचते हैं।
सत्संग के दौरान प्रेमानंद महाराज जी ने बताया कि मासिक धर्म या पीरियड के दौरान महिलाओं को भगवान की पूजा करना या मंदिर जाना चाहिए या नहीं।

मासिक धर्म में पूजा करना सही या गलत?
प्रेमानंद महाराज जी कहते हैं कि शास्त्रों में इस बात का विशेष उल्लेख किया गया है कि महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान कोई भी पूजा अर्चना, मंत्र जाप या ईश्वरीय अनुष्ठान नहीं करना चाहिए। उनके लिए यह समय प्रतिबंधित है।
महाराज जी कहते हैं कि समस्त महिलाओं को इस समय साप्ताहिक अनुष्ठान बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए। लेकिन महिलाएँ इस समय भगवत चिंतन का गुणगान विशेष रूप से कर सकती है।
प्रेमानंद महाराज जी कहते हैं कि पीरियड के दौरान ग्रंथ पढ़ना, रसोई बनाना, ठाकुर की सेवा करना आदि समस्त कार्य पूर्ण रूप से प्रतिबंधित है, ऐसी शास्त्र में मर्यादा है।
प्रेमानंद महाराज जी आगे कहते हैं कि पीरियड के दौरान शरीर और अपवित्र हो जाता है तो इसका मूल अर्थ है आत्मा भी अपवित्र है क्योंकि आत्मा और शरीर आपस में जुड़े हुए हैं।
मासिक धर्म के नियम
प्रेमानंद महाराज जी ने मासिक धर्म के कुछ नियम बताए हैं जिसमें उन्होंने महिलाओं से कहा है कि तीन दिनों तक अपने मन में ठाकुर जी का नाम, भजन और भक्ति पूरे मन से करनी चाहिए। किसी भी अवस्था में भजन को बिल्कुल भी नहीं त्यागना चाहिए।
जया किशोरी ने क्या कहा था
कथावाचक जया किशोरी ने भी कुछ समय पूर्व इस मुद्दे पर अपनी राय रखी थी। जया किशोरी जी ने कहा था कि प्राचीन समय में पीरियड के दिनों के लिए ज्यादा साधन उपलब्ध नहीं थे जिसके कारण महिलाओं को कपड़े का उपयोग करना पड़ता था इसलिए सभी महिलाओं को इन दिनों आराम करने और अपना ख्याल रखने की सलाह दी जाती थी ।
जया किशोरी ने कहा समय के साथ कुछ लोगों ने इसे रूढ़िवादी परंपरा में शामिल कर लिया, जिसके कारण कुछ लोगों ने इसके बारे में नियम बना दिए।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











