Latest Updates
-
Periods Delay Pills: पीरियड्स टालने वाली गोलियां बन सकती हैं जानलेवा, इस्तेमाल से पहले जान लें ये गंभीर खतरे -
वजन घटाने के लिए रोज 10K कदम चलना सबसे खतरनाक, एक्सपर्ट ने बताए चौंकाने वाले दुष्परिणाम -
Maharana Pratap Jayanti 2026 Quotes: महाराणा प्रताप की जयंती पर शेयर करें उनके अनमोल विचार, जगाएं जोश -
Shani Gochar 2026: रेवती नक्षत्र में शनि का महागोचर, मिथुन और सिंह सहित इन 5 राशियों की लगेगी लॉटरी -
Aaj Ka Rashifal 9 May 2026: शनिवार को इन 4 राशियों पर बरसेगी शनिदेव की कृपा, धन लाभ के साथ चमकेंगे सितारे -
Mother Day 2026: सलाम है इस मां के जज्बे को! पार्किंसंस के बावजूद रोज 100 लोगों को कराती हैं भोजन -
Aaj Ka Rashifal 08 May 2026: शुक्रवार को इन 4 राशियों पर बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपा, जानें अपना भाग्यशाली अंक और रंग -
Mother’s Day 2026: इस मदर्स डे मां को दें स्टाइल और खूबसूरती का तोहफा, ये ट्रेंडी साड़ियां जीत लेंगी उनका दिल -
World Ovarian Cancer Day 2026: ओवेरियन कैंसर से बचने के लिए महिलाएं करें ये काम, डॉक्टर ने बताए बचाव के तरीके -
World Ovarian Cancer Day 2026: ओवेरियन कैंसर होने पर शरीर में दिखाई देते हैं ये 5 लक्षण, तुरंत करवाएं जांच
Putrada Ekadashi 2025: 4 या 5 अगस्त? इस साल कब रखें सावन की पुत्रदा एकादशी का व्रत
Putrada Ekadashi 2025 Date : सनातन धर्म में एकादशी तिथि को अत्यंत पावन और पुण्यदायी माना गया है। हर महीने दो बार एकादशी तिथि आती है, एक कृष्ण पक्ष में और दूसरी शुक्ल पक्ष में। साल भर में कुल 24 या 25 एकादशियां होती हैं। लेकिन कुछ एकादशियां विशेष रूप से फलदायी मानी जाती हैं, जैसे सावन माह की शुक्ल पक्ष की एकादशी, जिसे पुत्रदा एकादशी कहा जाता है।

क्यों कहते हैं इसे पुत्रदा एकादशी?
इस एकादशी का नाम 'पुत्रदा' इसलिए पड़ा क्योंकि इस दिन व्रत एवं भगवान विष्णु की पूजा करने से संतान सुख की प्राप्ति होती है। ऐसी मान्यता है कि जो स्त्रियाँ संतान सुख की इच्छा रखती हैं, यदि वे इस दिन श्रद्धा भाव से व्रत करें और भगवान विष्णु की पूजा करें, तो उन्हें संतान की प्राप्ति अवश्य होती है।
कब है सावन की पुत्रदा एकादशी 2025?
सावन माह की शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि का प्रारंभ 4 अगस्त 2025 को सुबह 11:41 बजे से होगा और यह तिथि 5 अगस्त 2025 को दोपहर 1:12 बजे तक रहेगी। उदया तिथि के अनुसार पुत्रदा एकादशी का व्रत 5 अगस्त 2025, मंगलवार को रखा जाएगा।
शुभ मुहूर्त और योग
ब्रह्म मुहूर्त - सुबह 04:20 बजे से 05:02 बजे तक
रवि योग - सुबह 05:45 बजे से 11:23 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 12:00 बजे से 12:54 बजे तक
सायंकाल पूजन मुहूर्त - शाम 07:09 बजे से 07:30 बजे तक
पुत्रदा एकादशी का धार्मिक महत्व
पुत्रदा एकादशी न सिर्फ संतान प्राप्ति के लिए, बल्कि संतान की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और पारिवारिक सुख-शांति के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस दिन भगवान विष्णु की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। भक्त तुलसी पत्र, पंचामृत, दीपक और शुद्ध जल से श्रीहरि को स्नान कराते हैं, मंत्र जाप करते हैं और व्रत रखते हैं।
व्रत करने की विधि
- व्रती को सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करना चाहिए।
- व्रत का संकल्प लें और विष्णु भगवान का ध्यान करें।
- पूरे दिन फलाहार करें या निर्जल उपवास करें।
- संध्या काल में विष्णु सहस्त्रनाम या 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जाप करें।
- रात्रि जागरण और कीर्तन करना शुभ माना जाता है।
- अगले दिन द्वादशी तिथि को ब्राह्मणों को भोजन करवाकर व्रत का पारण करें।
दो बार आती है साल में पुत्रदा एकादशी
साल में दो बार पुत्रदा एकादशी आती है - पहली सावन महीने में और दूसरी पौष महीने में। सावन की पुत्रदा एकादशी को 'पवित्रपणा एकादशी' भी कहा जाता है। पौष की पुत्रदा एकादशी दिसंबर या जनवरी में आती है। दोनों का महत्व समान है, लेकिन सावन में भगवान शिव और विष्णु दोनों की पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है।



Click it and Unblock the Notifications