Latest Updates
-
April Fool's Day 2026 Shayari: अप्रैल फूल डे पर दोस्तों-यारों को भेजें ये फनी शायरियां, रोक नहीं पाएंगे हंसी -
April Fool's Day 2026 Wishes: मूर्खों के सरताज...अप्रैल फूल पर दोस्तों-रिश्तेदारों को भेजें ये फनी मैसेज -
Aaj Ka Rashifal 1 April 2026: मेष से मीन तक कैसा रहेगा महीने का पहला दिन? जानें शुभ अंक और रंग -
April Fool's Day 2026: लंगोटिया यारों की 'बत्ती गुल' कर देंगे ये फनी मैसेजेस, हंसी रोकना होगा मुश्किल -
Lucky Signs: घर से निकलते समय इन 5 चीजों का दिखना माना जाता है बेहद शुभ, समझ जाएं जल्द बदल सकती है किस्मत -
Mysterious Temples Of India: भारत के 5 रहस्यमयी मंदिर, जहां का प्रसाद घर ले जाना होता है मना -
नारियल या सरसों का तेल? बालों की ग्रोथ के लिए कौन है नंबर-1, जानें सफेद बालों का पक्का इलाज -
April Fool's Pranks: अपनों को बनाना चाहते हैं अप्रैल फूल? ट्राई करें ये प्रैंक्स, हंस-हंसकर हो जाएंगे लोटपोट -
Mahavir Jayanti 2026: अपने बेटे के लिए चुनें भगवान महावीर के ये 50+ यूनीक नाम, जिनका अर्थ है बेहद खास -
डायबिटीज के मरीज ब्रेकफास्ट में खाएं ये 5 चीजें, पूरे दिन कंट्रोल रहेगा ब्लड शुगर लेवल
Rama Ekadashi 2023: गुरुवार को रखा जाएगा रमा एकादशी व्रत, श्रीहरि के साथ करें माता लक्ष्मी की पूजा
Rama Ekadashi 2023: हिन्दू धर्म में एकादशी का बेहद ख़ास महत्व होता है। हर माह में दो एकादशी व्रत आते हैं और इन व्रत को भगवान विष्णु की अराधना में रखा जाता है। हिन्दू पंचांग के अनुसार कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को रमा एकादशी मनाई जाती है।
इस वर्ष रमा एकदाशी 9 नवंबर को मनाई जायेगी। गुरुवार के दिन इसके पड़ने से इस एकादशी का महत्व और भी अधिक बढ़ जाता है। रमा एकादशी के दिन श्री हरी विष्णु के साथ साथ माता लक्ष्मी का भी पूजन किया जाता है। मां लक्ष्मी को रमा भी कहा जाता है इसलिए इस व्रत को रमा एकादशी कहा जाता है। जानते हैं इस एकादशी की तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा मन्त्र और पूजा विधि के बारे में विस्तार से -

रमा एकादशी की तिथि और मुहूर्त
एकादशी तिथि की शुरुआत 8 नवंबर को सुबह 08:23 से होगी और 9 नवंबर को सुबह 10:41 तक तिथि का समापन होगा। उदया तिथि को मानते हुए रमा एकादशी 9 नवंबर को मनाई जायेगी।
व्रत का पारण द्वादशी के दिन यानी 10 नवंबर को सुबह 06:39 से 08:49 के बीच कर सकते हैं।
9 नवंबर को पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 06:39 से लेकर 8 बजे तक रहेगा।
रमा एकादशी की पूजा विधि
कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को प्रातः काल ब्रह्म मुहूर्त में उठें। इस दिन पवित्र नदियों में या घर पर ही सूर्योदय से पूर्व स्नान आदि कार्य करने के बाद व्रत का संकल्प लें। रमा एकादशी के दिन भगवान विष्णु के दिव्य रूप केशव की पूजा देवी लक्ष्मी के साथ की जाती है। भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी का पंचामृत से अभिषेक कर पीला चन्दन, अक्षत, मोली, फल, फूल, मेवा, भोग आदि अर्पित करें एवं लक्ष्मी-नारायण की धूप व दीप से आरती उतारें। भगवान श्री हरी विष्णु को तुलसी दल अर्पित करना बिलकुल ना भूलें। इसके बाद एकादशी की कथा सुनें और फिर 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जाप करें। एकादशी के दिन रात्रि जागरण कर हरि कीर्तन किया जाता है। द्वादशी के दिन ब्राह्मण व ज़रुरतमंदों को दान दक्षिणा दें उसके बाद व्रत का पारण करें।
भगवान विष्णु पूजा मंत्र
ॐ नमोः नारायणाय । ॐ नमोः भगवते वासुदेवाय।
शांता कारम भुजङ्ग शयनम पद्म नाभं सुरेशम।
विश्वाधारं गगनसद्र्श्यं मेघवर्णम शुभांगम।
लक्ष्मी कान्तं कमल नयनम योगिभिर्ध्यान नग्म्य्म ।
वन्दे विष्णुम भवभयहरं सर्व लोकैकनाथम।।
माता लक्ष्मी पूजा मंत्र
ॐ ह्रीं श्रीं लक्ष्मीभ्यो नम।
ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद,
ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्ये नम:।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











