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Sakat Chauth 2024 Stotra: सकट चौथ के दिन करें संकटनाशन गणेश स्तोत्र का पाठ, समृद्ध जीवन का मिलेगा आशीर्वाद
Shri Sankat Nashan Ganesh Stotra on Sakat Chauth: सकट चौथ या संकष्टी चतुर्थी इस वर्ष 29 जनवरी को मनाई जा रही है। हिन्दू पंचांग के अनुसार माघ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को सकट चौथ मनाया जाता है। इस दिन माताएं अपने संतान के लिए व्रत का पालन करती हैं, भगवान गणेश की पूजा करती हैं और शाम में चंद्रमा को अर्घ्य देती हैं।
मान्यतानुसार इस दिन निर्जला व्रत के पालन और गणेश की श्रद्धापूर्वक अराधना करने से संतान रोग और अन्य समस्याओं से दूर रहती है। सकट चौथ के दिन संकटनाशन गणेश स्तोत्र का पाठ करने से जीवन के सभी कष्टों का नाश हो जाता है और भगवान गणपति की विशेष कृपा पूरे परिवार पर बनी रहती है।

श्री संकटनाशन स्तोत्र अथवा सङ्कटनाशन गणपति स्तोत्र
॥ श्री गणेशायनमः ॥
नारद उवाच -
प्रणम्यं शिरसा देव गौरीपुत्रं विनायकम ।
भक्तावासं: स्मरैनित्यंमायु:कामार्थसिद्धये ॥1॥
प्रथमं वक्रतुंडंच एकदंतं द्वितीयकम ।
तृतीयं कृष्णं पिङा्क्षं गजवक्त्रं चतुर्थकम ॥2॥
लम्बोदरं पंचमं च षष्ठं विकटमेव च ।
सप्तमं विघ्नराजेन्द्रं धूम्रवर्ण तथाष्टकम् ॥3॥
नवमं भालचन्द्रं च दशमं तु विनायकम ।
एकादशं गणपतिं द्वादशं तु गजाननम ॥4॥
द्वादशैतानि नामानि त्रिसंध्य य: पठेन्नर: ।
न च विघ्नभयं तस्य सर्वासिद्धिकरं प्रभो ॥5॥
विद्यार्थी लभते विद्यां धनार्थी लभते धनम् ।
पुत्रार्थी लभते पुत्रान् मोक्षार्थी लभते गतिम् ॥6॥
जपेद्वगणपतिस्तोत्रं षड्भिर्मासै: फलं लभेत् ।
संवत्सरेण सिद्धिं च लभते नात्र संशय: ॥7॥
अष्टभ्यो ब्राह्मणेभ्यश्च लिखित्वां य: समर्पयेत ।
तस्य विद्या भवेत्सर्वा गणेशस्य प्रसादत: ॥8॥
॥ इति श्रीनारदपुराणे संकष्टनाशनं गणेशस्तोत्रं सम्पूर्णम् ॥
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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