घर पर ही करते हैं शिवलिंग की पूजा-अर्चना, यहां जाने जलाभिषेक का सही तरीका, सावन महीने में भी आएगा काम

सावन के महीने में शिवलिंग पर रोजाना जलाभिषेक करना बहुत ही विशेष माना जाता है। शिवलिंग पर जलाभिषेक हिंदू रीति-रिवाजों में सबसे खास अनुष्ठान माना जाता है। लेकिन सावन के महीने में रोजाना मंदिर जाकर शिवलिंग पर जल चढ़ाना कई लोगों के लिए मुश्किल हो सकता है। ऐसे में कई लोग अपने घर में ही शिवलिंग को स्थापित करके जलाभिषेक करते हैं।

घर में शिवलिंग पर जलाभिषेक करते समय अक्सर हम कुछ न कुछ गलतियां कर देते हैं। ऐसे में आज हम उस आर्टिकल के जरिए आपके लिए कुछ ऐसे उपाय लेकर आए हैं, जिसकी मदद से आप घर पर विधि-विधान के साथ शिवलिंग जलाभिषेक कर पाएंगे। जलाभिषेक की इस विधि का उपयोग आप सोमवार, सावन के महीने, महाशिवरात्रि, मासिक शिवरात्रि जैसे खास दिनों पर कर सकते हैं।

Shivlinga

घर पर शिवविंग जलाभिषेक करने का सही तरीका

- अपने घर में शिवलिंग को किसी पीतल या तांबे की थाली या प्लेट में रखें। आप शिवलिंग के सामने नंदी की मूर्ति भी रख सकते हैं। भगवान शिव की पूजा के साथ उनके वाहन नंदी को भी रोजाना प्रणान करना जरूरी होता है।

- शिवलिंग पर जलाभिषेक करने के लिए जरूरी चीजों को इकट्ठा करें। जिसमें पानी, दूध, दही, शहद, घी, चंदन का पेस्ट, फूल और फल शामिल होंगे। इसके अलावा आप अपने पूजा की सामग्री में एक घंटी, अगरबत्ती, कपूर और एक दीपक भी रख सकते हैं।

- शिवलिंग की पूजा और जलाभिषेक से पहले नहाएं और अपने हाथ पैर धोकर साफ सुथरे कपड़े पहनें।

- अब शिवलिंग को जल चढ़ाकर अभिषेक की शुरुआत करें। आप उद्रणी यानि पंच पत्र के चम्मच का इस्तेमाल सामग्री चढ़ाने के लिए कर सकते हैं। लेकिन स्टील के बर्तन का इस्तेमाल करने से बचें।

- शिवलिंग पर जलाभिषेक करते समय भगवान शिव के 108 नामों का जाप करें या फिर आप ओम नमः शिवाय का भी जाप कर सकते हैं।

- इसके बाद शिवलिंग पर एक छोटी कटोरी कच्चे दूध का जलाभिषेक करें और फिर थोड़ी मात्रा में जल चढ़ाकर शिवलिंग को शुद्ध करें।

- अब शिवलिंग पर दही चढ़ाएं और दोबारा जल उन्हें अर्पित करें। फिर घी चढ़ाएं और जल अर्पित करें। शहद चढ़ाकर जलाभिषेक करें।

- आप चंदन के साथ पंचामृत यानि 5 सामग्रियों का मिश्रण - जिसमें मैश किया हुआ केला, शहद, मिश्री, दूध और घी शामिल हैं, से भी अभिषेक कर सकते हैं।

- पंचामृत चढ़ाने के बाद शिवलिंग को एक बार फिर से जल से शुद्ध कर लें।

- अब धीरे से शिवलिंग और नंदी बाबा की मूर्ति को थाली से बाहर निकालें और उन्हें एक साफ कपड़े से पोंछ लें।

- अभिषेक की थाली को पूजा स्थल से हटा दें और शिवलिंग, नंदी बाबा को दोबारा उनके वेदी पर रख दें।

- इसके बाद कलावा का एक टुकड़ा, चंदन, अक्षत, जनेऊ, बेल पत्र, धतूरा के फूल और फल, अगरबत्ती, नारियल शिवलिंग पर चढ़ाएं।

- आखिर में आरती कर अपनी पूजा का समापन करें।

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