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Sawan: महादेव का अंश माने जाते हैं ये अवतार, शिवजी को प्रसन्न करने के लिए करें इनका भी ध्यान
महादेव शिव को समर्पित पावन माह सावन जारी है और चारों ओर माहौल महादेव की भक्ति में सराबोर है। पूरे श्रावन माह में भोलेनाथ की विशेष आराधना और साधना की जाती है।
धार्मिक मान्यताओं और ग्रंथों के अनुसार शिवजी के कई रूप हैं, कुछ उनके रौद्र रूप हैं तो कुछ सौम्य। भोलेनाथ सृष्टि के रक्षक के साथ इन रूपों में भक्तों पर कृपा भी बरसाते हैं। जानते हैं कौन से हैं महादेव के वे अवतार या अंश जिनका पूजन आप सावन माह में कर सकते हैं -

द्रोण के पुत्र अश्वत्थामा
महाभारत के युद्ध के अंतिम चरणों में गुरु द्रोणाचार्य के पुत्र अश्वत्थामा को सेनापति बनाया गया था। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अश्वत्थामा शिव के अंश थे। दरअसल गुरु द्रोणाचार्य ने कठिन तप करके भोलेनाथ को अपने पुत्र रूप में पाने का आशीर्वाद प्राप्त किया था।
हनुमान जी
शिव महापुराण के अनुसार प्रख्यात समुद्र मंथन के बाद अमृत को लेकर हो रहे संघर्ष को रोकने के लिए जब भगवान विष्णु ने मोहिनी रूप धारण किया था तो शिवजी का कामासक्त होकर वीर्यपात हो गया था और इस दौरान सप्तऋषियों ने मिलकर उस वीर्य को कुछ पत्तों में संग्रहित किया था। इसी वीर्य को बाद में वानरराज केसरी की पत्नी अंजनी के गर्भ में कान के माध्यम से स्थापित कर दिया गया था, जिससे महाबली श्री हनुमान जी का जन्म हुआ। इसलिए महाबली हनुमान को भी शिव जी का अंश माना जाता है।

भगवान वीरभद्र
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान वीरभद्र शिव जी की जटाओं से उत्पन्न हुए थे। जब देवी सती राजा दक्ष के यज्ञ की अग्नि में अपने प्राण त्यागने जा रही थीं तभी शिव ने क्रोध में अपनी एक जटा को पर्वत पर जोर से पटका और उससे वीरभद्र प्रकट हुए और उन्होंने राजा दक्ष के यज्ञ को ध्वस्त करके उसका वध कर दिया।

काल भैरव
काल भैरव को भी शिव का अवतार माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार एक बार ब्रह्मा और विष्णु के बीच 'कौन सर्वश्रेष्ठ है' इस बात को लेकर विवाद हो गया। ब्रह्मा के अहंकार भरे व्यवहार को देखकर शिव ने काल भैरव को प्रकट किया। महादेव से शक्ति पाकर काल भैरव ने ब्रह्मा जी के पांचवे सिर को अपने अंगुली के नाख़ून से काट दिया और वे ब्रह्महत्या के दोषी हो गये। काल भैरव को इस पाप से मुक्ति काशी में जाकर मिली।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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