Latest Updates
-
Rajasthan Diwas 2026 Wishes In Marwari: आ धरती म्हारे राजस्थान री...इन मारवाड़ी मैसेज से अपनों को दें बधाई -
Rajasthan Diwas 2026 Wishes: मरुधरा की रेत...राजस्थान दिवस के मौके पर प्रियजनों को भेजें ये शुभकामना संदेश -
Aaj Ka Rashifal 30 March 2026: सोमवार को महादेव बरसाएंगे इन 4 राशियों पर कृपा, जानें अपना भाग्यफल -
Yoga For Arthritis: गठिया के दर्द से हैं परेशान तो रोज करें ये 5 योगासान, जल्द ही मिलेगी राहत -
फैटी लिवर होने पर भूलकर भी ना खाएं ये 5 चीजें, वरना झेलने पड़ेंगे गंभीर नुकसान -
March Pradosh Vrat 2026: मार्च महीने का अंतिम प्रदोष व्रत कब है? जानें तारीख, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि -
हाथ से इन 5 चीजों का गिरना है बड़े संकट का संकेत, कहीं आप तो नहीं कर रहे नजरअंदाज? -
School Holiday April 2026: छुट्टियों की भरमार! गुड फ्राइडे से आंबेडकर जयंती तक, देखें अवकाश लिस्ट -
इन 5 तरीकों से मिनटों में पहचानें असली और नकली सरसों का तेल, सेहत से न करें समझौता -
इन 5 लोगों को भूलकर भी नहीं खानी चाहिए अरबी की सब्जी, सेहत को हो सकता है गंभीर नुकसान
Sawan Purnima 2024: कब पड़ रही है सावन माह की पूर्णिमा, नोट करें शुभ मुहूर्त, चंद्रमा अर्घ्य समय
Sawan Purnima 2024 Kab Hai: सावन के पवित्र महीने की पूर्णिमा का व्रत और स्नान दान सावन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को रखा जाता है। श्रावण पूर्णिमा के दिन व्रत रखकर भगवान सत्यनारायण की विधि विधान से पूजा अर्चना की जाती है। इसके साथ ही विधिवत सत्यनारायण कथा भी सुनते हैं। भगवान सत्यनारायण की कथा आयोजन करने से घर में सुख, शांति और समृद्धि आती है तथा जाने अनजाने में किए गए पापों से मुक्ति मिलती है और भगवान सत्यनारायण का विशेष आशीर्वाद भी प्राप्त होता है।
ज्योतिष आचार्यों का कहना है कि इस वर्ष सावन पूर्णिमा का व्रत और स्नान दान एक ही दिन है। सावन पूर्णिमा के पावन पर्व पर 3 शुभ योग का निर्माण भी हो रहा है। आइए विस्तार पूर्वक जानते हैं सावन पूर्णिमा कब है? सावन पूर्णिमा का व्रत और स्नान दान किस दिन है? पूजा का मुहूर्त और चंद्रमा का अर्घ्य देने का उत्तम समय क्या है?

कब है सावन पूर्णिमा 2024
हिंदू कैलेंडर के मुताबिक श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि 19 अगस्त दिन सोमवार को प्रातःकाल 3:04 से प्रारंभ होगी। यह तिथि रात्रि 11:55 तक मूल रूप से मान्य होगी। उदया तिथि और चंद्र उदय समय के मुताबिक श्रावण पूर्णिमा का व्रत और स्नान दान 19 अगस्त दिन सोमवार को है। सावन पूर्णिमा के दिन ही रक्षाबंधन का पावन पर्व भी मनाया जाएगा।
19 अगस्त दिन सोमवार को सावन पूर्णिमा का व्रत रखकर भगवान सत्यनारायण की पूजा अर्चना की जाएगी। प्रातःकाल से पवित्र नदियों में स्नान होगा। उसके पश्चात अपनी स्थिति मुताबिक दान दक्षिणा किया जाएगा।
सावन पूर्णिमा 2024 मुहूर्त
जो जातक श्रावण पूर्णिमा के पावन पर्व पर व्रत और स्नान करना चाहेंगे, वह श्रावण पूर्णिमा के दिन ब्रह्म मुहूर्त 4:25 से 5:09 के मध्य स्नान कर सकते हैं। इसके अलावा 5:53 से 8:10 के मध्य भी आप स्नान कर सकते हैं। इस दिन यह बहुत ही बड़ा शुभ समय होगा। श्रावण पूर्णिमा के दिन पूजा का शुभ मुहूर्त 5:53 से 8:10 तक बहुत ही अच्छा रहने वाला है।
3 शुभ योग में है सावन पूर्णिमा
इस वर्ष सावन पूर्णिमा के पावन पर्व पर तीन शुभ योग का निर्माण हो रहा है। सावन पूर्णिमा के पावन पर्व पर शोभन योग, रवि योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का निर्माण होगा। पूर्णिमा पर शोभन योग पूरे दिन भर रहेगा। इसके साथ ही सर्वार्थ सिद्धि योग 5:53 से 8:10 तक रहेगा। इसके साथ ही इस समय रवि योग भी रहेगा। इन तीन शुभ योग में आप पूजा अर्चना इत्यादि कर सकते हैं। सावन पूर्णिमा के पावन पर्व पर श्रवण नक्षत्र प्रात काल 8:10 तक है। उसके पश्चात धनिष्ठा नक्षत्र है।
श्रावण पूर्णिमा 2024 चंद्रमा का समय
सावन पूर्णिमा के पावन पर्व पर व्रत मुख्य रूप से चंद्र देव के लिए रखा जाता है। यह व्रत चंद्रमा को अर्घ्य देने के पश्चात पूर्ण होता है। इस वर्ष श्रावण पूर्णिमा पर चंद्रोदय सायं काल 6:56 पर होगा। अंधेरा होने के पश्चात आप चंद्र देव की पूजा अर्चना के पश्चात अर्घ्य दे सकते हैं।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











