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महाकाव्य महाभारत के कुछ छुपे हुए रहस्य
हर कोई हिंदू धर्म के महाकाव्य महाभारत के बारे में जानता है। यह एक ऐसा शास्त्र है जिसके बारे में सबसे ज्यादा चर्चा और बातें की जाती है और इस काव्य में कई रहस्य है जिनके बारे में आजतक सही-सही पता नहीं लग पाया है या फिर बहुत कम लोगों को ही पता है। उदाहरण के लिए - हर कोई जानता है कि पांच पांडव थे और उनकी एक ही महारानी थी जिसका नाम द्रौपदी था, लेकिन क्या आपको पता है कि सभी पांडवों की एक-एक पत्नी और थी।
ऐसे ही और कई भी बातें महाभारत में वर्णित है जिनके बारे में गिने-चुने और जानकर लोगों को ही पता है। इस आर्टिकल में महाभारत के ऐसे ही कुछ रहस्यों के बारे में बताया जा रहा है।
महाकाव्य महाभारत से कुछ और रहस्यमयी बातें :

भीम पहले पांडव थे जिनकी शादी सबसे पहले हुई थी: भीम का विवाह एक राक्षस हिडिम्ब की बहन हिडिम्बा के साथ हुआ था। हिडिम्ब का वध कर देने के कारण, हिडिम्बा को उसके रक्षक के रूप में भीम से विवाह करना अनिवार्य था। इन दोनों की एक संतान भी हुई थी जिसका नाम घटोत्कच था। घटोत्कच का वध, महाभारत के युद्ध में हो गया था।
द्रोपदी की इच्छा : द्रोपदी पूर्व जन्म में शादी न होने के कारण परेशान थी और उन्होने भगवान शिव की आराधना की थी। इससे भगवान शिव प्रसन्न हो गए थे और उन्होने द्रोपदी से वरदान मांगने को कहा, तो द्रोपदी ने पांच बार में अपनी मांग पूरी की और भगवान ने तथास्तु कह दिया। बाद में वही पांच वरदान पांडवों के रूप में पूरे हो गए, लेकिन राजा ध्रुपद काफी परेशान थे कि ऐसा कैसे हो सकता है तो भगवान बाल्मिीकि ने आकर उनको समझाया कि यह द्रोपदी के पूर्व जन्म का मांगा हुआ वरदान है। क्या भगवान का अस्तित्व है? एक अंतिम सवाल
पहली पसंद अर्जुन : जब द्रोपदी का स्वयंवर होने वाला था, तो राजा ध्रुपद अपनी पुत्री का विवाह अर्जुन से करना चाहते थे और इसीलिए उन्होने रणनीति के तहत मछली की आंख भेदने वाली प्रतियोगिता रखी थी। बाद में कर्ण के आने से स्वंयवर में थोड़ी खींचतान हो गई, लेकिन बाद में अर्जुन ने ही प्रतियोगिता जीत ली। हालांकि, बाकी के राजाओं ने बाद में लड़ाई छेड़ दी थी, पर भगवान कृष्ण के बीच में हस्तक्षेप करने पर स्थिति नियंत्रण में आ गई। द्रोपदी के स्वयंवर में भगवान और यमराज भी आएं थे।
ऐसे कई अन्य रहस्य भी है जो महाकाव्य महाभारत से जुड़े हुए है।



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