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Sawan Me Non Veg: सीमा हैदर सावन में बनी वेजिटेरियन, जानें श्रावण मास में क्यों नहीं खाते नॉनवेज
Sawan Month 2023: इन दिनों पकिस्तान से भारत पहुंची सीमा हैदर की चर्चा हर जगह है। अपने प्यार को पाने के लिए कोई इंसान किस हद तक जा सकता है उसकी जीती-जगती मिसाल सीमा हैदर बन गयी हैं।
उत्तर प्रदेश के रबूपुरा इलाके में अपने प्रेमी सचिन मीणा और उनके परिवार के साथ रह रही सीमा पर सावन का रंग चढ़ा नजर आ रहा है। इन दिनों वो शिवभक्ति में डूबी हुई हैं और उन्होंने नॉनवेज भी छोड़ दिया है।

पंचांग के अनुसार अभी सावन का महीना चल रहा है। इस साल अधिकमास होने की वजह से सावन लगभग दो महीनों का है। इस दौरान कई नियमों और मान्यताओं का पालन करने की सलाह दी जाती है। फ़िलहाल जानने की कोशिश करते हैं कि सावन के महीने में नॉन वेज खाने से क्यों मना किया जाता है।
सीमा हैदर बनी शिव भक्त
पाकिस्तान से आयी सीमा हैदर अपने पबजी पार्टनर और प्रेमी सचिन के घर पर रह रही हैं और साथ ही हिंदू रीति रिवाजों का पालन भी कर रही हैं। वो सुबह उठकर तुलसी जी में जल चढ़ती हैं साथ ही भगवान शिव का पूजन भी कर रही हैं। इतना ही नहीं, सीमा हैदर ने श्रावण मास के नियमों का पालन करते हुए नॉन वेज खाना भी छोड़ दिया है। वो इस पवन माह में चिकन बिरयानी, मीट और मछली नहीं खा रही हैं।
सावन में क्यों नहीं खाना चाहिए नॉनवेज
हिंदू धर्म में सावन के महीने को बहुत ही पवित्र माना जाता है। इस पूरे महीने भोलेबाबा शिवजी की पूजा का विधान है। हिंदुओं के लिए ये सबसे पवित्र महीनों में से एक है। लोग इस पूरे महीने नॉनवेज ही नहीं प्याज और लहसुन खाना भी छोड़ देते हैं। ऐसा माना जाता है कि तामसिक भोजन करने से मन में बुरे विचार आते हैं और महादेव का ध्यान लगाने में दिक्क्त होती है। सावन में मांसाहार के सेवन से पितर भी नाराज हो जाते हैं।

सावन में नॉनवेज न खाने का धार्मिक कारण
सावन का पूरा महीना भगवान शिव को समर्पित है। इस दौरान भक्त महादेव के साथ माता पार्वती और पुत्र गणेश, कार्तिकेय और उनके वाहन नंदी बैल का पूजन करते हैं। सावन भक्तों की आस्था से जुड़ा महीना है। श्रावण मास में ही तीज, जन्माष्टमी, नाग पंचमी और रक्षाबन्धन जैसे मुख्य त्योहार आते हैं। सावन का हर दिन बहुत पवित्र माना जाता है इसलिए भक्त इस दौरान मांसाहार का सेवन नहीं करते हैं।
सावन में तामसिक भोजन न करने का आयुर्वेदिक कारण
आयुर्वेद के मुताबिक अन्य महीनों की तुलना में सावन के महीने में लोगों की इम्यूनिटी सबसे कमजोर रहती है। इस दौरान नॉनवेज और मसालेदार भोजन से पाचन तंत्र पर नकारात्मक असर पड़ने की संभावना बढ़ जाती है। इन्हें पचाने में अधिक समय लगता है। यही वजह है कि श्रावण मास में हल्का और सेहतमंद भोजन खाना ही उचित रहता है।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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