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Navratri Me Onion-Garlic: जानिये लहसुन प्याज का राहू केतु से संबंध, क्यों है नवरात्रि में इसके सेवन की मनाही?
Navratri Me Onion-Garlic: शारदीय नवरात्रि प्रारंभ होने ही वाला है। 15 अक्टूबर 2023 से प्रारंभ हो कर 23 अक्टूबर तक नवरात्र रहेगा, फिर 24 अक्टूबर को विजयदशमी के साथ यह पर्व संपन्न होगा।
इस दौरान दुर्गा माता के नौ रूपों की उपासना की जाती है। भक्त व्रत करते हैं और फलाहार पर रहते हैं। सात्विक जीवनशैली अपनाई जाती है। सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि इन 9 दिनों में लहसुन प्याज का सेवन नहीं किया जाता है। क्या आप जानते हैं कि पौराणिक कथाओं के अनुसार लहसुन प्याज का सम्बन्ध राहू और केतु के साथ है? आइये आपको बताते हैं वो कथा।

जानिये लहसुन प्याज का राहू केतु से सम्बन्ध
समुद्र मंथन के समय एक तरफ देवता गण थे तो दूसरी तरफ असुर गण। दोनों मिल कर समुद्र मंथन कर रहे थे। इस दौरान अमृत कलश निकला। ये अमृत जो पी लेता वो अमर हो जाता। विष्णु ने सोचा कि असुरों ने अमृत पी लिया तो फिर बहुत बुरा होगा। इसलिए इन्होने मोहिनी का रूप धर कर सभी देवताओं को अमृत पिलाना शुरू कर दिया और असुरो को नहीं पिलाया।

लेकिन एक असुर यह माजरा समझ गया और चालाकी कर के देवताओं की पंक्ति में जाकर बैठ गया। इसने जैसे ही अमृत का सेवन किया विष्णु को पता चल गया और उन्होंने तुरंत सुदर्शन से उसके दो टुकड़े कर दिए। यही टुकड़े राहू और केतु है। ये अमर हैं और आज भी कुंडली में स्थित होकर लोगो को परेशान करते हैं।
जब विष्णु ने इनके टुकड़े किये तो रक्त की दो बूंदें धरती पर आकर गिरी। यही दो बूंदें लहसुन और प्याज के रूप में उग आयीं। इनके सेवन से तामसिक लालसा बढ़ जाती है। वासना की प्रवृति भी बढ़ जाती है। एकाग्रता कम हो जाती है और मनुष्य हिंसक होने लगता है। इसलिए ना सिर्फ नवरात्र बल्कि किसी भी व्रत में लहसुन प्याज का सेवन वर्जित है।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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