Shattila Ekadashi 2024 Upay: भगवान विष्णु संग माता लक्ष्मी का मिलेगा आशीर्वाद, षट्तिला एकादशी पर करें ये काम

Shattila Ekadashi Ke Upay: हिंदू धर्म के अनुसार माघ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को षटतिला एकादशी कहा जाता है। भगवान विष्णु के भक्तों के लिए साल की सभी एकादशी बहुत महत्वपूर्ण होती है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन स्वयं श्रीहरि प्रसन्न होकर अपने भक्तों की मनोकामना पूरी करती हैं।

ज्योतिष शास्त्र में षटतिला एकादशी के दिन के कुछ ख़ास उपाय बताए गए हैं, जिनको करने से साधक को भगवान विष्णु और माँ लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है और घर में खुशियों के साथ सुख-समृद्धि का आगमन होता है।

Shattila Ekadashi 2024 Upay: Try These Remedies for the blessings of lord Vishnu and Mata Lakshmi

Shattila Ekadashi 2024 Niyam aur Upay

1. पुराणों में बताया गया है कि जितना पुण्य कन्यादान, हजारों वर्षों की तपस्या और स्वर्ण दान करने के बाद मिलता है, उससे कहीं ज्यादा फल एकमात्र षटतिला एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति को मिल जाता है।

2. षटतिला एकादशी के दिन तिल से स्नान, तिल का उबटन लगाना, तिल से हवन, तिल से तर्पण, तिल का भोजन और तिलों का दान करने पर स्वर्ग की प्राप्ति होती है, जीवन में प्रगति के लिए इस दिन स्नान के पानी में थोड़ा-सा गंगाजल और कुछ तिल के दाने मिलाकर स्नान करें, इसके बाद साफ कपड़े पहनकर भगवान विष्णु की पूजा करें।

3. जो व्यक्ति इस दिन तिल मिले पंचामृत से भगवान विष्णु का अभिषेक करते हैं उन्हें जन्म-मरण के बंधन से मुक्ति प्राप्त होती है।

4. इस दिन तिल को कूटकर उसका उबटन बना कर लगाने से सौंदर्य में निखार आता है और त्वचा संबंधी समस्याओं से छुटकारा मिलता है।

5. इस दिन तिल के तेल को भगवान विष्णु को चढ़ाना भी लाभदायक सिद्ध

होता है। ऐसा माना जाता है कि तिल का तेल भगवान विष्णु को इस दिन अर्पित करने से घर में से बीमारी पैदा करने वाले दोष दूर हो जाते हैं।

6. जो व्यक्ति षटतिला एकादशी पर तिल से आहुति देता है उसके घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ जाता है और नकारात्मकता दूर हो जाती है।

7. इस दिन तिल का सेवन जरूर करें। भगवान विष्णु और माँ लक्ष्मी को तिल के लड्डू का भोग भी लगाएं, ऐसा करना शुभ माना जाता है। पूजा के दौरान भगवान विष्णु को पीले रंग के फल, फूल, वस्त्र और मिठाई अर्पित करें।

8. इस दिन विष्णु पुराण, विष्णु सहस्त्रनाम आदि का पाठ करें। 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः' मंत्र का अधिक से अधिक जाप करें।

9. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस दिन तिल का दान दुख, दर्द और दरिद्रता को दूर करता है। इसके अलावा इस दिन काले तिल से तर्पण करने पर पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है साथ ही शनि, राहु और केतु के दुष्प्रभाव से मुक्ति मिलती है।

10. इस दिन गौ माता को गुड़ व घास खिलाने के बाद पानी अवश्य पिलाना चाहिए, इससे पितृगण प्रसन्न होते हैं और जीवन को सुख-समृद्धि से भर देते हैं।

नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।

Story first published: Monday, February 5, 2024, 21:00 [IST]
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