Latest Updates
-
Sheetala Saptami Vrat Katha: शीतला सप्तमी के दिन जरूर पढ़ें यह व्रत कथा, मिलेगा आरोग्य का आशीर्वाद -
Sheetala Saptami 2026: कब है शीतला सप्तमी? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Sheetala Saptami 2026 Wishes: मां शीतला का आशीर्वाद...इन संदेशों के साथ अपनों को दें शीतला सप्तमी की शुभकामना -
मंगलवार को कर लें माचिस की तीली का ये गुप्त टोटका, बजरंगबली दूर करेंगे हर बाधा -
लंच में बनाएं उत्तर प्रदेश की चना दाल कढ़ी, उंगलिया चाटते रह जाएंगे घरवाले -
Gangaur Ke Geet: 'आ टीकी बहू गोराँ ने सोवै'...इन मधुर गीतों के बिना अधूरी है गौरा पूजा, यहां पढ़ें पूरे लिरिक्स -
प्रेगनेंसी के शुरुआती 3 महीनों में भूलकर भी न खाएं ये 5 चीजें, वरना बच्चे की सेहत पर पड़ेगा बुरा असर -
Viral Video: टीम इंडिया की T20 वर्ल्ड कप जीत पर पाकिस्तान में जश्न, काटा केक और गाया 'जन-गण-मन' -
कौन हैं Mahieka Sharma? जिसके प्यार में 'क्लीन बोल्ड' हुए Hardik Pandya, देखें वायरल वीडियो -
कौन हैं Aditi Hundia? T20 वर्ल्ड कप जीत के बाद Ishan Kishan के साथ डांस Video Viral
Chaitra Navratri 2020: शुरू हो रहे हैं माता के नौ शुभ दिन, जान लें घट स्थापना का शुभ मुहूर्त और विधि
भारत में नवरात्रि का पर्व बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। इस दरान माता के नौ अलग अलग रूपों को पूजा जाता है। ये पर्व भक्तों को मां के प्रति अपनी आस्था को जाहिर करने का मौका देता है। यूं तो एक वर्ष में चार बार नवरात्र पड़ते हैं जो चैत्र, आषाढ़, आश्विन और माघ महीने में आते हैं। मगर चैत्र और आश्विन माह में पड़ने वाले नवरात्र काफी लोकप्रिय हैं और इन्हें महानवरात्र भी कहा जाता है। इस वर्ष चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 25 मार्च से होने वाली है। जानते हैं इस साल चैत्र नवरात्रि पर घट स्थापना का शुभ मुहूर्त क्या है और इसकी सही पूजा विधि के बारे में।

घटस्थापना का महत्व
नवरात्र के शुरुआत में ही घट स्थापना की जाती है। ऐसी मान्यता है कि घट स्थापना करने से घर परिवार में सकारात्मकता का वास होता है और जीवन में खुशियां दस्तक देती हैं। घट स्थापना के बाद नौ दिनों तक अखंड ज्योत जलाई जाती है जो इस दौरान बुझनी नहीं चाहिए। इसकी विधि विधान से पूजा की जाती है। घट स्थापना के बाद ही भक्त उपवास का प्रण करता है और उपवास रखता है।

साल 2020 में घट स्थापना का शुभ मुहूर्त
दिन: 25 मार्च, बुधवार
समय: सुबह 6 बजकर 19 मिनट से 7 बजकर 17 मिनट तक

घट स्थापना की पूजा विधि
इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नानादि कर लें। इसके बाद साफ़ सुथरे वस्त्र धारण करके घर के मंदिर की सफाई करें। अब मंदिर में एक साफ़ चौकी बिछाएं। इसपर गंगाजल छिड़क कर इसे पवित्र कर लें। चौकी के सामने एक बर्तन में मिट्टी फैलाएं और उसमें ज्वार के बीज बो दें। अब मां दुर्गा की प्रतिमा को चौकी पर स्थापित कराएं और उनका रोली से तिलक करें। अब नारियल में भी तिलक लगाएं। मां दुर्गा को फूलों की हार पहनाएं। कलश पर स्वास्तिक बनाएं और फिर कलश स्थापना करें। इसके लिए कलश में जल, अक्षत, रोली, सुपारी, मुद्रा अर्थात सिक्का रखें और इसे लाल रंग की चुन्नी से लपेट कर रख दें।



Click it and Unblock the Notifications











