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हर रंग का आपके जीवन पर पड़ता है असर, वास्तु के अनुसार ही चुनें दीवारों का रंग
रंग सभी जगह हैं। पूरी दुनिया अलग अलग रंगों से सजी हुई है। दुनिया की खूबसूरत जगह से लेकर अभी आपके आंखों के सामने मौजूद स्क्रीन पर भी आप रंग देख रहे हैं। क्या आप जानते हैं कि इन रंगों का आपकी भावनाओं, दिमाग और सोचने की प्रक्रिया पर असर पड़ता है।
उदहारण के लिए यदि डिप्रेशन से जूझ रहा कोई व्यक्ति काले रंग से घिरा होगा तो वो कभी भी इससे उबर नहीं पायेगा या फिर डिप्रेशन से बाहर आने में उसे बहुत वक़्त लगेगा। वहीं दूसरी तरफ आप उसी व्यक्ति को हल्के और ब्राइट रंगों के बीच रखें। उसे ना सिर्फ डिप्रेशन से उबरने में मदद मिलेगी बल्कि उसके अंदर सकारात्मकता भी आएगी।
रंग कई तरीके से हमारी ज़िंदगी को प्रभावित करते हैं। इसका सीधा मतलब है कि आपको रंगों को अपने जीवन में कभी भी नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए। यही मुख्य वजह है कि वास्तु में घर को रंगने के लिए भी नियम और दिशानिर्देश दिए गए हैं। सही रंगों का चुनाव करके भी आप अपने परिवार को स्वस्थ, खुशहाल और नकारत्मकता से दूर रख सकते हैं। चलिए जानते हैं वास्तु के अनुसार हर रंग का क्या महत्व है और आपके लिए कौन सा बेस्ट है।

लाल
लाल बोल्ड कलर है। ये लस्ट, पैशन, भौतिकवाद, साहस, ड्रामा, भावुकता, आक्रामकता, गर्माहट और एनर्जी को दर्शाता है। इसकी प्रकृति सक्रिय और उत्तेजक होती है। इस वजह से कई रेस्टोरेंट्स में आप लाल रंग की दीवारें देखते हैं क्योंकि ये तेज़ भूख को दर्शाती है।
आप लाल रंग का इस्तेमाल उस जगह पर कर सकते हैं जहां गर्माहट और ऊर्जा की ज़रूरत हो। आप अपने लिविंग रूम के लिए लाल रंग के शेड्स का कॉम्बिनेशन चुन सकते हैं और फिर देखें आप कितनी ऊर्जा का अनुभव करते हैं।
जो लोग डिप्रेशन से जूझ रहे हैं और जो नर्वस हो जाते हैं, उन्हें लाल रंग नहीं चुनना चाहिए। ये उनके लिए तनावपूर्ण हो सकता है।

नीला
ये रंग आसमान और पानी का प्रतिनिधित्व करता है। नीला रंग सुंदरता, शांति, भावना, प्रेरणा, अध्यात्म, सच्चाई और दयालु भाव को दर्शाता है। ये रंग जल्दी ठीक होने और दर्द को कम करने में मदद करता है।
घर का जो हिस्सा बड़ा है वहां आप नीले रंग का इस्तेमाल कर सकते हैं। छोटे कमरों के लिए इस रंग का उपयोग ना करें। अपने घर को नीले रंग से पेंट करने के दौरान हमेशा इसका हल्का शेड चुनें। ऑफिस, दुकान या फ़ैक्ट्री में इस रंग के इस्तेमाल से परहेज़ करें।
नीले रंग का ज़्यादा इस्तेमाल करने से बचें क्योंकि इसके कारण सर्दी, खांसी और इससे जुड़ी दूसरी समस्याएं हो सकती हैं।

हरा
प्रगति, प्रकृति, सुकून, हीलिंग, उपजाऊपन, प्रचुरता, तरक़्क़ी, सकारात्मक ऊर्जा, पुनर्जन्म आदि खूबियों की नुमाइंदगी करता है हरा रंग। इसके हीलिंग प्रॉपर्टी के कारण ही ज़्यादातर अस्पतालों में इस रंग का इस्तेमाल किया जाता है।
हरे रंग की और भी खासियत है। ये गुस्से को शांत करता है और मूड को हल्का बनाता है। जिन कपल्स के रिश्ते में मनमुटाव चल रहा हो वो इस रंग का इस्तेमाल कर सकते हैं।

सफ़ेद
सफ़ेद रंग शुद्धता, साफ-सफाई, खुलापन, मासूमियत, सादगी और विलासिता को दर्शाता है। ये प्राइवेसी और इंटिमेसी के लिए भी इस्तेमाल होता है इसलिए आपको अपने पूरे घर को इस रंग में नहीं रंगवाना चाहिए। इससे आपमें अहंकार बढ़ सकता है।
हां, आप ये सुनिश्चित ज़रूर करें की पूरे घर की छत का रंग सफ़ेद हो।

पीला
पीला रंग ख़ुशी, उत्साह, सकारात्मक विचार, शुद्धता, आशावाद, खुलापन, बुद्धिमत्ता, शिक्षा, धन और एकाग्रता से जुड़ा होता है। इस रंग में ये खूबी है की ये कम जगह को भी बड़ा करके दिखा सकता है। इस वजह से इस रंग का इस्तेमाल ऐसे कमरों के लिए करें जिनका आकार ज़्यादा बड़ा नहीं है।

ऑरेंज
ऑरेंज या नारंगी रंग गौरव, दृढ़ता, लक्ष्य, कम्युनिकेशन, अच्छा स्वास्थ्य, ऊर्जा, आराम, चुस्ती और कार्य को बयां करता है।
वे लोग इस रंग का इस्तेमाल कर सकते हैं जो ज़िंदगी से निराश हैं और जो डिप्रेशन का शिकार हैं। साथ ही वो युवा जो अपने लक्ष्य को लेकर फोकस हैं और जो उसे हासिल करने के लिए कार्य करना चाहते हैं इस रंग का प्रयोग कर सकते हैं।
ध्यान रहे की इस रंग को भी आप ज़रूरत से ज़्यादा इस्तेमाल ना करें।

ब्राउन
ब्राउन या भूरा रंग संतुष्टि, समाधान, आराम, स्थिरता और पृथ्वी के तत्व को दर्शाता है। ये पुरुषों से संबंधित रंग माना जाता है लेकिन कोई भी इसका इस्तेमाल कर सकता है जो जीवन में खुश और संतुष्ट रहना चाहता है।

पर्पल
पर्पल या बैंगनी रंग विलासिता, रईसी, आत्मसम्मान और संतुलन का प्रतीक है। ये रंग उन लोगों खासतौर से उन पुरुषों के द्वारा इस्तेमाल किया जा सकता है जो हीनभावना से ग्रसित हों।

पेस्टल्स
वास्तु शास्त्र में सभी पेस्टल रंगों को अच्छा माना गया है। वास्तु शास्त्र की मानें तो दीवारों और घर की छतों पर हल्के रंग का ही इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

न्यूट्रल
न्यूट्रल रंगों को भी वास्तु शास्त्र में काफी अच्छा माना गया है। घर और इमारतों के लिए इन्हीं रंगों को वरीयता दी गयी है।



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