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हिंदू पंचांग का चौथा महीना है आषाढ़, जानें इस साल ये माह क्यों है खास
साल 2021 में जून की 25 तारीख से आषाढ़ का महीना लग चुका है। हिंदू पंचांग के अनुसार आषाढ़ चौथा महीना है। आषाढ़ का महीना अगले महीने 24 जुलाई को समाप्त होगा। यह माह कई मायनों में खास है।

धार्मिक दृष्टि से देखें तो आषाढ़ में गुप्त नवरात्र और जगन्नाथ यात्रा पड़ेगी। वहीं इसी महीने देवशयनी एकादशी के मौके पर विष्णु भगवान अगले चार महीने तक शयन के लिए चले जाते हैं। ज्येष्ठ माह की भयंकर गर्मी बाद आषाढ़ महीने में लोगों को थोड़ी राहत मिलती है। जानते हैं आषाढ़ महीने को क्यों पवित्र महीना बताया गया है और इस साल क्या खास होने वाला है।

आषाढ़ में शुभ फल के लिए करें उपासना
आषाढ़ में गुरु की उपासना फलदायी मानी गयी है। संतान प्राप्ति के इच्छुक दंपत्ति के लिए भगवान विष्णु की उपासना करना उत्तम रहता है। तपती और झुलसती गर्मी लोगों को पानी की अहमियत बताती है। इस महीने जल देव की उपासना करके उनका धन्यवाद किया जाता है। आषाढ़ माह में सूर्य देव की उपासना करने की भी मान्यता है।

आषाढ़ में रहें बीमारियों से सावधान
इस महीने में मानसून दस्तक दे देता है। वर्षा ऋतु की शुरुआत होने के कारण बीमारी और रोगों के संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है। हवा में नमी बढ़ जाने की वजह से लोगों में सर्दी, खांसी, बुखार, वायरल के अलावा मलेरिया, डेंगू के मामले भी बढ़ने लगते हैं। आषाढ़ में लोगों को अपनी सेहत का अधिक ख्याल रखने की सलाह दी जाती है।

इन बातों का रखें ख्याल
आषाढ़ में पानी से होने वाली बीमारियां जल्दी घेरती हैं इसलिए ये सुनिश्चित करें कि आप स्वच्छ जल का ही प्रयोग करें। अपनी डाइट में रसीले फलों को शामिल करें। इस महीने में बेल का सेवन करने की मनाही होती है। आप सौंफ, हींग और नींबू का सेवन जरूर करें ये आपके पाचन को दुरुस्त रखेंगी।



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