ईद-उल-अजहा 2021 : जानें भारत में कब मनाई जाएगी बकरीद और कुर्बानी के इस पर्व का क्या है महत्व

ईद-उल-अजहा यानी बकरीद का त्यौहार मुस्लिम धर्म के लोग बड़े जोश और उत्साह के साथ मनाते हैं। इस खास त्यौहार का इस्लाम में बड़ा ही महत्व है। ईद उल फितर के ठीक 70 दिन बाद बकरीद का त्यौहार आता है।

ईस्लामी कैलेंडर के 12वें और आखिरी महीने को ईद उल अजहा कहा जाता है और बकरीद का त्यौहार इसी दौरान मनाया जाता है।

क्यों मनाते हैं बकरीद?

क्यों मनाते हैं बकरीद?

इस्लाम में बकरीद की खास मान्यता है। इस दिन लोग पैगंबर हजरत इब्राहिम की कुर्बानी को याद करते हैं जो सच्चाई के लिए अपना सब कुछ कुर्बान करने को तैयार हो गए थे। कहते हैं खुदा के कहने पर वे अपने बेटे की कुर्बानी देने जा रहे थे लेकिन उनकी वफादारी और सच्चाई देख कर खुदा ने उन्हें रोक दिया था जिसके बाद उन्होंने एक बकरे की कुर्बानी दी थी।

इसी महीने में दुनिया भर के मुस्लिम हज भी करते हैं।

कैसे मनाते हैं बकरीद का त्यौहार?

कैसे मनाते हैं बकरीद का त्यौहार?

इस पर्व पर पूरी दुनिया के मुस्लिम समुदाय के लोग सबसे पहले मस्जिद में नमाज अदा करते हैं। इसके बाद बकरे की कुर्बानी दी जाती है जिसे तीन हिस्सों में बांटा जाता है। सबसे पहला हिस्सा गरीबों को दान करने के लिए निकालते हैं। उसके बाद का हिस्सा रिश्तेदारों के लिए होता है, तीसरा और आखिरी हिस्सा परिवार वालों के लिए होता है।

इस दिन गरीबों को पेट भर कर खाना खिलाया जाता है जिसे इस्लाम में खुदा की इबादत माना जाता है।

2021 में कब है ईद

2021 में कब है ईद

बकरीद का त्यौहार पहले सऊदी अरब में मनाया जाता है और अगले दिन भारत में यह पर्व मनाते हैं। इस बार भारत में ईद-उल-अजहा यानी बकरीद 21 जुलाई का मनाया जाएगा। मंगलवार 20 जुलाई से शुरू होकर यह त्यौहार बुधवार 21 जुलाई तक चलेगा।

ईद-उल-अजहा यानी बकरीद का महत्व

ईद-उल-अजहा यानी बकरीद का महत्व

कहा जाता है कि एक बार सपने में पैगंबर हजरत इब्राहिम से खुदा ने उनकी सबसे प्यारी चीज़ मांगी थी जिसके बाद उन्होंने अपने 10 साल के बेटे को कुर्बान करने का फैसला किया था। उनकी इबादत और नेकी देख कर खुदा ने उनकी प्यारी चीज़ की जगह उनसे जानवर की कुर्बानी मांगी। तब इब्राहिम ने एक बकरे की कुर्बानी दी थी। इस्लाम में इस त्यौहार को सच्चाई और त्याग का पर्व माना जाता है।

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