Latest Updates
-
Fried Onion Special Egg Do Pyaza Recipe: घर पर बनाएं रेस्टोरेंट जैसा लाजवाब स्वाद -
International Yoga Day 2026 Quotes: योग दिवस पर इन 30+ कोट्स के जरिए प्रियजनों को दें स्वस्थ रहने का संदेश -
Tandoor Style at Home Paneer Tikka Recipe: अब घर पर पाएं होटल जैसा स्मोकी स्वाद -
Yoga Day 2026 Wishes In Sanskrit: नित्यं योगाभ्यासः...इन संस्कृत संदेशों से अपनों को दें योग दिवस की बधाई -
Father's Day 2026: किसी ने छोड़ी स्मोकिंग, तो कोई निभाता है नैपी ड्यूटी, ये हैं बॉलीवुड के Super Dads -
Simple Aromatic Peas Pulao Recipe: घर पर बनाएं होटल जैसा खिला-खिला मटर पुलाव -
International Yoga Day 2026: रोजाना योग करने से मिलेंगे ये 10 जबरदस्त फायदे, तन और मन रहेगा स्वस्थ -
Jamai Sasthi 2026: दामाद की लंबी उम्र के लिए रखा जाता है व्रत, जानें जमाई षष्ठी का महत्व और मनाने का तरीका -
5 Minute Protein Masala Omelette Recipe: झटपट बनाएं होटल जैसा टेस्टी और हेल्दी नाश्ता -
Aaj Ka Rashifal 20 June 2026: शनिवार को इन 5 राशियों पर बरसेगी शनिदेव की कृपा, धन लाभ के प्रबल योग
गोपाष्टमी पूजा के लिए जानें शुभ मुहूर्त, विधि और कथा
गोपाष्टमी हर साल कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की आठवीं तिथि को मनाया जाता है। इस साल ये पर्व शुक्रवार 16 नवंबर को मनाया जाएगा। इस त्योहार पर हिंदुओं में सबसे पवित्र माने जाने वाले पशु गाय की पूजा की जाती है और उन्हें सम्मान दिया जाता है। ऐसा माना जाता है कि 33 करोड़ देवी देवताओं का वास उनके शरीर में है। ये गाय की शुद्धता और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है।

गोपाष्टमी के दिन पूजा और कई धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। इस दिन आप घर पर भी पूजा रख सकते हैं। आइये जानते हैं गोपाष्टमी पूजा की विधि, मुहूर्त और कथा के बारे में।

घर पर ऐसे करें गोपाष्टमी की पूजा
सुबह जल्दी उठ जाएं और स्नान करके गाय के चरण स्पर्श करें। आमतौर पर ये पूजा पंडित द्वारा करवाई जाती है। लेकिन आप घर पर या फिर किसी गौशाला में इसे खुद से कर सकते हैं। गाय और उसके बछड़े को नहलाएं और उसके बाद उन्हें तैयार करें। इसके लिए आप उनके गले में सुंदर मालाएं पहना सकते हैं और पैरों में भी घुंघरू आदि बांध सकते हैं।
गाय और बछड़े के माथे पर तिलक लगाएं। उनके ऊपर गंगाजल छिड़कें, उन्हें दिया दिखाएं और उन पर फूल डालें। इसके बाद दोनों को थोड़ा गुड़ खिलाएं। इस बात का ध्यान रखें, ये सब उन्हें आपने अपने दाएं हाथ से चढ़ाया हो। गुड़ के अलावा उन्हें आप फल भी दे सकते हैं। अब गाय और बछड़े के चारों और दो बार परिक्रमा करें। उसके बाद उनके सामने हाथ जोड़ें और उनसे आशीर्वाद मांगे।

दान करने के लिए है अच्छा दिन
जो लोग घर पर ये पूजा नहीं कर सकते हैं वो पास के किसी गौशाला में जा सकते हैं और इस विधि से उनका आशीर्वाद ले सकते हैं। ये दिन गाय से जुड़ा कोई भी दान करने के लिए बहुत खास माना जाता है। लोग अपने सामर्थ्य अनुसार इस दिन गाय के लिए भोजन या फिर गौशाला के लिए धन का दान देते हैं।

पहली बार श्रीकृष्ण गायों को ले गए थे चराने
एक कहानी के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण एक नन्हे ग्वाले की तरह छोटे छोटे बछड़ों को चराने के लिए बाहर ले जाया करते थे। लेकिन उन्हें गायों को चराने ले जाने की अनुमति नहीं थी। उन्हें गायों के साथ भी वक़्त बिताना बहुत भाता था। उनके थोड़ा बड़े हो जाने के बाद, जब उनके माता पिता ने उन्हें गायों को साथ ले जाने के योग्य माना तब वो पहली बार गायों को लेकर बाहर निकलें और वही दिन गोपाष्टमी के नाम से मशहूर हुआ।

राधा भी आती थीं श्रीकृष्ण के साथ
ऐसा माना जाता है कि बचपन में राधा को भी जंगलों में जाना बहुत अच्छा लगता था। लेकिन ऐसा करना उनके लिए सुरक्षति नहीं था। मगर फिर भी कई मौकों पर वो ग्वाले बने श्रीकृष्ण के साथ वन में जाया करती थीं। इस वजह से इस दिन राधा को भी पूजा जाता है।

गोवर्धन कथा को भी इस दिन किया जाता है याद
गोवर्धन पर्वत की कहानी के अनुसार भगवान श्री कृष्ण ने अपनी सबसे छोटी ऊंगली पर गोवर्धन पर्वत को सात दिनों के लिए उठा कर रखा था। गोपाष्टमी के दिन ही इंद्र देवता ने अपनी हार स्वीकार करके मूसलाधार बरसात को बंद किया था। इसी दिन इंद्र देव ने भगवान कृष्ण को गोविंदा नाम दिया था। इस वजह से गोपाष्टमी के दिन इस कथा को भी याद किया जाता है।



Click it and Unblock the Notifications