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Gudi Padwa 2023 History: क्यों मनाया जाता है गुड़ी पड़वा त्योहार, जानें इतिहास
8 मार्च से चैत्र का महीना शुरू हो चुका है और चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से ही हिन्दू नववर्ष की शुरुआत होती है। इस दिन गुड़ी पड़वा का त्यौहार और नवरात्रि के प्रथम दिन का उत्सव मनाया जाता है। गुड़ी पड़वा के त्यौहार को महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और कोंकणी क्षेत्रों में बड़ी ही धूमधाम से मनाया जाता है। इस पर्व को नई फसल के आगमन के रूप में भी मनाया जाता है। इस दिन लोग अपने घरों में गुड़ी बांधते हैं, उसकी पूजा करते हैं और विजय पताका लहराते हैं। इस दिन भगवान ब्रह्मा की भी विशेष पूजा होती है। जानते हैं गुड़ी पड़वा की तिथि, मुहूर्त, महत्व और इस पर्व का इतिहास -

गुड़ी पड़वा की तिथि एवं मुहूर्त
प्रतिपदा तिथि की शुरुआत 21 मार्च को रात 10:52 बजे शुरू होगी और 22 मार्च को रात 08:20 बजे तक समाप्त होगी। उदया तिथि को मानते हुए 22 मार्च को गुड़ी पड़वा मनाया जाएगा। गुड़ी पड़वा के दिन पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 06 बजकर 29 मिनट से 07 बजकर 39 मिनट तक एक घंटे का रहेगा।

गुड़ी पड़वा का इतिहास
गुड़ी पड़वा के साथ कई सारी धार्मिक और ऐतिहासिक मान्यताएं जुड़ी हुई हैं। माना जाता है इस दिन भगवान ब्रह्मा ने इसी दिन इस सृष्टि की रचना की थी। इसी दिन संसार में सूर्य पहली बार उदित हुए थे। इसके साथ ही पौराणिक कथा के अनुसार इसी दिन भगवान राम ने बाली का वध करके उसके आतंक से लोगों को छुटकारा दिलाया था।
इसके साथ ही गुड़ी पड़वा की तिथि से संबंधित कई ऐतिहासिक विजय गाथाओं को भी जोड़ा जाता है। मान्यतानुसार इस दिन कुम्हार पुत्र शालिवाहन ने मिट्टी से बने सैनिकों की सेना की सहायता से दुश्मनों पर विजय पाई थी जिसके बाद शालिवाहन शक की स्थापना हुई।
इसके साथ ही मान्यता है कि इस दिन छत्रपति शिवाजी ने विदेशी घुसपैठियों को अपने साहस और अपनी सेना की वीरता से हराया था और इसी दिन शिवाजी ने अपने साथियों के साथ गुड़ी पड़वा मनाया था। इन विजयी लड़ाइयों के कारण ही इस दिन घरों में विजय पताका लहराई जाती है।

अन्य मान्यताएं
मान्यता है कि इसी दिन महान ज्योतिषाचार्य और गणितज्ञ भास्कराचार्य ने सूर्योदय से सूर्यास्त तक दिन, महीने और वर्ष की गणना करते हुए पंचांग की रचना की थी। इस तिथि पर चंद्रमा के चरण का पहला दिन होता है।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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