Gudi Padwa 2021 : गुड़ी पड़वा के दिन करें इस मंत्र का जाप, पूरे वर्ष घर में रहेगा सुख समृद्धि का वास

सनातन धर्म में चैत्र महीने की बहुत महत्ता है। ये माह कई मायनों में ख़ास माना गया है। चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि दक्षिण भारत में उगादी के तौर पर मनायी जाती है तो वहीं महाराष्ट्र में ये दिन गुड़ी पड़वा के नाम से मनाया जाता है। इस पर्व को हिंदू धर्म के नए वर्ष के आगाज के रूप में मनाया जाता है। ऐसी मान्यता है कि चैत्र माह की प्रतिपदा को ही बह्मा जी ने सृष्टि का निर्णाण किया था। इस दिन से चैत्र नवरात्र की भी शुरुआत होती है जिसमें मां दुर्गा के नौ स्वरूपों को पूजा जाता है। इस लेख में जानते हैं नए साल के इस उत्सव में किस मंत्र के जाप से शुभ फल की प्राप्ति हो सकती है।

गुड़ी पड़वा के दिन इस मंत्र से मिलेगा लाभ

गुड़ी पड़वा के दिन इस मंत्र से मिलेगा लाभ

गुड़ी पड़वा के दिन ब्रह्माजी की विशेष पूजा की जाती है। इस दिन गणेशाम्बिका पूजन के पश्चात्‌ 'ॐ ब्रह्मणे नमः' मंत्र से ब्रह्माजी का आवाहनादि षोडशोपचार पूजन करें। आने वाला वर्ष आपके लिए शुभ हो इसकी प्रार्थना करें - 'भगवंस्त्वत्प्रसादेन वर्ष क्षेममिहास्तु में। संवत्सरोपसर्गा मे विलयं यान्त्वशेषतः।'

पूजा के पश्चात् अपने सामर्थ्य अनुसार ब्राह्मणों को भोजन कराएं और दानकर्म करें। इस दिन पंचांग श्रवण किया जाता है।

गुड़ी पड़वा शुभ मुहूर्त-

गुड़ी पड़वा शुभ मुहूर्त-

गुड़ी पड़वा तिथि- 13 अप्रैल 2021

प्रतिपदा तिथि प्रारंभ- 12 अप्रैल 2021 दिन सोमवार की सुबह 08 बजे से।

प्रतिपदा तिथि समापन- 13 अप्रैल 2021 दिन मंगलवार की सुबह 10 बजकर 16 मिनट तक।

गुड़ी पड़वा से जुड़ी कथाएं

गुड़ी पड़वा से जुड़ी कथाएं

गुड़ी पड़वा काफी लोकप्रिय त्योहार है। कहा जाता है कि इस दिन भगवन राम अयोध्या वापस लौटे थे और उनका राज्याभिषेक हुआ था। महाभारत काल में इसी शुभ दिन पर युधिष्ठिर का भी राज्याभिषेक हुआ था। ये भी माना जाता है कि इसी दिन से सतयुग की शुरुआत हुई थी। ब्रह्मा ने इसी दिन ब्रह्मांड का निर्माण किया था और जीवन की शुरुआत की थी। इसी दिन भगवान विष्णु ने मत्स्य अवतार लिया था।

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