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हिन्दू कैलेंडर के अनुसार चैत्र मास की पूर्णिमा की तिथि को हनुमान जयंती का शुभ अवसर होता है। इस तिथि को संकटमोचन हनुमान जी का जन्म उत्सव मनाया जाता है। इस दिन हनुमान जी की पूरी श्रद्धा और विधि विधान से पूजा और व्रत किया जाता है।
इस वर्ष हनुमान जयंती का पर्व 6 अप्रैल को मनाया जायेगा। श्री विष्णु के राम अवतार के समय सहयोग के लिए रुद्रावतार हनुमान जी का जन्म हुआ था। हनुमान जयंती के दिन उनके मंत्रों, दोहों और आरती के पाठन से हनुमान जी प्रसन्न होते हैं। चलिए जानते हैं इस दिन के शुभ मुहूर्त और पूजा संबंधी विधि विधानों के बारें में।

तिथि एवं शुभ मुहूर्त
चैत्र माह की पूर्णिमा तिथि 16 अप्रैल की रात 2 बजकर 25 मिनट में शुरू होगी जो 17 अप्रैल की दोपहर 12 बजकर 24 मिनट तक चलेगी। 16 अप्रैल की सुबह 5:55 बजे से लेकर 8.40 बजे तक रवि योग भी रहने वाला है। इस रवि योग के दौरान हनुमान जी की पूजा करना बेहद शुभ माना जाता है। इस दिन सुबह 8.40 तक हस्त नक्षत्र रहने वाला है उसके बाद चित्रा नक्षत्र आरंभ हो जाएगा।

पूजन विधि
हनुमान जयंती की पूर्व रात्रि को ज़मीन पर सोना चाहिए। सोने से पहले भगवान राम, माता सीता और भगवान हनुमान जी का ध्यान लगाना चाहिए। जयंती वाले दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करके गंगाजल हाथ में लेकर व्रत का संकल्प करें। पूर्व दिशा में हनुमान जी की मूर्ति की स्थापना करें और उनका अच्छे से श्रृंगार करके उनकी पूरी विधि विधान से पूजा करें। मंत्रोच्चारण के बाद हनुमान जी का ध्यान लगाएं। इस दिन मंदिर में जाकर हनुमान जी के सामने दिया जलाएं और 11 बार हनुमान चालीसा का पाठ करें।

हनुमान मंत्र या दोहे
-।। ॐ नमो हनुमते रूद्रावताराय सर्वशत्रुसंहारणाय सर्वरोग हराय सर्ववशीकरणाय रामदूताय स्वाहा ।।
-ॐ महाबलाय वीराय चिरंजिवीन उद्दते ।
हारिणे वज्र देहाय चोलंग्घितमहाव्यये ।।
-नासै रोग हरै सब पीरा।
जपत निरन्तर हनुमत बीरा।

विशेष उपाय
हनुमान जयंती के दिन भगवान की मूर्ति पर तेल और सिन्दूर का लेप लगाएं। इसके बाद घर के मुख्य द्वार और बाकी के सभी दरवाज़ों पर स्वस्तिक का चिन्ह बनाएं ताकि घर में नकारात्मक शक्तियों का प्रवेश न हो।
हनुमान जी को 11 पीपल के पत्तों पर नारंगी और सिंदूर से राम-राम लिखकर चढ़ा दें, इससे करियर और नौकरी में आ रही समस्याएं दूर होंगी।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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