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इस विधि से करें हरियाली तीज की पूजा
हरियाली तीज के दिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और स्वस्थ जीवन की कामना हेतु व्रत एंव पूजन करती हैं। ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार इस साल हरियाली तीज का पर्व 26 जुलाई को मनाया जा रहा है।
वहीं हिंदू चंद्र-सौर पंचांग के अनुसार श्रावण मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया को हरियाली तीज का त्योहार मनाया जाता है। मॉनसून की शुरुआत की खुशी में ये पर्व मनाया जाता है।

हरियाली शब्द का अर्थ है हरा-भरा एवं मॉनसून के आने पर हर तरफ हरियाली ही फैल जाती है। इस दिन महिलाएं सुंदर वस्त्र और गहने पहनकर पारंपरिक लोग गीत गाती और नाचती हैं। इस दिन को बड़े हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाता है।

इसके अलावा हरियाली तीज के ही दिन माता पार्वती को भगवान शिव पति के रूप में प्राप्त हुए थे। वहीं इस दिन को भगवान कृष्ण और राधा के प्रेम के प्रतीक के रूप में भी मनाया जाता है। हरियाली तीज के दिन महिलाएं पूजा-अर्चना भी करती हैं।
कई जगहों पर महिलाएं हरियाली तीज के दिन चंद्र देव की पूजा भी करती हैं। ये तीन तीज त्योहारों में से एक है। अब हम आपको बताते हैं हरियाली तीज की पूजा के लिए आपको किन चीज़ों की जरूरत पड़ेगी।

हरियाली तीज की पूजा के लिए आवश्यक सामग्री :
- काली गीली मिट्टी
- बेल पत्र
- शमी के पत्ते
- केले के पत्ते
- धतूरे का फल और पत्ते
- अंकव पेड़ के पत्ते
- तुलसी के पत्त
- जनैव
- नाद/धागा
- नए वस्त्र
- फुलेरा और फलों से बनी छतरी

माता पार्वती के श्रृंगार के लिए आवश्यक चीज़ें :
- मेहंदी
- चूडियां
- बिछुआ
- खोल
- सिंदूर
- कुमकुम
- कंघी
- महौर
- सुहाग पूड़ा और सुहागिन के श्रृंगार की चीज़ें
- श्रीफल
- कलश
- अबीर
- चंदन
- तेल और घी
- कपूर
- दही
- चीनी
- शहद
- दूध
- पंचामृत
संकल्प
पूजा के लिए संकल्प लें और इस मंत्र का जाप करें :
उमामहेश्वरसायुज्य सिद्धये हरितालिका व्रतमहं करिष्ये
मूर्ति बनाएं और पूजन की शुरुआत करें :
हरियाली तीज की पूजा शाम के समय की जाती है। जब दिन और रात मिलते हैं तो उस समय को प्रदोष कहते हैं। इस समय स्वच्छ वस्त्र धारण कर पवित्र होकर पूजा करें।
अब भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश की मूर्ति बनाएं। परंपरा के अनुसार ये मूर्तियां स्वर्ण की बनी होनी चाहिए लेकिन आप काली मिट्टी से अपने हाथों से ये मूर्तियां बना सकती हैं।
- सुहाग श्रृंगार की चीज़ों को सजाएं और माता पार्वती को इन्हें अर्पित करें।
- अब भगवान शिव को वस्त्र भेंट करें।
- आप सुहाग श्रृंगार की चीज़ें और वस्त्र किसी ब्राह्मण को दान कर सकते हैं।
- इसके पश्चा्त पूरी श्रद्धा के साथ हरियाली तीज की कथा सुने या पढ़ें।
- कथा पढ़ने के बाद भगवान गणेश की आरती करें। इसके बाद भगवान शिव और फिर माता पार्वती की आरती करें।
- तीनों देवी-देवताओं की मूर्तियों की परिक्रमा करें और पूरे मन से प्रार्थना करें।
- पूरी रात मन में पवित्र विचार रखें और ईश्वर की भक्तिे करें। इस पूरी रात आपको जागना है।
- अगले दिन सुबह भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश की पूजा करें और माता पार्वती को सिंदूर अर्पित करें।
- भगवान को खीरे और हल्वे का भोग लगाएं। खीरे से अपना व्रत खोलें।
- ये सभी रीति पूर्ण होने के बाद इन सभी चीज़ों को किसी पवित्र नदी या तालाब में प्रवाहित कर दें।



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