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नवरात्रि में क्यों की जाती है कन्या पूजा, जानिए इसके कारण और फायदे
नवरात्रि में दुर्गा मां के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। 9 दिनों तक हमारे यहां व्रत भी रखे जाते है और कई मान्यताओं को माना जाता है। हिंदू धर्म ग्रथों में नवरात्रि के दौरान कन्या पूजन का भी एक अलग महत्व है।
3 से 9 साल तक की कन्याओं का पूजन अष्टमी और नवमीं के दिन करने की परंपरा है।
लेकिन क्या आप लोग जानते है कि नवरात्रि के दौरान सिर्फ छोटी बच्चियों की ही पूजा क्यों होती है और इसके क्या महत्व है। आइए जानते है इस आर्टिकल में....

3 वर्ष की कन्या पूजा से लाभ
सबसे छोटी कन्या अर्थात् 3 वर्ष की कन्या को कौमारी कहा जाता है। इनकी पूजा करने से आपकी दरिद्रता हमेशा के लिए समाप्त हो जाती है।


4 वर्ष की कन्या पूजा
ऐसी मान्यता है कि 4 वर्ष की कन्या त्रिमूर्ति होती है। त्रिमूर्ति के पूजन करने से आपके घर में धन का आगमन होगा और आप संपंन्न हो जाएंगें

5 वर्ष की कन्या पूजा
ऐसी मान्यता है कि 5 वर्ष की कन्या कल्याणी का रूप होती है और इसकी पूजा करने से सुख और समृद्धि का आगमन होता है।

6 वर्ष की कन्या पूजा
रोहणी के नाम से मानी जाने वाली 6 वर्ष की कन्या की पूजा करने से पूजन करने वाला और करवाने वाला व्यक्ति रोग से मुक्त हो जाता है

7 वर्ष की कन्या पूजा
ऐसी मान्यता है कि 7 वर्ष की बालिका चण्डिका का रूप होती है और उसके पूजन से आपको ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है।

8 वर्ष की कन्या पूजा
8 वर्ष की बालिका का पूजन करने से इसे शाम्भावी की पूजा माना जाता है। ऐसा करने से आपको लोकप्रियता मिलती है।

9 वर्ष की कन्या पूजा
9 वर्ष की कन्या को मां दुर्गा का रूप माना जाता है और इसकी पूजा करने से आपको शत्रुओं पर विजय मिलती है और ऐसे काम हो जाते है जो बहुत समय से रुके हुए थे।



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