Latest Updates
-
World No Tobacco Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व तंबाकू निषेध दिवस? जानें इस दिन का इतिहास, महत्व और थीम -
Bihari Breakfast Special Dahi Chura Recipe: पारंपरिक स्वाद के साथ झटपट तैयार करें -
Aaj Ka Rashifal 31 May 2026: रविवार को इन 4 राशियों पर बरसेगी सूर्य देव की कृपा, धन लाभ के साथ चमकेगा भाग्य -
Light Digestive Lauki Sabzi Recipe: कम मसालों में बनाएं सेहतमंद और स्वादिष्ट सब्जी -
Param Ekadashi 2026: 10 या 11 जून, कब है परम एकादशी? नोट करें सही डेट और पारण का समय -
माचा नहीं हल्दी, केल नहीं मोरिंगा: विदेशी सुपरफूड्स से कहीं ज्यादा ताकतवर हैं भारत के ये 5 देसी खजाने -
आप भी तो नहीं खा रहे केमिकल से पके आम? ऐसे करें असली-नकली की पहचान, जानें सेहत को होने वाले नुकसान -
Silao Style Crispy Khaja Recipe: घर पर बनाएं बिहार की मशहूर परतदार मिठाई -
Electricity Price Hike: यूपी की जनता को झटका! 10% बढ़ा फ्यूल सरचार्ज, जानें कम बिल लाने के 5 अचूक उपाय -
Guru Gochar 2026: 2 जून को कर्क राशि में प्रवेश करेंगे देवगुरु बृहस्पति, ये 4 राशियां होने वाली हैं अमीर
Lohri 2022: लोहड़ी पर्व के साथ जुड़ी है जांबाज दुल्ला भट्टी की कहानी
लोहड़ी हिंदुओं के प्रमुख त्योहारों में से एक है। उत्तर भारत खासतौर से पंजाब और हरियाणा में लोहड़ी उत्सव बड़ी ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है। मगर अब देश तथा विदेशों में भी इसका जश्न देखते ही बनता है।

हर साल मकर संक्रांति से एक दिन पहले लोहड़ी उत्सव मनाया जाता है। लोहड़ी के मौके पर दोस्त-परिवार मिलते हैं और खुले आसमान के नीचे आग जलाते हैं। ढोल-नगाड़ों के साथ आग के चारों तरफ नाचते गाते हैं और दुल्ला भट्टी की कहानी सुनाई जाती है। लोहड़ी के मौके पर सुनाई जाने वाली दुल्ला भट्टी की कहानी के बारे में जानें।

लोहड़ी पर्व जुड़ी परंपराएं
लोहड़ी का दिन अपने पड़ोसियों, दोस्तों, रिश्तेदारों से मिलने का अवसर लेकर आता है। लोहड़ी की शाम को अग्नि जलाकर उसमें तिल, गुड़, गजक, रेवड़ी और मूंगफली चढ़ाई जाती हैं। वहीं इसके बाद सभी लोग अग्नि के गोल-गोल चक्कर लगाते हुए सुंदरिए-मुंदरिए हो, ओ आ गई लोहड़ी वे, जैसे पारंपरिक गीत गाते हुए ढोल-नगाड़ों के साथ नाचते-गाते इस पावन पर्व को उल्लास के साथ मनाते हैं।

नए दंपत्तियों के लिए लोहड़ी होती है खास
नवविवाहित दंपत्तियों के लिए लोहड़ी का पर्व बहुत खास होता है। जिन महिलाओं की हाल-फिलहाल में शादी होती है वो इस दिन ख़ास तैयारी करती हैं। लोहड़ी पर्व के लिए वो दुल्हन की तरह श्रृंगार करती हैं। परिवार के साथ लोहड़ी का पर्व मनाया जाता और घर के बड़े सदस्यों का आशीर्वाद लेती हैं।

दुल्ला भट्टी की कहानी
लोहड़ी पर्व के साथ दुल्ला भट्टी की एक कहानी काफी प्रचलित है। लोहड़ी के सभी गाने भी दुल्ला भट्टी से ही जुड़े हैं।
दुल्ला भट्टी भारत के मध्यकाल का एक वीर था और ये मुगल शासक अकबर के समय में पंजाब में रहता था। उसे पंजाब के नायक के रूप में भी याद किया जाता है।
कहानी के अनुसार उस समय लड़कियों को गुलामी के लिए बलपूर्वक अमीर लोगों को बेचा जाता था। दुल्ला भट्टी ने एक योजना के तहत लड़कियों को न सिर्फ मुक्त करवाया बल्कि उनकी शादी हिंदू लड़कों से भी करवाई। उनकी शादी का सारा इंतजाम भी उन्होंने खुद ही किया।
लोहड़ी के मौके पर दुल्ला भट्टी की बहादुरी की कहानी बच्चे बच्चे को सुनाई जाती है और उन्हें याद किया जाता है।



Click it and Unblock the Notifications