Latest Updates
-
IND vs SL 2nd Test: कोलंबो में सीरीज जीत की दहलीज पर भारत, बारिश और पिच का क्या है हाल? -
Varalakshmi Vrat Katha: वरलक्ष्मी व्रत के दिन जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, धन से जुड़ी बाधाएं होंगी दूर -
Varalakshmi Vrat 2026 Wishes: मां लक्ष्मी का आशीर्वाद...वरलक्ष्मी व्रत पर प्रियजनों को भेजें ये शुभकामना संदेश -
Rakhi Gift Ideas For Sister: इस रक्षाबंधन बहन को दें ये 7 प्यार भरे तोहफे, देखते ही खुशी से झूम उठेगी -
World Mosquito Day 2026: मच्छरों के काटने से हो सकती हैं ये खतरनाक बीमारियां, बचाव के लिए अपनाएं ये घरेलू उपाय -
पुरूषों को स्पर्म काउंट बढ़ाने के लिए खानी चाहिए ये 7 चीजें, फर्टिलिटी में होगा सुधार -
घर में अचानक कॉकरोच निकलना शुभ या अशुभ? जानें ज्योतिष और वास्तु के संकेत -
40 की उम्र में भी नजर आएंगी 20 की, हेल्दी और ग्लोइंग स्किन के लिए डाइट में शामिल करें ये 7 फूड्स -
September Travel Destinations: सितंबर में घूमने के लिए बेस्ट हैं ये भारत की ये 7 खूबसूरत जगहें, मिलेगा यादगार -
World Photography Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व फोटोग्राफी दिवस? जानें इस दिन का इतिहास, महत्व और थीम
Penumbral Lunar Eclipse: 5 जून को है साल का दूसरा चंद्र ग्रहण, जानें इस दौरान सूतक काल लगेगा या नहीं
ज्योतिष जानकारों और पंचांग के मुताबिक साल 2020 में चार चंद्र ग्रहण लगेंगे। पहले चंद्र ग्रहण की तिथि 10 जनवरी, दूसरे की 5 जून, तीसरे की 5 जुलाई और चौथे चंद्र ग्रहण की तारीख 30 नवंबर बताई गयी है।

इतना ही नहीं, इस साल लगभग एक महीने में तीन तीन ग्रहण का सामना करना होगा। 5 जून को लगने वाले चंद्र ग्रहण के बाद 21 जून को सूर्य ग्रहण लगेगा। इसके बाद 5 जुलाई को फिर से चंद्र ग्रहण लगेगा जो साल का तीसरा चंद्र ग्रहण होगा। इस लेख के माध्यम से जानते हैं कि 5 जून को लगने वाले चंद्र ग्रहण में सूतक काल होगा या नहीं, साथ ही जानते हैं इस दिन किस तरह की सावधानियां बरतने की जरुरत है।

5 जून को लगने वाले चंद्रग्रहण का समय
5 जून की रात 11 बजकर 15 मिनट पर चंद्र ग्रहण शुरू हो जाएगा जो 6 जून को 2 बजकर 34 मिनट तक रहेगा। जून का यह चंद्र ग्रहण वृश्चिक राशि और ज्येष्ठ नक्षत्र में लग रहा है। इस रात 12 बजकर 54 मिनट पर पूर्ण चंद्रग्रहण होगा। इस ग्रहण की कुल अवधि 3 घंटे 15 मिनट होगी।

क्या 5 जून को लगेगा सूतक?
ज्योतिष के विद्वानों के मुताबिक 5 जून को लगने वाले चंद्र ग्रहण को 'मांद्य चन्द्र ग्रहण' कहा गया है। मांद्य का अर्थ होता है न्यूनतम। इसे उपछाया ग्रहण भी कहा गया है इसलिए इसमें सूतक नहीं माना जाएगा। इस चंद्रग्रहण के सूतक काल को लेकर आपको ज्यादा चिंता करने की जरुरत नहीं है।

ग्रहण के दौरान रखें इन बातों का ख्याल
ग्रहण शुरू होने से लेकर उसके समाप्त हो जाने तक कोई भी नया काम शुरू न करें।
ग्रहण के समय तुलसी को छूना शुभ नहीं माना जाता है।
ग्रहण के दौरान उपवास रख लें। अपने खाने पीने की वस्तुओं में तुलसी के पत्ते ग्रहण के पहले ही डाल लें।
ग्रहण के समय गर्भवती महिलाएं घर से बाहर न निकलें और साथ ही धारदार औजारों का इस्तेमाल न करे।



Click it and Unblock the Notifications