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Penumbral Lunar Eclipse: 5 जून को है साल का दूसरा चंद्र ग्रहण, जानें इस दौरान सूतक काल लगेगा या नहीं
ज्योतिष जानकारों और पंचांग के मुताबिक साल 2020 में चार चंद्र ग्रहण लगेंगे। पहले चंद्र ग्रहण की तिथि 10 जनवरी, दूसरे की 5 जून, तीसरे की 5 जुलाई और चौथे चंद्र ग्रहण की तारीख 30 नवंबर बताई गयी है।

इतना ही नहीं, इस साल लगभग एक महीने में तीन तीन ग्रहण का सामना करना होगा। 5 जून को लगने वाले चंद्र ग्रहण के बाद 21 जून को सूर्य ग्रहण लगेगा। इसके बाद 5 जुलाई को फिर से चंद्र ग्रहण लगेगा जो साल का तीसरा चंद्र ग्रहण होगा। इस लेख के माध्यम से जानते हैं कि 5 जून को लगने वाले चंद्र ग्रहण में सूतक काल होगा या नहीं, साथ ही जानते हैं इस दिन किस तरह की सावधानियां बरतने की जरुरत है।

5 जून को लगने वाले चंद्रग्रहण का समय
5 जून की रात 11 बजकर 15 मिनट पर चंद्र ग्रहण शुरू हो जाएगा जो 6 जून को 2 बजकर 34 मिनट तक रहेगा। जून का यह चंद्र ग्रहण वृश्चिक राशि और ज्येष्ठ नक्षत्र में लग रहा है। इस रात 12 बजकर 54 मिनट पर पूर्ण चंद्रग्रहण होगा। इस ग्रहण की कुल अवधि 3 घंटे 15 मिनट होगी।

क्या 5 जून को लगेगा सूतक?
ज्योतिष के विद्वानों के मुताबिक 5 जून को लगने वाले चंद्र ग्रहण को 'मांद्य चन्द्र ग्रहण' कहा गया है। मांद्य का अर्थ होता है न्यूनतम। इसे उपछाया ग्रहण भी कहा गया है इसलिए इसमें सूतक नहीं माना जाएगा। इस चंद्रग्रहण के सूतक काल को लेकर आपको ज्यादा चिंता करने की जरुरत नहीं है।

ग्रहण के दौरान रखें इन बातों का ख्याल
ग्रहण शुरू होने से लेकर उसके समाप्त हो जाने तक कोई भी नया काम शुरू न करें।
ग्रहण के समय तुलसी को छूना शुभ नहीं माना जाता है।
ग्रहण के दौरान उपवास रख लें। अपने खाने पीने की वस्तुओं में तुलसी के पत्ते ग्रहण के पहले ही डाल लें।
ग्रहण के समय गर्भवती महिलाएं घर से बाहर न निकलें और साथ ही धारदार औजारों का इस्तेमाल न करे।



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